AIN NEWS 1 | भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंक उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब यदि बैंक का कोई कर्मचारी आपकी समस्या को अनदेखा करता है या समय पर समाधान नहीं देता, तो आप सीधे RBI के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह पहल ग्राहकों को न केवल अधिकार देती है बल्कि उन्हें बैंकिंग व्यवस्था में आत्मविश्वास और पारदर्शिता भी प्रदान करती है।
अक्सर ऐसा देखा गया है कि बैंक ग्राहक जब किसी समस्या को लेकर शाखा में जाते हैं, तो उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ता है। कई बार शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता या फिर महीनों तक जवाब नहीं मिलता। ऐसे में RBI ने ग्राहकों को ऐसा सिस्टम दिया है जिससे वे सीधे उच्च स्तर पर अपनी बात रख सकें।
RBI का नया नियम क्या कहता है?
RBI ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्राहक की शिकायतों का समाधान एक निर्धारित समय सीमा के भीतर करना अनिवार्य है। यदि कोई शाखा या उसका कर्मचारी समय पर प्रतिक्रिया नहीं देता या व्यवहार असंतोषजनक रहता है, तो अब ग्राहक खुद को असहाय महसूस न करें। उनके पास अधिकार है कि वे RBI के Complaint Management System (CMS) या बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
कैसे करें शिकायत दर्ज? आसान तरीके:
1. पहला कदम: बैंक से संपर्क
किसी भी समस्या की शुरुआत में आपको सबसे पहले अपनी बैंक शाखा या बैंक के कस्टमर केयर/ग्रिवांस सेल से संपर्क करना चाहिए। यहां आपकी शिकायत का निवारण 7–30 दिनों के अंदर किया जाना चाहिए।
2. RBI CMS पोर्टल से शिकायत करें
यदि बैंक आपकी शिकायत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता या समाधान से आप असंतुष्ट हैं, तो आप RBI के Complaint Management System के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए वेबसाइट है:
🔗 https://cms.rbi.org.in
यह पोर्टल 24×7 उपलब्ध है और आप यहां अपनी शिकायत को ट्रैक भी कर सकते हैं।
3. बैंकिंग लोकपाल के पास शिकायत
अगर आपकी शिकायत गंभीर है या समाधान नहीं मिला है, तो आप बैंकिंग लोकपाल के पास जा सकते हैं। यह एक स्वतंत्र संस्था है जो बैंक से जुड़े विवादों को निःशुल्क सुलझाती है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें आपको किसी वकील की जरूरत नहीं होती।
किन मामलों में की जा सकती है शिकायत?
RBI की यह सुविधा बहुत सारे मामलों को कवर करती है, जैसे:
-
खाते में बिना वजह शुल्क कट जाना
-
लेन-देन में गड़बड़ी या ट्रांजैक्शन फेल होना
-
लोन या EMI से जुड़ी समस्याएं
-
बैंक स्टाफ द्वारा दुर्व्यवहार या गलत जानकारी देना
-
डेबिट/क्रेडिट कार्ड से संबंधित दिक्कतें
-
डिजिटल पेमेंट कटने के बावजूद सेवा न मिलना
शिकायत के समाधान की समय सीमा
RBI के अनुसार बैंक को ग्राहक की शिकायत का समाधान अधिकतम 30 दिनों के अंदर करना होगा। यदि तय समय के भीतर समाधान नहीं मिलता, तो ग्राहक RBI CMS या लोकपाल से संपर्क कर सकता है।
RBI का उद्देश्य क्या है?
इस पूरी व्यवस्था के पीछे RBI का उद्देश्य साफ है — बैंकिंग प्रणाली को ग्राहक-केंद्रित बनाना। बैंक में बैठा हर कर्मचारी जिम्मेदार रहे और ग्राहक की बात को गंभीरता से सुने, इसके लिए यह कदम जरूरी था।
RBI का मानना है कि बैंकिंग सेवा सिर्फ पैसा ट्रांसफर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक भरोसे का माध्यम है। यदि उस भरोसे को चोट पहुंचती है, तो ग्राहक के पास न्याय का विकल्प होना चाहिए।
ग्राहकों के लिए फायदे
-
अब बैंक में बैठा कोई भी कर्मचारी आपकी शिकायत को नजरअंदाज नहीं कर सकता।
-
ग्राहक बिना किसी एजेंट या वकील के सीधे RBI तक अपनी आवाज पहुंचा सकता है।
-
यह पूरी प्रक्रिया फ्री है, यानी कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
-
ऑनलाइन सिस्टम होने के कारण शिकायत दर्ज करने और ट्रैक करने में सुविधा रहती है।
-
यदि बैंक दोषी पाया जाता है तो ग्राहक को मुआवजा भी मिल सकता है।
आज के डिजिटल युग में बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल हर व्यक्ति करता है, लेकिन जब कोई समस्या आती है और बैंक उसकी अनदेखी करता है, तो ग्राहक खुद को असहाय महसूस करता है। अब ऐसा नहीं होगा।
RBI ने जो अधिकार ग्राहकों को दिए हैं, वे न केवल बैंक कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हैं बल्कि ग्राहकों को न्याय दिलाने का भरोसा भी देते हैं। यदि कभी भी आपके साथ बैंक में अनुचित व्यवहार होता है या समस्या का समाधान नहीं मिलता है, तो घबराइए मत — दस्तावेज़ संभालिए और RBI के पोर्टल पर शिकायत दर्ज करिए।
यह प्रणाली बताती है कि अब ग्राहक केवल सेवाएं लेने वाले नहीं, बल्कि एक सशक्त भागीदार हैं, जिनकी आवाज का महत्व है।
The Reserve Bank of India (RBI) has introduced a powerful redressal mechanism for customers facing unresolved issues with banks. If a bank employee ignores your concern or fails to provide timely assistance, you can now file a complaint through the RBI Complaint Management System (CMS) or approach the Banking Ombudsman. This process is free, secure, and ensures customer-centric resolution of grievances related to accounts, loans, card issues, and digital transactions. This move enhances accountability and transparency in India’s banking ecosystem.


















