AIN NEWS 1 | डिजिटल पेमेंट की तेज़ रफ्तार वाली दुनिया में भी चेक का महत्व कम नहीं हुआ है। बड़े लेन-देन, किराया, व्यापारिक भुगतान या लोन चुकाने जैसे मामलों में चेक आज भी भरोसेमंद और कानूनी रूप से मजबूत माध्यम माना जाता है। लेकिन जब चेक बाउंस होता है, तो इसका असर केवल आर्थिक नहीं बल्कि भरोसे पर भी पड़ता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए चेक बाउंस से जुड़ी नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। इनका उद्देश्य है—समय पर जानकारी देना, धोखाधड़ी रोकना और ईमानदार भुगतानकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान करना।
1. 24 घंटे में अलर्ट – SMS और ईमेल दोनों से
अब अगर आपका चेक बाउंस होता है, तो बैंक को 24 घंटे के भीतर आपको SMS और ईमेल भेजना अनिवार्य होगा।
पहले कई बार यह जानकारी देर से मिलती थी, जिससे आगे की कार्रवाई में समय बर्बाद होता था। अब यह समस्या खत्म होगी, और आप तुरंत अगला कदम उठा पाएंगे।
2. जानबूझकर चेक बाउंस पर कड़ी सज़ा
अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर खाते में बैलेंस न रखकर चेक जारी करता है, तो उसे पहले से ज्यादा सख्त सज़ा का सामना करना पड़ेगा।
पहले अधिकतम सज़ा 1 साल थी, अब यह बढ़कर 2 साल हो गई है।
साथ ही, भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा ताकि लोग चेक का गलत इस्तेमाल न करें।
3. बार-बार गलती करने वालों पर बैंक की कार्रवाई
यदि किसी खाते से लगातार 2-3 बार चेक बाउंस होता है, तो बैंक उस व्यक्ति की चेकबुक सुविधा बंद कर सकता है।
ऐसे लोगों को भविष्य में केवल डिजिटल पेमेंट करने की ही अनुमति मिलेगी। इसका मकसद है—बार-बार दूसरों का समय और पैसा बर्बाद करने वालों पर रोक लगाना।
4. बड़े चेक के लिए पॉज़िटिव पे सिस्टम अनिवार्य
₹5 लाख से अधिक के चेक के लिए अब पॉज़िटिव पे सिस्टम जरूरी होगा।
इसमें चेक जारी करने से पहले आपको बैंक को इसकी जानकारी देनी होगी—राशि, तारीख और लाभार्थी का नाम।
इससे चेक में छेड़छाड़ और धोखाधड़ी की संभावना काफी कम हो जाएगी।
5. आसान ऑनलाइन शिकायत प्रक्रिया
अब पीड़ित पक्ष को कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
RBI ने एक ऑनलाइन शिकायत पोर्टल का प्रावधान किया है, जहां आप आसानी से शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
लक्ष्य है कि ऐसे मामलों का निपटारा 6 महीने के भीतर किया जाए, ताकि दोनों पक्षों को जल्दी राहत मिल सके।
6. बैंक की गलती पर ग्राहक सुरक्षित
अगर चेक बाउंस होने का कारण बैंक की तकनीकी खराबी या सिस्टम फेलियर है, तो ग्राहक से कोई पेनल्टी नहीं ली जाएगी।
इससे ईमानदार लोगों को गलत तरीके से सज़ा मिलने से बचाया जाएगा।
चेक जारी करने से पहले ध्यान रखें ये बातें
खाते में पर्याप्त बैलेंस होना चाहिए।
बड़े चेक (₹5 लाख से अधिक) के लिए पॉज़िटिव पे डिटेल बैंक में अपडेट करें।
अपने बैंक खाते में मोबाइल नंबर और ईमेल हमेशा अपडेट रखें।
बार-बार चेक बाउंस होने से बचें, वरना चेकबुक सुविधा बंद हो सकती है।
नए नियमों का असर
RBI के ये नए नियम बैंकिंग को और पारदर्शी और सुरक्षित बनाएंगे।
ईमानदार भुगतानकर्ताओं को सुरक्षा मिलेगी।
धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी।
जानबूझकर चेक बाउंस करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
इससे न केवल बैंकिंग सिस्टम में भरोसा बढ़ेगा, बल्कि व्यवसायिक और व्यक्तिगत दोनों लेन-देन में समय की बचत और विवादों में कमी आएगी।
The Reserve Bank of India (RBI) has implemented new cheque bounce rules to strengthen payment security and prevent fraud. The revised guidelines mandate instant SMS and email alerts within 24 hours of a cheque bounce, stricter penalties for deliberate defaults, and the Positive Pay system for cheques above ₹5 lakh. Customers can now lodge complaints online for quicker resolutions, ensuring transparency and trust in financial transactions while reducing cheque-related disputes.



















