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सूडान में मस्जिद पर ड्रोन हमला: कुरान पढ़ रहे दो बच्चों की मौत, 13 लोग घायल!

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AIN NEWS 1: सूडान में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक बार फिर निर्दोष नागरिकों पर हमले की दर्दनाक खबर सामने आई है। देश में सेना और अर्धसैनिक बल Rapid Support Forces (आरएसएफ) के बीच चल रहे युद्ध ने आम लोगों की ज़िंदगी को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। ताज़ा घटना दक्षिण कोर्डोफन प्रांत के अल-रहाद शहर की है, जहां एक मस्जिद को निशाना बनाकर ड्रोन से बमबारी की गई। इस हमले में दो मासूम बच्चों की जान चली गई, जबकि 13 लोग घायल हो गए।

2023 से जारी है खूनी संघर्ष

सूडान में 15 अप्रैल 2023 से सेना और आरएसएफ के बीच संघर्ष जारी है। सत्ता और नियंत्रण को लेकर शुरू हुई इस लड़ाई ने देखते ही देखते पूरे देश को हिंसा की आग में झोंक दिया। हज़ारों लोग अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं, लाखों लोग बेघर हो चुके हैं और करोड़ों लोग भोजन की कमी से जूझ रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। अस्पतालों में दवाइयों की कमी है, राहत सामग्री सीमित है और आम नागरिक भय के साये में जी रहे हैं।

मस्जिद बनी निशाना

बुधवार को दक्षिण कोर्डोफन के अल-रहाद शहर में हालात अचानक भयावह हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक ड्रोन मस्जिद के ऊपर मंडराता दिखाई दिया और कुछ ही क्षणों बाद जोरदार धमाका हुआ।

हमले के समय मस्जिद के अंदर बच्चे कुरान पढ़ रहे थे। रमजान के बाद भी यहां नियमित रूप से धार्मिक शिक्षा दी जा रही थी। धमाके के बाद अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। धुएं और मलबे के बीच चीख-पुकार गूंज उठी।

दो मासूमों की मौत

इस हमले में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों बच्चे मदरसे की कक्षा में बैठे थे और कुरान का पाठ कर रहे थे। अचानक हुए धमाके ने उनकी जिंदगी छीन ली।

घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक अभिभावक ने कहा कि “हमने अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए भेजा था, युद्ध के लिए नहीं।”

13 लोग घायल, कुछ की हालत गंभीर

हमले में कुल 13 लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि संसाधनों की कमी के बावजूद डॉक्टर और नर्स पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन लगातार हो रहे हमलों की वजह से चिकित्सा व्यवस्था पर भी भारी दबाव है।

ड्रोन हमलों का बढ़ता खतरा

पिछले कुछ महीनों में ड्रोन हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन के जरिए किए जाने वाले हमले अधिक सटीक और अचानक होते हैं, जिससे नागरिकों को बचाव का मौका तक नहीं मिलता।

आरएसएफ पर पहले भी नागरिक इलाकों को निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, इस ताज़ा हमले को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

मानवीय संकट और गहराया

Sudan इस समय दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक का सामना कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यदि हिंसा नहीं रुकी, तो हालात और भयावह हो सकते हैं।

देश के कई हिस्सों में स्कूल बंद हैं, बाजारों में सामान की कमी है और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन कर रहे हैं। बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हुई है।

धार्मिक स्थलों पर हमले की चिंता

धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत गंभीर अपराध माना जाता है। मस्जिद, चर्च या किसी भी पूजा स्थल पर हमला न सिर्फ इंसानों की जान लेता है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और विश्वास को भी चोट पहुंचाता है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अब कोई भी जगह सुरक्षित नहीं बची है। लोग घरों से निकलने से डर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस संघर्ष को रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। युद्धविराम और शांति वार्ता के प्रयास कई बार शुरू हुए, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।

जब तक राजनीतिक समाधान नहीं निकलेगा, तब तक आम नागरिकों की पीड़ा खत्म होना मुश्किल है।

अल-रहाद की मस्जिद पर हुआ ड्रोन हमला सूडान में जारी संघर्ष की भयावह तस्वीर पेश करता है। दो मासूम बच्चों की मौत और 13 लोगों के घायल होने की यह घटना बताती है कि युद्ध की असली कीमत आम लोग चुका रहे हैं।

जब तक हिंसा पर रोक नहीं लगेगी और शांति स्थापित नहीं होगी, तब तक सूडान के नागरिकों की ज़िंदगी असुरक्षित बनी रहेगी। यह घटना दुनिया को याद दिलाती है कि युद्ध में सबसे ज्यादा नुकसान निर्दोषों का होता है।

The ongoing Sudan conflict between the Sudanese Army and the Rapid Support Forces (RSF) has taken another tragic turn after a drone attack targeted a mosque in al-Rahad, South Kordofan. The RSF attack reportedly killed two children who were reading the Quran and injured 13 others, highlighting the worsening humanitarian crisis in Sudan. As violence escalates, civilian areas, including religious sites, are increasingly becoming targets, raising global concern over the Sudan war, RSF drone strikes, and the urgent need for peace efforts in the region.

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