AIN NEWS 1: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में हिंदू जागरण मंच के उत्तर क्षेत्रीय अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता (social harmony) पर खास जोर दिया।
उन्होंने कहा कि RSS की स्थापना से लेकर आज तक का सफर इस बात का प्रमाण है कि संगठन ने न केवल राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत किया है, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास भी किया है।
सामाजिक समरसता पर विचार
राजेंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में एकता (Unity in Diversity) है। समाज के हर वर्ग, चाहे वह जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र के आधार पर कितना भी अलग क्यों न हो, सभी को साथ लेकर चलना ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का असली उद्देश्य है।
उन्होंने कहा –
“आज हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समाज में कोई भी व्यक्ति अपने को अलग-थलग महसूस न करे। सामाजिक समरसता तभी संभव है जब हम सब एक-दूसरे का सम्मान करें और मिलकर काम करें।”
RSS का शताब्दी वर्ष: एक ऐतिहासिक अवसर
RSS की स्थापना 1925 में हुई थी और अब 2025 में यह 100 साल पूरे कर रहा है। इस अवसर पर संगठन पूरे देश में विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक और राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रम कर रहा है।
राजेंद्र शर्मा ने कहा कि शताब्दी वर्ष सिर्फ एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज को यह याद दिलाने का अवसर है कि हमें अपनी जड़ों और परंपराओं को संजोकर रखना है।
राष्ट्र निर्माण में RSS की भूमिका
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि RSS ने हमेशा राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक जागरण को प्राथमिकता दी है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक संगठन ने समाज को दिशा देने का काम किया है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल आधुनिक शिक्षा पर ही ध्यान न दें बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को भी आत्मसात करें। यही संतुलन भारत को सशक्त बनाएगा।
सामाजिक कार्य और योगदान
राजेंद्र शर्मा ने बताया कि RSS और उसके सहयोगी संगठनों ने समय-समय पर सामाजिक कार्यों के माध्यम से जनता के बीच अपनी पहचान बनाई है। चाहे प्राकृतिक आपदाएं हों, महामारी का समय हो या फिर समाज में किसी तरह का संकट, स्वयंसेवक हमेशा सेवा के लिए तैयार रहते हैं।
उन्होंने कहा कि यह सेवा भाव ही समाज को एकजुट करता है और यही RSS की असली पहचान है।
जातिगत भेदभाव पर संदेश
कार्यक्रम में उन्होंने जातिगत भेदभाव और समाज में फैल रही विभाजनकारी प्रवृत्तियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हमें जाति, धर्म और क्षेत्र के नाम पर बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहना होगा।
“जब तक समाज में भेदभाव रहेगा, तब तक असली समरसता नहीं आ सकती।” उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति को यह समझना होगा कि हम सब भारतीय हैं और यही हमारी सबसे बड़ी पहचान है।
महिला सशक्तिकरण पर विचार
राजेंद्र शर्मा ने महिलाओं की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं बराबरी के साथ आगे बढ़ें। RSS और उससे जुड़े संगठन लगातार नारी सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहे हैं।
युवाओं से अपील
अपने संबोधन के अंत में राजेंद्र शर्मा ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग को केवल रोजगार या व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए।
समापन संदेश
अंत में उन्होंने कहा कि RSS का शताब्दी वर्ष हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम समाज में भाईचारे, प्रेम और समरसता को और मजबूत करें। यही भारत की असली पहचान है और यही राष्ट्र को सशक्त बनाएगा।
On the occasion of the RSS centenary celebrations, Hindu Jagran Manch North Regional President Rajendra Sharma emphasized the importance of social harmony, unity in diversity, national integration, and cultural values. He highlighted how the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) has played a key role in nation-building, social service, and strengthening Indian culture over the past 100 years. Sharma urged the youth to actively contribute to society, uphold traditions, and promote women empowerment while fighting against caste discrimination and division in society.


















