AIN NEWS 1: संभल जिले में शुक्रवार को प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने एक धार्मिक ढांचे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। अधिकारियों के अनुसार यह निर्माण महावा नदी के कैचमेंट क्षेत्र में स्थित सरकारी भूमि पर अवैध रूप से किया गया था। अदालत से आदेश मिलने के बाद प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस अतिक्रमण को हटाया।
यह कार्रवाई जिले के गुन्नौर थाना क्षेत्र के बाघऊ गांव में की गई, जहां ‘खेरे वाले बाबा चमन शाह बाबा दरगाह शरीफ मजार’ नाम से एक धार्मिक स्थल मौजूद था। प्रशासन का दावा है कि यह ढांचा राजस्व अभिलेखों में दर्ज सरकारी भूमि पर बनाया गया था और इसके संबंध में लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी।
सुबह शुरू हुई कार्रवाई, एक घंटे में हटाया गया निर्माण
शुक्रवार सुबह प्रशासन की टीम दो बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया था ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
जानकारी के अनुसार, लगभग एक घंटे के भीतर बुलडोजर की मदद से पूरे निर्माण को हटा दिया गया। प्रशासन ने पहले से ही इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मौके पर पुलिस और पीएसी के करीब 70 जवान तैनात किए गए थे।
प्रशासन ने बताया सरकारी जमीन पर था कब्जा
राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि ग्राम सभा बाघऊ की गाटा संख्या 592 की भूमि के लगभग 24 वर्गमीटर हिस्से पर अवैध कब्जा किया गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ वर्ष पहले धार्मिक गतिविधियों और जियारत के नाम पर वहां निर्माण कार्य शुरू हुआ और धीरे-धीरे स्थायी ढांचा खड़ा कर दिया गया।
इसके बाद ग्राम सभा की ओर से संबंधित व्यक्ति अजीज पुत्र अल्लन के खिलाफ उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कराया गया।
अदालत से मिला था अतिक्रमण हटाने का आदेश
मामले की सुनवाई के दौरान तहसीलदार न्यायालय ने उपलब्ध दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि को सरकारी माना। अदालत ने अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ आर्थिक दंड लगाने का भी आदेश दिया।
न्यायालय ने संबंधित पक्ष पर लगभग 39 हजार रुपये का हर्जाना और 300 रुपये निष्पादन शुल्क जमा करने का निर्देश दिया था। इसके बाद संबंधित पक्ष ने जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दाखिल की, लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली। 3 जून 2026 को जिलाधिकारी न्यायालय ने अपील खारिज कर दी, जिसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी।
विशेष टीम का किया गया गठन
कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने विशेष टीम का गठन किया था। तहसीलदार रवि सोनकर के निर्देशन में नायब तहसीलदार अनुज कुमार को अभियान का प्रभारी बनाया गया।
राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा स्थानीय पुलिस, गुन्नौर थाना पुलिस, बबराला पुलिस तथा पीएसी के जवानों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया था। प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि न्यायालय के आदेश का पालन हर हाल में कराया जाएगा।
मजार के मुतव्वली ने किया विरोध, बताया सदियों पुरानी
दूसरी ओर, मजार के मुतव्वली अजीज ने प्रशासन के दावों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह कोई नया निर्माण नहीं था, बल्कि पीर बाबा की मजार सैकड़ों वर्षों से वहां मौजूद थी।
उन्होंने दावा किया कि यह धार्मिक स्थल लगभग 500 से 600 वर्ष पुराना है और आसपास के गांवों के लोग लंबे समय से यहां श्रद्धा के साथ आते रहे हैं। उनके अनुसार, माता रानी के मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भी इस मजार पर मत्था टेकने पहुंचते थे।
अजीज का कहना है कि इलाके के बुजुर्ग और ग्रामीण इस धार्मिक स्थल के इतिहास से परिचित हैं और इसकी प्राचीनता के बारे में जानकारी रखते हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि सुनवाई के दौरान ऐसे किसी दावे को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
डीएम ने क्या कहा?
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों, जांच रिपोर्ट और न्यायालय के आदेश के आधार पर भूमि पर अतिक्रमण पाया गया था।
डीएम के अनुसार, संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया। सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच के बाद अदालत ने अतिक्रमण हटाने का आदेश बरकरार रखा। कब्जे के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलने के कारण प्रशासन ने कार्रवाई को अमल में लाया।
एसपी बोले- जारी रहेगा अतिक्रमण हटाने का अभियान
पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई ने बताया कि संभल जिले में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान लगातार चल रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक 100 हेक्टेयर से अधिक भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है।
एसपी के अनुसार, प्रशासन का उद्देश्य सरकारी जमीन को सुरक्षित रखना और उसका सही उपयोग सुनिश्चित करना है। भविष्य में भी जहां कहीं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिले में जारी है अतिक्रमण विरोधी अभियान
संभल प्रशासन पिछले कुछ समय से सरकारी भूमि, ग्राम समाज की जमीन और सार्वजनिक उपयोग की संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए अभियान चला रहा है। इसी क्रम में बाघऊ गांव की इस मजार पर भी कार्रवाई की गई।
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप की गई है, जबकि दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर चर्चा और बहस जारी है। आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक राजनीतिक एवं सामाजिक चर्चा का विषय बन सकता है।
The Sambhal administration carried out a major anti-encroachment operation by demolishing an allegedly illegal mazar built on government land in the Gunnaur area. The action was taken following court orders and under heavy police security. Officials stated that the structure was constructed through unauthorized encroachment, while local caretakers claimed it was centuries old. The incident has drawn significant public attention and highlights the ongoing campaign against illegal encroachments in Uttar Pradesh.


















