AIN NEWS 1: दिल्ली नगर निगम (MCD) को आखिरकार नया आयुक्त मिल गया है। केंद्र सरकार ने 1994 बैच के वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी संजीव खिरवार को दिल्ली नगर निगम का नया कमिश्नर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने औपचारिक मंजूरी दे दी है, जिसके बाद इसका आदेश दिल्ली के उपराज्यपाल कार्यालय को भी भेज दिया गया है।
संजीव खिरवार की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब दिल्ली नगर निगम कई बड़ी प्रशासनिक और वित्तीय चुनौतियों से जूझ रहा है। सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, कर्मचारियों के वेतन, राजस्व बढ़ाने और शहरी सुविधाओं में सुधार जैसे मुद्दे MCD के सामने लंबे समय से बने हुए हैं। ऐसे में एक अनुभवी अधिकारी के रूप में संजीव खिरवार से बड़े फैसलों और ठोस सुधारों की उम्मीद की जा रही है।
🏛️ कौन हैं संजीव खिरवार?
संजीव खिरवार 1994 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं और केंद्र व राज्य सरकारों में कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं। वे प्रशासनिक सख्ती, नियमों के पालन और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने खेल मंत्रालय, शहरी प्रशासन और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां निभाई हैं।
उनकी छवि एक ऐसे अधिकारी की रही है, जो नियमों को लेकर समझौता नहीं करते और फैसले लेने में स्पष्टता रखते हैं। यही वजह है कि MCD जैसे बड़े और जटिल निकाय की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।
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🐕 2022 का ‘डॉग वॉक’ विवाद, जिसने दिलाई राष्ट्रीय पहचान
संजीव खिरवार का नाम साल 2022 में उस वक्त चर्चा में आ गया था, जब दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम (Thyagraj Stadium) में ‘डॉग वॉक’ को लेकर विवाद सामने आया था। आरोप लगे थे कि स्टेडियम को आम खिलाड़ियों के लिए बंद कर दिया गया, ताकि अधिकारी अपने पालतू कुत्ते को टहला सकें।
यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक काफी चर्चा में रहा। खिलाड़ियों और खेल संगठनों ने इस पर नाराज़गी जताई थी, जिसके बाद सरकार ने पूरे मामले की समीक्षा की थी। हालांकि बाद में स्थिति स्पष्ट की गई और आवश्यक प्रशासनिक कदम भी उठाए गए।
इस विवाद ने संजीव खिरवार को अचानक राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया था। बावजूद इसके, सरकार ने उनके प्रशासनिक अनुभव और योग्यता को प्राथमिकता दी और अब उन्हें MCD जैसी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
🏙️ MCD के सामने क्या हैं बड़ी चुनौतियां?
दिल्ली नगर निगम देश के सबसे बड़े शहरी निकायों में से एक है। यहां रोज़ाना करोड़ों लोगों की ज़िंदगी इससे जुड़ी रहती है। नए आयुक्त के रूप में संजीव खिरवार के सामने कई अहम चुनौतियां होंगी—
सफाई और कूड़ा प्रबंधन में सुधार
नगर निगम कर्मचारियों के वेतन और पेंशन से जुड़ी समस्याएं
राजस्व बढ़ाने के नए रास्ते तलाशना
अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण पर कार्रवाई
शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना
दिल्ली में बढ़ती आबादी और संसाधनों पर बढ़ते दबाव के चलते MCD का काम और भी जटिल हो गया है। ऐसे में एक सख्त लेकिन संतुलित प्रशासनिक नेतृत्व की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
🏛️ केंद्र सरकार और उपराज्यपाल की भूमिका
संजीव खिरवार की नियुक्ति को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आधिकारिक आदेश जारी किया है। यह आदेश दिल्ली के उपराज्यपाल कार्यालय को भी भेजा गया, क्योंकि दिल्ली नगर निगम प्रशासनिक रूप से केंद्र और उपराज्यपाल के अधीन आता है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार MCD में स्थिरता और बेहतर समन्वय चाहती है, ताकि राजधानी में नागरिक सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सके।
🔍 क्या बदल पाएंगे MCD की कार्यशैली?
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या संजीव खिरवार MCD की कार्यशैली में कोई बड़ा बदलाव ला पाएंगे। उनके अब तक के प्रशासनिक रिकॉर्ड को देखते हुए यह माना जा रहा है कि—
नियमों के सख्त पालन पर ज़ोर होगा
अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी
लंबित योजनाओं को गति दी जाएगी
हालांकि, दिल्ली जैसे बड़े शहर में बदलाव लाना आसान नहीं होता। राजनीतिक दबाव, संसाधनों की कमी और ज़मीनी स्तर की समस्याएं किसी भी आयुक्त के सामने बड़ी चुनौती बन जाती हैं।
संजीव खिरवार की दिल्ली नगर निगम के आयुक्त के रूप में नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला माना जा रहा है। 2022 के ‘डॉग वॉक’ विवाद के कारण भले ही वे चर्चा में रहे हों, लेकिन सरकार ने उनके अनुभव और क्षमता पर भरोसा जताया है।
अब देखना यह होगा कि वे MCD की जटिल समस्याओं से कैसे निपटते हैं और क्या दिल्ली के नागरिकों को इससे बेहतर सेवाओं का लाभ मिल पाता है या नहीं।
Senior IAS officer Sanjeev Khirwar has been appointed as the new MCD Commissioner of Delhi after receiving approval from the Ministry of Home Affairs. A 1994-batch officer, Khirwar is known for his administrative experience as well as the 2022 dog walk controversy at Thyagraj Stadium, which brought him into the national spotlight. His appointment is seen as a crucial step for governance and reforms in the Municipal Corporation of Delhi.


















