Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

सर्जियो गोर बने भारत में अमेरिकी राजदूत, जयशंकर ने दी पहली प्रतिक्रिया

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत में नया राजदूत नियुक्त किया है। यह जिम्मेदारी उनके करीबी सहयोगी सर्जियो गोर को सौंपी गई है। भारत सरकार ने इस फैसले का स्वागत किया है, हालांकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने केवल इतना कहा – “मैंने इसके बारे में पढ़ा है।” यह बयान उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सवाल पर दिया।

सीनेट की मंजूरी का इंतजार

हालांकि सर्जियो गोर की नियुक्ति को अभी अमेरिकी सीनेट से मंजूरी मिलनी बाकी है। लेकिन ट्रंप के विश्वसनीय सहयोगी होने के कारण माना जा रहा है कि गोर दोनों देशों के बीच सीधे संवाद को बढ़ावा देंगे। इससे व्यापार, पाकिस्तान नीति, इमिग्रेशन और भारत-रूस संबंध जैसे अहम मुद्दों पर खुली चर्चा की संभावना बढ़ेगी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप नवंबर में भारत में होने वाले क्वाड (Quad) शिखर सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी रिश्तों में तनाव भी पैदा कर सकती है।

दक्षिण और मध्य एशिया के विशेष दूत भी बने

सर्जियो गोर को अमेरिका ने दक्षिण और मध्य एशिया का विशेष दूत (Special Envoy) भी नियुक्त किया है। इसे लेकर भारत में हल्की चिंता जताई जा रही है कि अमेरिका कहीं भारत-पाकिस्तान मामलों में अनावश्यक दखल न दे। अभी तक भारत सरकार ने इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और इंतजार कर रही है कि गोर की भूमिका को लेकर अमेरिका की मंशा स्पष्ट हो।

भारत की चिंताएं

भारत की सबसे बड़ी चिंता यह है कि अमेरिका, भारत और पाकिस्तान को अक्सर एक ही नजर से देखता है। भारत का मानना है कि इससे आतंकी हमलावर और पीड़ित के बीच का अंतर मिट जाता है। हाल ही में पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और ज्यादा सतर्क हो गया है।

ट्रंप के मध्यस्थता के दावे

डोनाल्ड ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर में भूमिका निभाई। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा कि न तो कोई व्यापार समझौता हुआ है और न ही किसी तरह की अमेरिकी मध्यस्थता स्वीकार की गई है। विदेश मंत्री जयशंकर ने भी दोहराया कि यह समझौता केवल भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे संवाद से हुआ था।

भारत का साफ रुख – कोई मध्यस्थता नहीं

भारत पहले भी अमेरिका की ओर से कश्मीर या पाकिस्तान मुद्दे पर मध्यस्थता की कोशिशों का विरोध करता रहा है। 2009 में भी भारत ने ओबामा प्रशासन को पीछे हटने पर मजबूर किया था, जब रिचर्ड होलब्रुक को अफ-पाक क्षेत्र का दूत बनाया गया था।

जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा – “पिछले 50 साल से भारत की नीति स्पष्ट है कि पाकिस्तान के साथ रिश्तों में किसी भी तरह की बाहरी मध्यस्थता स्वीकार नहीं होगी।” भारत चाहता है कि अमेरिका उसके साथ मजबूत साझेदारी बनाए, लेकिन उसकी नीतियों और संप्रभुता का सम्मान भी करे।

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
19.7 ° C
19.7 °
19.7 °
24 %
1.4kmh
0 %
Wed
30 °
Thu
32 °
Fri
33 °
Sat
34 °
Sun
31 °
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 2 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
03:51:39
Video thumbnail
भगवाधारी योगी की दहाड़ सुन दंग रह गये Singapore वाले, गूंजने लगा जय… जय श्रीराम !
30:14
Video thumbnail
Journalist claims he was lured with money to frame Avimukteshwaranand in fake POCSO thru daughters
02:58
Video thumbnail
‘नंगी और गंदी राजनीति करती है कांग्रेस पूरा देश जानता है’,Modi ने Meerut से विरोधियों को जमकर धोया !
09:41
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 1 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
03:26:46
Video thumbnail
सदन में हंस-हंसकर Raja Bhaiya ने जो बोला सुनकर पूरा विधानसभा दंग रह गया! Yogi
08:15
Video thumbnail
रमजान के बीच अचानक Yogi ने बोल दी बड़ी बात, सुनकर बंद हो गई विपक्ष की बोलती ! Yogi Speech
08:55
Video thumbnail
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, "...फर्जी मुकदमा जो दायर किया गया है उसकी सच्चाई सामने आएगी
01:01
Video thumbnail
रौद्र रूप में थे Modi अचानक बीच में टोक पड़े विरोधी सांसद, फिर ऐसी उधेड़ी बखियां, विपक्ष हैरान!
13:31
Video thumbnail
LIVE: PM Modi ने Bharat Mandapam में आयोजित नेताओं के पूर्ण सत्र और कार्य भोज में भाग लिया
22:04

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related

यूपी में सियासी हलचल तेज, मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी!

यूपी में सियासी हलचल तेज, मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन...