AIN NEWS 1 लखनऊ। राजधानी लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे और उसके कथित सहयोगियों पर लगे हत्या के आरोपों के बीच शिवा शर्मा का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी चर्चा में आ गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गोमतीनगर में हुई फायरिंग की एक घटना के मामले में शिवा शर्मा पर ₹50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने उन्हें बिहार के पटना से गिरफ्तार किया था।
गोमतीनगर फायरिंग मामले में वांछित थे शिवा शर्मा
12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, शिवा शर्मा का नाम 30 अगस्त को गोमतीनगर में हुई फायरिंग की घटना में सामने आया था। इस मामले में वह वांछित आरोपी थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए ₹50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। बाद में यूपी एसटीएफ ने उन्हें पटना से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जेल से बाहर आने के बाद शिवा दोबारा जेल जाने को लेकर आशंकित रहते थे। हालांकि, उनके पुराने मामले से संबंधित आरोपों, मुकदमे की मौजूदा स्थिति और अदालत के अंतिम निर्णय की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
चौथी मंजिल से गिरकर हुई थी मौत
शिवा शर्मा की मौत का मामला लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र स्थित बालू अड्डा के अवध ग्रीन अपार्टमेंट से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को वह अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। इसके बाद उनकी मौत हो गई।
शिवा की मां और परिजनों ने उनकी मौत को सामान्य हादसा या आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए श्रद्धा दुबे और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार का आरोप है कि शिवा को प्रताड़ित किया जाता था और उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ रहा था।
इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। हालांकि, शिवा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी की आपराधिक भूमिका थी या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
श्रद्धा दुबे और अन्य आरोपियों पर ₹25-25 हजार का इनाम
शिवा शर्मा की मौत के मामले में एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम आरोपियों की गिरफ्तारी से जुड़ा है। आजतक की 13 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश पर अलग-अलग ₹25-25 हजार का इनाम घोषित किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, हजरतगंज थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 216/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की छह टीमें गठित किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
यहां स्पष्ट करना जरूरी है कि पुलिस की ओर से घोषित यह इनाम शिवा शर्मा की मौत के मामले में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी से संबंधित है। इसका शिवा पर पुराने मामले में घोषित ₹50 हजार के इनाम से अलग संबंध है।
नेपाल में दिखने के दावे की भी जांच
15 और 16 अक्टूबर को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और अन्य लोग नेपाल की ओर जाते हुए सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिए। एक फुटेज में ई-रिक्शा पर कुछ लोगों के नजर आने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, इन फुटेज में दिखाई देने वाले व्यक्तियों की पहचान, रिकॉर्डिंग की तारीख और उनकी वास्तविक लोकेशन की पुलिस से स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। इसलिए नेपाल पहुंचने की बात को फिलहाल जांच से जुड़ा दावा मानकर ही देखा जाना चाहिए।
अब तक क्या स्पष्ट है?
उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों से तीन अहम बातें सामने आती हैं। पहली, शिवा शर्मा पर गोमतीनगर फायरिंग मामले में पहले ₹50 हजार का इनाम घोषित था और उन्हें पटना से गिरफ्तार किया गया था। दूसरी, उनकी मौत के मामले में परिजनों ने हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं और पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। तीसरी, इस मामले में वांछित तीन आरोपियों पर ₹25-25 हजार का इनाम घोषित किए जाने की खबर प्रकाशित हुई है।
AIN NEWS 1 की पड़ताल में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि मृतक शिवा शर्मा पर पहले घोषित ₹50 हजार का इनाम पुराने फायरिंग मामले से संबंधित था, जबकि उनकी मौत के मामले में घोषित ₹25-25 हजार का इनाम अलग है। शिवा की मौत की वास्तविक परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका का अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
Lucknow businessman Shiva Sharma reportedly had a reward of Rs 50,000 declared against him in connection with an earlier Gomti Nagar firing case. According to media reports, the Uttar Pradesh STF arrested him in Patna. Following his death after falling from an apartment building in Lucknow, police registered a murder case based on allegations made by his family. A separate reward of Rs 25,000 each was reportedly announced for three wanted accused. The investigation into Shiva Sharma’s death remains a separate matter from the earlier firing case.



















