लखनऊ: AIN NEWS 1। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कैफे और रेस्टोरेंट कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। 9 अक्टूबर 2026 को हजरतगंज क्षेत्र स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद शिवा की मौत हो गई थी। शुरुआत में घटना को ऊंचाई से गिरने का मामला माना गया, लेकिन परिजनों ने मारपीट, प्रताड़ना और हत्या की आशंका जताते हुए गंभीर आरोप लगाए। अब पोस्टमार्टम में मौत से पहले लगी 10 गंभीर अंदरूनी चोटों की जानकारी सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
इस प्रकरण में शिवा की कथित लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। दूसरी ओर, श्रद्धा सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर शिवा की मौत को आत्महत्या बता रही हैं। परिवार के आरोपों और श्रद्धा की सफाई के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि 9 अक्टूबर की रात आखिर हुआ क्या था?
चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी शिवा की मौत
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 27 वर्षीय शिवा शर्मा लखनऊ में कैफे और रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े थे। 9 अक्टूबर की रात वह हजरतगंज क्षेत्र के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
शिवा की मां रंजना शर्मा का आरोप है कि उनके बेटे के साथ पहले मारपीट की गई और उसे प्रताड़ित किया गया। परिवार ने आशंका जताई कि शिवा को चौथी मंजिल से नीचे फेंका गया था। परिजनों के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने के बाद जब वे अस्पताल पहुंचे तो शिवा की मौत हो चुकी थी।
परिवार का कहना है कि शिवा के शरीर पर चोटों के कई निशान थे। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, चौथी मंजिल से गिरने की परिस्थितियों और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
पोस्टमार्टम में 10 गंभीर अंदरूनी चोटों का उल्लेख
14 अक्टूबर को प्रकाशित इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्टमार्टम में शिवा के शरीर पर 10 गंभीर अंदरूनी चोटों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में मौत का कारण चोटों से उत्पन्न सदमा और अत्यधिक रक्तस्राव बताया गया है। चोटें किसी कठोर और खुरदरी सतह से टकराने के कारण आ सकती थीं।
पोस्टमार्टम के निष्कर्षों ने घटना से जुड़े सवालों को और गंभीर बना दिया है। हालांकि, इन चोटों से अपने आप यह साबित नहीं होता कि शिवा के साथ पहले मारपीट की गई और फिर उन्हें इमारत से फेंका गया। जांच एजेंसियों को यह निर्धारित करना होगा कि चोटें किस परिस्थिति में लगीं और मौत से पहले घटनाक्रम क्या था।
परिवार ने शरीर पर चोटों, फ्रैक्चर और अन्य निशानों का हवाला देते हुए मारपीट का आरोप लगाया है। इन दावों का सत्यापन मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य जांच सामग्री के आधार पर होना है।
श्रद्धा दुबे, रश्मि और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला
शिवा के परिवार की शिकायत के आधार पर हजरतगंज थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। मीडिया रिपोर्टों में श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे, एक ड्राइवर और अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। अलग-अलग खबरों में आरोपियों के नाम और संख्या को लेकर कुछ अंतर भी दिखाई देता है।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना से पहले अपार्टमेंट में क्या हुआ था, वहां कौन-कौन मौजूद था और शिवा के चौथी मंजिल से गिरने की परिस्थितियां क्या थीं। अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
परिवार का आरोप है कि शिवा को रिश्ते में बने रहने के लिए दबाव का सामना करना पड़ता था और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट भी हुई थी। ये आरोप अभी जांच का विषय हैं। अदालत में दोष सिद्ध होने से पहले किसी भी आरोपी को अपराधी घोषित नहीं किया जा सकता।
तीन आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम
15 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, लखनऊ पुलिस ने श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वालों को प्रत्येक आरोपी पर 25,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के बाद से संबंधित आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर थे और उनकी तलाश में छापेमारी की जा रही थी। पुलिस उनकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
यह घटनाक्रम जांच के लिहाज से अहम है, लेकिन इनाम घोषित किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपियों के खिलाफ लगे आरोप अदालत में साबित हो चुके हैं। मामले में उनकी भूमिका का निर्धारण उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
नेपाल सीमा के पास मिली गाड़ी, सीसीटीवी फुटेज से बढ़ी तलाश
इस मामले में एक अहम घटनाक्रम तब सामने आया, जब श्रद्धा से जुड़ी बताई जा रही एक स्कॉर्पियो एसयूवी उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भारत-नेपाल सीमा के नजदीक रुपईडीहा में मिली।
16 अक्टूबर को प्रकाशित टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिनमें श्रद्धा, उनकी बहन रश्मि और एक अन्य व्यक्ति जैसे दिखाई देने वाले लोग नेपाल के महिम नगर क्षेत्र में नजर आए। रिपोर्ट में बताया गया कि ये लोग कथित तौर पर एक बस स्टेशन की ओर जाते दिखे।
हालांकि, पुलिस ने फुटेज में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। इसलिए यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि आरोपी नेपाल पहुंच चुके हैं। जांच एजेंसियां उपलब्ध फुटेज और अन्य जानकारियों के आधार पर उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी हैं।
यदि इन दृश्यों में संबंधित आरोपियों की पहचान की पुष्टि होती है, तो यह उनकी तलाश में महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है।
श्रद्धा दुबे का दावा—हत्या नहीं, आत्महत्या
मामले के बीच श्रद्धा दुबे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि शिवा शर्मा की मौत हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या थी। उन्होंने यह भी कहा कि वह पुलिस के सामने अपना पक्ष रखना चाहती हैं और मामले से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए तैयार हैं।
15 अक्टूबर की मीडिया रिपोर्टों में श्रद्धा के हवाले से कहा गया कि शिवा पर लगभग 15 से 20 लाख रुपये का कर्ज था। उनके मुताबिक, आर्थिक दबाव और कर्जदारों के फोन आने के कारण शिवा तनाव में थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिवा ने खुद चौथी मंजिल की बालकनी से छलांग लगाई थी।
श्रद्धा ने सोशल मीडिया पर उनके नाम को नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों से जोड़कर अफवाहें फैलाने पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति से जुड़ाव दिखाई देने भर से किसी संबंध या संलिप्तता का निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।
दूसरी ओर, शिवा का परिवार उनकी सफाई को स्वीकार नहीं कर रहा है और हत्या के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। पुलिस वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की जांच कर रही है।
छह लाख रुपये के आभूषण और आर्थिक विवाद की चर्चा
मीडिया रिपोर्टों में कुछ कथित वीडियो क्लिप का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें शिवा और श्रद्धा के बीच आभूषणों तथा पैसों को लेकर बातचीत होने का दावा है। रिपोर्टों के अनुसार, बातचीत में सोने की चेन, ब्रेसलेट और करीब छह लाख रुपये की रकम का जिक्र सामने आया।
इन कथित रिकॉर्डिंग से दोनों के बीच आर्थिक विवाद की संभावना पर सवाल उठे हैं। हालांकि, किसी वीडियो या बातचीत के आधार पर अपने आप चोरी, ब्लैकमेलिंग या हत्या जैसे अपराधों का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि रिकॉर्डिंग वास्तविक है या नहीं, बातचीत किस परिस्थिति में हुई और उसका शिवा की मौत से कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं।
बड़े नेताओं से संबंध और ब्लैकमेलिंग के दावों की पुष्टि नहीं
सोशल मीडिया पर श्रद्धा दुबे के कथित राजनीतिक संपर्कों, प्रभावशाली लोगों से संबंधों और ब्लैकमेलिंग जैसे आरोपों को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। कुछ पोस्ट में पुराने विवादों और कथित गैंगवार से संबंध जोड़ने की कोशिश की गई है।
हालांकि, इन व्यापक दावों की स्वतंत्र और ठोस पुष्टि उपलब्ध नहीं है। श्रद्धा ने भी अपने वीडियो में नेताओं और अधिकारियों से संबंध होने की बातों का खंडन किया है।
ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर प्रसारित आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है। किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक आरोपों की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों, जांच के निष्कर्षों और न्यायिक प्रक्रिया से ही होनी चाहिए।
अब जांच के सामने सबसे बड़े सवाल
शिवा शर्मा की मौत का मामला कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है। क्या शिवा के साथ उनकी मौत से पहले मारपीट हुई थी? पोस्टमार्टम में सामने आई चोटों का घटनाक्रम से क्या संबंध है? क्या वह खुद चौथी मंजिल से गिरे या किसी अन्य परिस्थिति में उनकी मौत हुई? कथित आर्थिक विवाद की वास्तविकता क्या है? और घटना के बाद से तलाशे जा रहे आरोपियों का पता कब चलेगा?
इन सवालों के जवाब सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्यों, मोबाइल डेटा, गवाहों के बयान तथा अन्य जांच सामग्री से मिलने की उम्मीद है।
शिवा शर्मा के परिवार को अपने बेटे की मौत का सच जानने और न्याय पाने का अधिकार है। साथ ही, निष्पक्ष जांच यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई ठोस साक्ष्यों के आधार पर हो।
फिलहाल शिवा शर्मा की मौत की परिस्थितियां जांच के दायरे में हैं। परिवार हत्या का आरोप लगा रहा है, जबकि श्रद्धा दुबे इसे आत्महत्या बता रही हैं। पुलिस की जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
The Lucknow Shiva Sharma death case has taken a new turn after reports of 10 internal injuries in the postmortem examination. Police are searching for Shraddha Dubey, Rashmi Dubey and other accused named in the case. The investigation includes the circumstances of Shiva Sharma’s fall from the fourth floor of Awadh Green Apartment, allegations made by his family, Shraddha Dubey’s suicide claim, an alleged financial dispute and reports of a possible Nepal connection. Lucknow Police are examining available evidence to establish the facts behind the businessman’s death.



















