AIN NEWS 1: भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले ने अब एक नया और भावुक मोड़ ले लिया है। परिवार की ओर से लगातार न्याय की मांग की जा रही है और अब ट्विशा शर्मा की भाभी डॉ. राशि ओबेरॉय शर्मा ने मीडिया के सामने आकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी समान ट्विशा पिछले 9 दिनों से मुर्दाघर में पड़ी हुई है, लेकिन परिवार अब तक उसका अंतिम संस्कार नहीं कर पाया क्योंकि उन्हें जांच प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है।
डॉ. राशि ने आरोप लगाया कि मामले में सबूत मिटाने की कोशिश की गई और पुलिस की जांच बेहद संदिग्ध तरीके से आगे बढ़ रही है। परिवार का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे।
परिवार का दर्द: “हम ठीक से रो तक नहीं पाए”
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. राशि ओबेरॉय शर्मा भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि परिवार मानसिक और भावनात्मक रूप से टूट चुका है। उन्होंने कहा कि एक तरफ बेटी को खोने का गम है, दूसरी तरफ न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
उनका कहना था कि सामान्य परिस्थितियों में किसी परिवार के लिए सबसे कठिन समय वह होता है जब वे अपने प्रियजन को अंतिम विदाई देते हैं। लेकिन ट्विशा के परिवार के साथ ऐसा भी नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि पिछले 9 दिनों से ट्विशा का शव मुर्दाघर में रखा हुआ है और परिवार लगातार कानूनी प्रक्रिया, जांच और न्याय की उम्मीद में लगा हुआ है।
डॉ. राशि ने कहा कि परिवार को ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उनकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते सही जांच होती तो शायद आज हालात अलग होते।
पुलिस जांच पर गंभीर आरोप
परिवार ने पुलिस जांच पर कई सवाल खड़े किए हैं। डॉ. राशि का कहना है कि मामले की शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे तथ्य और सबूत थे जिन्हें सुरक्षित रखा जाना चाहिए था, लेकिन उन्हें या तो नजरअंदाज किया गया या फिर कथित रूप से मिटाने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा कि परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। परिवार का आरोप है कि जांच एजेंसियां मामले को सामान्य तरीके से पेश करने की कोशिश कर रही हैं, जबकि इसमें कई गंभीर और संदिग्ध परिस्थितियां सामने आ चुकी हैं।
परिवार की मांग है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी दोषी को बचने का मौका न मिले।
सोशल मीडिया पर बढ़ रहा समर्थन
ट्विशा शर्मा केस अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन चुका है। लोग लगातार #TwishaSharma और #JusticeForTwisha जैसे हैशटैग के जरिए न्याय की मांग कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने भी परिवार के समर्थन में आवाज उठाई है।
सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि अगर किसी परिवार को अपनी बेटी के अंतिम संस्कार के लिए भी न्याय का इंतजार करना पड़े, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कई यूजर्स ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
परिवार की मुख्य मांगें
ट्विशा शर्मा के परिवार ने प्रशासन और सरकार के सामने कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं—
मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो
सभी डिजिटल और फॉरेंसिक सबूत सुरक्षित रखे जाएं
जांच में शामिल अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा हो
यदि किसी ने सबूत मिटाने की कोशिश की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो
परिवार को सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित किया जाए
परिवार का कहना है कि यह सिर्फ एक लड़की की मौत का मामला नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी सवाल है।
भावनात्मक माहौल में बढ़ा जनदबाव
भोपाल समेत कई शहरों में लोग इस मामले पर चर्चा कर रहे हैं। लगातार मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया अभियान के चलते प्रशासन पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। लोगों का मानना है कि इस केस में पारदर्शिता बेहद जरूरी है क्योंकि परिवार लगातार गंभीर आरोप लगा रहा है।
कई लोगों ने यह भी कहा कि किसी भी मामले में जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय हर पहलू की गहराई से जांच होनी चाहिए। फिलहाल परिवार की आंखें जांच एजेंसियों और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
“हमें सिर्फ न्याय चाहिए”
डॉ. राशि ओबेरॉय शर्मा ने आखिर में कहा कि उनका परिवार किसी राजनीतिक या व्यक्तिगत लड़ाई में नहीं है। वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि ट्विशा को न्याय मिले और सच सामने आए। उन्होंने कहा कि अगर जांच निष्पक्ष होगी तो परिवार को कम से कम यह संतोष रहेगा कि उनकी बेटी के साथ न्याय हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि परिवार आज भी उम्मीद लगाए बैठा है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेगा और दोषियों को बचाने की बजाय सच्चाई सामने लाने का काम करेगा।
फिलहाल ट्विशा शर्मा मौत मामला पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में जांच की दिशा इस केस में कई नए खुलासे कर सकती है।
The Twisha Sharma death case in Bhopal has sparked nationwide attention after family members alleged evidence tampering and questioned the police investigation. Dr. Rashi Oberoi Sharma, Twisha’s sister-in-law, claimed that the family has been unable to perform the last rites for nine days while demanding justice and a fair probe. The case has gone viral on social media with hashtags like Justice for Twisha trending across platforms. The latest developments in the Bhopal death case have intensified public pressure on authorities for a transparent and unbiased investigation.


















