बजट 2026: देश की अर्थव्यवस्था, किसान और आम आदमी पर केंद्रित घोषणाएं
AIN NEWS 1: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार की प्राथमिकता देश की रीढ़ कहे जाने वाले किसान, स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा, और आर्थिक स्थिरता है। यह उनका लगातार नौवां बजट रहा, जिसे उन्होंने लोकसभा में पेश किया।
इस बजट में जहां किसानों की आय बढ़ाने को लेकर बड़े और दूरगामी कदमों की घोषणा की गई, वहीं दूसरी ओर शेयर बाजार में अचानक आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता भी बढ़ा दी। इसके अलावा विदेश में पढ़ाई और इलाज कराने वालों के लिए TCS (Tax Collected at Source) में बड़ी राहत और देश में दवाइयों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ की ‘बायोफार्मा शक्ति योजना’ की घोषणा भी की गई।
🌾 किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में साफ शब्दों में कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने, लागत कम करने और किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि अगर किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था अपने आप मजबूत होगी। इसी सोच के तहत बजट 2026 में:
कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर जोर
आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल
फसल बीमा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) व्यवस्था को और मजबूत करना
छोटे और सीमांत किसानों को विशेष सहायता
जैसे कदमों की रूपरेखा रखी गई।
वित्त मंत्री ने यह भी संकेत दिए कि सरकार किसानों को केवल सब्सिडी पर निर्भर नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
📉 बजट के बाद शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स टूटा 800 अंक
जहां एक ओर बजट में कई सकारात्मक घोषणाएं की गईं, वहीं दूसरी ओर बजट पेश होते ही शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बजट के तुरंत बाद:
सेंसेक्स करीब 800 अंकों तक टूट गया
निवेशकों में असमंजस की स्थिति बनी
कई सेक्टरों में बिकवाली का दबाव दिखा
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार की यह प्रतिक्रिया बजट में किए गए कुछ नीतिगत संकेतों और वैश्विक आर्थिक हालात के कारण देखने को मिली। हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है और लंबी अवधि में बजट के कई फैसले बाजार के लिए सकारात्मक साबित हो सकते हैं।
🎓✈️ विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए बड़ी राहत: TCS घटकर 2%
बजट 2026 की एक बेहद अहम घोषणा विदेश में पढ़ाई और मेडिकल ट्रीटमेंट से जुड़ी है। वित्त मंत्री ने बताया कि अब:
विदेशी शिक्षा और मेडिकल खर्च पर TCS की दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है
इसका सीधा फायदा उन परिवारों को मिलेगा, जो अपने बच्चों को विदेश में पढ़ाई के लिए भेजते हैं या विदेश में इलाज कराने जाते हैं।
इसका मतलब क्या है?
अगर कोई व्यक्ति विदेश में शिक्षा या इलाज के लिए खर्च करता है, तो अब उसे पहले के मुकाबले कम टैक्स देना होगा। इससे मध्यम वर्ग पर वित्तीय बोझ कम होगा और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं थोड़ी सुलभ बनेंगी।
हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह राहत सिर्फ एजुकेशन और मेडिकल खर्च तक ही सीमित रहेगी।
🏥 ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना: भारत में बनेगी कैंसर-डायबिटीज की दवाएं
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट 2026 में एक बड़ा और दूरदर्शी ऐलान किया गया। वित्त मंत्री ने ₹10,000 करोड़ की ‘बायोफार्मा शक्ति योजना’ की घोषणा करते हुए कहा कि:
“देश में डायबिटीज, कैंसर और ऑटो-इम्यून बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में भारत को दवाइयों के मामले में आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है।”
इस योजना के मुख्य उद्देश्य:
भारत में ही अत्याधुनिक दवाओं का निर्माण
महंगी दवाओं पर विदेशी निर्भरता कम करना
रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा
मरीजों को सस्ती और प्रभावी दवाएं उपलब्ध कराना
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में भारत बायोफार्मा सेक्टर में वैश्विक हब बने।
💊 स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती
बायोफार्मा शक्ति योजना को सिर्फ स्वास्थ्य योजना नहीं, बल्कि आर्थिक विकास की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। इससे:
रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
मेडिकल रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा
भारत का हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत को वैश्विक फार्मा मार्केट में और मजबूत स्थिति में ला सकता है।
🔍 बजट 2026 का बड़ा संदेश
बजट 2026 के जरिए सरकार ने यह साफ संदेश दिया है कि:
किसान देश की प्राथमिकता हैं
स्वास्थ्य और शिक्षा पर निवेश भविष्य की नींव है
टैक्स सिस्टम को अधिक व्यावहारिक और जन-हितैषी बनाया जा रहा है
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं
हालांकि शेयर बाजार की तत्काल प्रतिक्रिया नकारात्मक रही, लेकिन लंबे समय में बजट के फैसले अर्थव्यवस्था को स्थिर और मजबूत बना सकते हैं।
कुल मिलाकर, बजट 2026 किसानों, मरीजों, छात्रों और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बजट नजर आता है। जहां एक ओर सरकार ने कृषि और स्वास्थ्य जैसे मूल क्षेत्रों को मजबूती देने की कोशिश की है, वहीं दूसरी ओर टैक्स में राहत देकर आम लोगों को राहत देने का प्रयास किया गया है।
आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि बजट के ये ऐलान ज़मीनी स्तर पर कितना असर डालते हैं, लेकिन इतना तय है कि यह बजट दिशा और नीयत—दोनों के लिहाज़ से अहम माना जाएगा।
Union Budget 2026 presented by Finance Minister Nirmala Sitharaman focuses on strengthening India’s agriculture sector, increasing farmers’ income, boosting healthcare through the BioPharma Shakti scheme, and providing relief on TCS for foreign education and medical expenses. The budget also had an immediate impact on the stock market, with the Sensex witnessing a sharp fall. These Budget 2026 announcements reflect the government’s priorities towards economic stability, healthcare innovation, and support for Indian farmers.


















