AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश में आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी को मजबूत करने के लिए शासन ने एक अहम कदम उठाया है। इसी कड़ी में राज्य के सभी जिलों में शुक्रवार शाम ठीक 6 बजे दो मिनट के लिए ब्लैकआउट मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। यह अभ्यास किसी वास्तविक खतरे की वजह से नहीं, बल्कि नागरिकों और प्रशासन को युद्ध या हवाई हमले जैसी आपात परिस्थितियों के लिए मानसिक और व्यवहारिक रूप से तैयार करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
यह मॉकड्रिल पूरी तरह से पूर्व नियोजित है और इसका मकसद केवल जागरूकता और प्रशिक्षण है। शासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस दौरान घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
🔴 मॉकड्रिल के दौरान क्या होगा?
शुक्रवार शाम 6 बजे जैसे ही मॉकड्रिल शुरू होगी, पूरे जिले में हवाई हमले की चेतावनी देने वाला सायरन बजेगा। सायरन की आवाज सुनते ही नागरिकों को यह समझना होगा कि यह एक अभ्यास है, लेकिन उन्हें उसी तरह प्रतिक्रिया देनी है जैसे किसी वास्तविक आपात स्थिति में दी जाती है।
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ब्लैकआउट के दौरान:
घरों, दुकानों और कार्यालयों की लाइटें बंद की जाएंगी
सड़कों पर अनावश्यक रोशनी नहीं रहेगी
लोगों को खुले स्थानों से सुरक्षित जगहों की ओर जाना होगा
इसका उद्देश्य यह देखना है कि संकट की स्थिति में लोग कितनी तेजी और समझदारी से प्रतिक्रिया करते हैं।
🛡️ नागरिकों को कैसे रहना होगा सतर्क?
प्रशासन ने मॉकड्रिल के दौरान नागरिकों से सहयोग की अपील की है। लोगों को बताया गया है कि वे सायरन बजने पर:
अफवाहों पर ध्यान न दें
मोबाइल या सोशल मीडिया पर गलत सूचना न फैलाएं
बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों की विशेष मदद करें
साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि नागरिक निर्देशों का कितना पालन करते हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में कितना समय लगता है।
🚑 घायलों को अस्पताल पहुंचाने का भी होगा अभ्यास
इस मॉकड्रिल का एक अहम हिस्सा आपात चिकित्सा सेवाओं का परीक्षण भी है। कुछ स्थानों पर प्रतीकात्मक रूप से “घायलों” को अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया जाएगा।
इससे यह आकलन किया जाएगा कि:
एंबुलेंस कितनी जल्दी मौके पर पहुंचती है
अस्पतालों की आपात सेवाएं कितनी सक्रिय हैं
डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी कितनी तत्परता से काम करते हैं
यह अभ्यास भविष्य में किसी वास्तविक आपदा की स्थिति में जान बचाने में मददगार साबित हो सकता है।
🏛️ प्रशासन और अधिकारियों को दिए गए निर्देश
राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को मॉकड्रिल को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं।
सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है ताकि किसी भी स्तर पर भ्रम या अव्यवस्था न हो।
पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें:
यातायात व्यवस्था पर नजर रखेंगी
भीड़ नियंत्रण का अभ्यास करेंगी
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतेंगी
❗ घबराने की जरूरत नहीं: शासन
शासन की ओर से बार-बार यह स्पष्ट किया गया है कि यह केवल एक अभ्यास है। इसका किसी मौजूदा खतरे या युद्ध की स्थिति से कोई सीधा संबंध नहीं है।
लोगों से अपील की गई है कि वे इसे गंभीरता से लें, लेकिन डरें नहीं।
सरकार का मानना है कि इस तरह की मॉकड्रिल से:
नागरिकों में आत्मविश्वास बढ़ता है
अफरा-तफरी की स्थिति कम होती है
प्रशासन की तैयारियों की वास्तविक परीक्षा होती है
🌍 क्यों जरूरी है ऐसी मॉकड्रिल?
दुनिया के कई देशों में नियमित रूप से सिविल डिफेंस ड्रिल कराई जाती हैं। भारत जैसे बड़े और घनी आबादी वाले देश में ऐसी तैयारियां और भी जरूरी हो जाती हैं।
उत्तर प्रदेश में यह अभ्यास इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां आबादी अधिक है और शहरी व ग्रामीण दोनों इलाकों में अलग-अलग चुनौतियां मौजूद हैं।
यह मॉकड्रिल भविष्य में:
आपदा प्रबंधन योजनाओं को बेहतर बनाने
कमियों की पहचान करने
नागरिकों को जिम्मेदार बनाने
में अहम भूमिका निभाएगी।
📢 नागरिकों से अपील
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे शुक्रवार शाम 6 बजे होने वाली इस ब्लैकआउट मॉकड्रिल में पूरा सहयोग करें।
इसे एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में सीखने का अवसर समझें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
Uttar Pradesh is conducting a statewide blackout mock drill on Friday evening as part of a civil defence exercise aimed at preparing citizens for emergency situations such as war or air attacks. The UP blackout mock drill will include air raid sirens, temporary blackout measures, evacuation practices, and emergency medical response drills. This civil defence exercise in Uttar Pradesh is designed to test disaster management readiness, improve public awareness, and strengthen coordination among administrative agencies.


















