AIN NEWS 1 लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे प्रदेश के 121 उप निरीक्षकों (दारोगा) को आखिरकार बड़ा तोहफा मिला है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के तहत इन सभी अधिकारियों को पदोन्नत कर निरीक्षक (इंस्पेक्टर) के पद पर नियुक्त किया गया है।
यह पदोन्नति न केवल इन अधिकारियों के करियर में एक अहम पड़ाव मानी जा रही है, बल्कि इससे पूरे पुलिस बल के मनोबल में भी स्पष्ट रूप से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
🔹 आईजी स्थापना द्वारा जारी हुआ आदेश
पुलिस मुख्यालय, लखनऊ स्थित आईजी स्थापना की ओर से यह प्रमोशन आदेश जारी किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह पदोन्नति उत्तर प्रदेश उप निरीक्षक एवं निरीक्षक (नागरिक पुलिस) सेवा नियमावली–2015 के प्रावधानों के तहत की गई है।
आदेश के अनुसार यह प्रमोशन वर्ष 2025 की रिक्तियों के सापेक्ष है, जिसे विभागीय चयन प्रक्रिया के बाद अंतिम रूप दिया गया।
🔹 सूची में दर्ज है पूरी जानकारी
पदोन्नति से जुड़ी जो सूची जारी की गई है, उसमें हर अधिकारी का विस्तृत विवरण शामिल है। इसमें
अधिकारी का नाम
पिता का नाम
जन्मतिथि
वर्तमान तैनाती
प्रमोशन वर्ष (2025)
स्पष्ट रूप से अंकित किया गया है। पूरी सूची तीन पृष्ठों में जारी की गई है, जिसमें क्रम संख्या 1 से 121 तक सभी अधिकारियों के नाम दर्ज हैं।
🔹 नई पोस्टिंग पर अलग से आदेश
पुलिस मुख्यालय ने यह भी साफ किया है कि फिलहाल पदोन्नति केवल रैंक तक सीमित है।
नई तैनाती (Posting) से संबंधित आदेश बाद में अलग से जारी किए जाएंगे।
जब तक नई पोस्टिंग के आदेश जारी नहीं होते, तब तक सभी पदोन्नत अधिकारी अपने-अपने वर्तमान जनपदों में ही कार्य करते रहेंगे, लेकिन अब वे इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारों के साथ जिम्मेदारी निभाएंगे।
🔹 प्रदेश के कई जिलों के दारोगा शामिल
इस पदोन्नति सूची में उत्तर प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख जिलों के उप निरीक्षक शामिल हैं।
इनमें प्रमुख रूप से –
कानपुर नगर, प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद, बरेली, मेरठ, झांसी, बस्ती, बलिया, सीतापुर, मिर्जापुर, गोरखपुर, अयोध्या, अमेठी, श्रावस्ती सहित कई अन्य जिले शामिल हैं।
इससे साफ है कि यह प्रमोशन प्रक्रिया प्रदेश स्तर पर संतुलित तरीके से की गई है।
🔹 इंस्पेक्टर पद का महत्व
उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर का पद एक वरिष्ठ, जिम्मेदारीपूर्ण और नेतृत्वकारी भूमिका माना जाता है।
इंस्पेक्टर को थाना प्रभारी से लेकर विशेष शाखाओं तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती हैं।
पदोन्नति के बाद इन अधिकारियों की भूमिका केवल जांच तक सीमित नहीं रहती, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, टीम का नेतृत्व करने और प्रशासन के साथ समन्वय जैसी अहम जिम्मेदारियां भी शामिल हो जाती हैं।
🔹 यूपी पुलिस इंस्पेक्टर की सैलरी कितनी होती है?
इंस्पेक्टर पद पे लेवल-7 के अंतर्गत आता है।
वेतनमान:
बेसिक पे: ₹44,900
अधिकतम बेसिक: ₹1,42,400
भत्ते शामिल:
महंगाई भत्ता (DA)
HRA या सरकारी आवास
परिवहन भत्ता
मेडिकल सुविधा
ड्यूटी वाहन
पेंशन और अन्य सेवा लाभ
सभी भत्तों को मिलाकर एक इंस्पेक्टर की कुल मासिक आय ₹80,000 से ₹1.5 लाख तक हो सकती है। यह राशि तैनाती स्थल, सेवा अवधि और भत्तों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
🔹 पुलिस बल में उत्साह और भरोसा
एक साथ 121 अधिकारियों की पदोन्नति से पुलिस विभाग में सकारात्मक माहौल बना है।
कई जिलों में तैनात जवानों और अधिकारियों के बीच यह संदेश गया है कि मेहनत और सेवा का मूल्यांकन किया जाता है।
वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की पदोन्नतियां न केवल कर्मचारियों को प्रेरित करती हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था की गुणवत्ता में भी सुधार लाती हैं।
🔹 आगे और भी प्रमोशन की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में पुलिस विभाग में अन्य पदों पर भी पदोन्नति से जुड़े निर्णय लिए जा सकते हैं। इससे लंबे समय से इंतजार कर रहे अन्य कर्मियों को भी राहत मिलने की संभावना है।
The UP Police Promotion 2025 has brought major relief to police personnel as 121 Sub Inspectors have been officially promoted to the rank of Inspector. According to the UP Police headquarters, the promotion was granted under the UP Police Service Rules 2015. This promotion enhances career growth, salary benefits and leadership responsibilities for promoted officers. The UP Police Inspector promotion not only boosts morale within the force but also strengthens law and order across Uttar Pradesh.























