AIN NEWS 1 लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार सुबह से राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के करीब 25 जिलों में रुक-रुककर तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। लखनऊ में सड़कें पानी से लबालब हैं और कई इलाकों में पानी घरों व दुकानों तक पहुंच गया है।
चित्रकूट, सोनभद्र और वाराणसी में भी बारिश का असर बेहद गंभीर नजर आ रहा है। कहीं बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है तो कहीं नदियां उफान पर हैं। वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण कई घाट पानी में डूब गए हैं। हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है।
लखनऊ में दो फीट तक पानी, घर-दुकानों में घुसा
राजधानी लखनऊ में पिछले करीब 20 घंटे से रुक-रुककर बारिश हो रही है। तेज बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। कुछ जगहों पर सड़क पर करीब दो फीट तक पानी भरने की सूचना है।
जलभराव के कारण लोगों को घरों और दुकानों से पानी निकालने के लिए बाल्टियों और दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ा। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन और नगर निकाय की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।
चित्रकूट में बांधों के गेट खोले गए, 50 से ज्यादा गांव अलर्ट पर
चित्रकूट में बारिश का असर और ज्यादा दिखाई दे रहा है। यहां करीब 36 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार पानी आने के बाद बरुआ, राशिन और गुंता बांध के गेट खोल दिए गए हैं।
बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद आसपास के 50 से अधिक गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट और उसके आसपास के इलाकों में भी पानी फैल गया है। कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। करीब 500 दुकानों और 20 से 25 होटलों में पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों की ओर से लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
सोनभद्र में रिहंद बांध ओवरफ्लो
सोनभद्र में भी लगातार बारिश और जलभराव के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। प्रदेश के सबसे बड़े बांध रिहंद बांध के ओवरफ्लो होने के बाद तीन गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है।
बांध से पानी छोड़े जाने के कारण आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
काशी में गंगा का जलस्तर बढ़ा, घाटों तक पहुंचा पानी
वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। मणिकर्णिका घाट सहित लगभग सभी प्रमुख घाटों तक पानी पहुंच चुका है।
बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण शवदाह गृह तक जाने वाला रास्ता भी पानी में डूब गया है। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए लोगों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
काशी के प्रसिद्ध रत्नेश्वर महादेव मंदिर का बड़ा हिस्सा भी गंगा के पानी में डूब गया है। करीब 50 फीट ऊंचा यह मंदिर लगभग 95 प्रतिशत तक पानी में समा गया है। दशाश्वमेध घाट पर जल पुलिस की चौकी में भी पानी घुसने की जानकारी है।
15 शहरों में स्कूलों की छुट्टी
खराब मौसम और भारी बारिश को देखते हुए प्रयागराज समेत 15 शहरों में कक्षा 8 तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है।
लगातार बारिश को देखते हुए अन्य जिलों में भी स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर स्कूलों को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।
75 जिलों में बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इनमें 25 जिलों में बहुत भारी बारिश और 20 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
बहुत भारी बारिश वाले जिले
मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, इटावा, औरैया, कन्नौज, उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली, मिर्जापुर और भदोही में बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।
भारी बारिश वाले जिले
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, हापुड़, बिजनौर, अलीगढ़, फर्रुखाबाद, हरदोई, लखनऊ, अमेठी, सुल्तानपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र में भारी बारिश का अलर्ट है।
हल्की बारिश की संभावना
अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर और बलिया में हल्की बारिश हो सकती है।
बूंदाबांदी की संभावना
बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, गोरखपुर, कुशीनगर और देवरिया में बूंदाबांदी के आसार हैं।
24 घंटे में 54 जिलों में हुई बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तर प्रदेश के 54 जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई। कानपुर में सबसे ज्यादा 61.1 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसके बाद सोनभद्र में 60.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
आंकड़ों के मुताबिक 1 सितंबर 2026 तक प्रदेश में मानसूनी सीजन के दौरान कुल 571.6 मिमी बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 600.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अभी तक करीब 5 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
बंगाल की खाड़ी में सिस्टम से मजबूत हुआ मानसून
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने और मानसूनी हवाओं की सक्रियता के कारण उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर मजबूत हुआ है।
मानसून की रेखा शाहजहांपुर और वाराणसी के आसपास से गुजर रही है। इसके अलावा झारखंड और बिहार के रास्ते उत्तर प्रदेश की ओर एक चक्रवाती सिस्टम भी सक्रिय है। इन मौसमी परिस्थितियों के चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश ज्यादा प्रभावी बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिमी दिशा की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से प्रदेश में करीब 5 सितंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
मुख्यमंत्री योगी ने दिए अधिकारियों को ग्राउंड पर रहने के निर्देश
बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में खुद पहुंचकर स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि जलभराव के कारण आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
साथ ही बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की ओर से नुकसान का आकलन कर पात्र प्रभावित लोगों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी है। नदियों और बांधों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। अगले कुछ दिन उत्तर प्रदेश के लिए मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
Uttar Pradesh is witnessing intense monsoon activity, with heavy rain reported in Lucknow, Chitrakoot, Sonbhadra, Varanasi and several other districts. The Uttar Pradesh Rain Alert covers all 75 districts, while the IMD has warned of heavy to very heavy rainfall in several areas. Rihand Dam in Sonbhadra has overflowed, while rising Ganga water levels have affected Varanasi ghats. The UP weather forecast indicates that rainfall may continue until September 5 due to an active low-pressure system and strengthening monsoon winds.



















