तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के छह दिन बाद आखिरकार एक्टर और TVK प्रमुख Vijay के लिए सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है। दो सीटें जीतने वाली VCK पार्टी ने तीन दिन की चर्चा और राजनीतिक अटकलों के बाद TVK को औपचारिक समर्थन पत्र सौंप दिया। इसके साथ ही TVK के पास विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों का आंकड़ा पूरा हो गया है।
VCK के समर्थन के बाद अब TVK के पास कुल 119 विधायकों का समर्थन है। इससे पहले कांग्रेस, CPI और CPI(M) भी विजय की पार्टी को समर्थन दे चुके थे। बाद में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने भी बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की, जिससे विजय की स्थिति और मजबूत हो गई है।
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। TVK ने चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने में सफलता हासिल की थी, लेकिन स्पष्ट बहुमत से वह 10 सीट पीछे रह गई थी। इसके बाद से लगातार सहयोगी दलों के समर्थन को लेकर बातचीत चल रही थी।
VCK ने सौंपा आधिकारिक समर्थन पत्र
VCK प्रमुख Thol. Thirumavalavan ने TVK नेता आधव अर्जुन को औपचारिक समर्थन पत्र सौंपा। पिछले तीन दिनों से राजनीतिक गलियारों में इस समर्थन को लेकर चर्चा चल रही थी। शुक्रवार सुबह थिरुमावलवन ने सार्वजनिक रूप से संकेत दे दिए थे कि उनकी पार्टी TVK सरकार का समर्थन करेगी, लेकिन देर रात तक आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया था।
समर्थन पत्र में हुई देरी के कारण विजय का शपथ ग्रहण कार्यक्रम दूसरी बार टालना पड़ा। इससे पहले भी 7 मई को शपथ ग्रहण स्थगित किया गया था।
VCK के समर्थन के बाद TVK गठबंधन की संख्या इस प्रकार पहुंची:
- TVK – 108 सीट
- कांग्रेस – 5 सीट
- CPI – 2 सीट
- CPI(M) – 2 सीट
- VCK – 2 सीट
कुल समर्थन संख्या 119 तक पहुंच गई, जो बहुमत के आंकड़े से एक ज्यादा है।
कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों को हैदराबाद भेज दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह कदम संभावित हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका को देखते हुए उठाया गया।
बताया जा रहा है कि मेलूर विधायक पी. विश्वनाथन इन विधायकों के समूह का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार यदि TVK सरकार बनती है, तो पी. विश्वनाथन को मंत्री पद भी दिया जा सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु में इस बार त्रिशंकु विधानसभा बनने के कारण छोटे दलों और सहयोगी पार्टियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में कांग्रेस अपने विधायकों को सुरक्षित रखने की रणनीति पर काम कर रही है।
विजय ने राज्यपाल से तीन बार की मुलाकात
TVK प्रमुख विजय ने लगातार तीन दिनों तक राज्यपाल R. N. Ravi से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। हालांकि शुरुआती दौर में उनके पास केवल 116 विधायकों का समर्थन था।
राज्यपाल ने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक TVK बहुमत का जरूरी आंकड़ा नहीं दिखाती, तब तक सरकार बनाने के लिए आमंत्रण नहीं दिया जा सकता।
6 मई और 7 मई को भी विजय ने राज्यपाल से मुलाकात की थी, लेकिन बहुमत के अभाव में उन्हें इंतजार करना पड़ा। इसके बाद TVK ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था और सबसे बड़ी पार्टी होने के आधार पर सरकार बनाने का मौका देने की मांग की थी।
अब VCK और बाद में IUML के समर्थन के साथ विजय की पार्टी बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है, जिससे जल्द ही सरकार गठन का रास्ता खुल गया है।
IUML ने भी दिया बिना शर्त समर्थन
VCK के समर्थन के कुछ घंटों बाद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने भी TVK को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान कर दिया। हालांकि दिन में IUML ने ऐसी खबरों को खारिज किया था।
IUML के राष्ट्रीय अध्यक्ष Kader Mohideen ने पहले कहा था कि पार्टी ने किसी प्रकार का समर्थन पत्र जारी नहीं किया है और वह DMK नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा बनी हुई है। लेकिन बाद में पार्टी ने अपना रुख बदलते हुए TVK को समर्थन देने की पुष्टि कर दी।
IUML के इस फैसले को तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे TVK गठबंधन की राजनीतिक स्थिति और मजबूत हुई है।
चुनाव परिणाम के बाद कैसे बदला राजनीतिक समीकरण
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे 4 मई को आए थे। TVK ने 108 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनने में सफलता हासिल की, लेकिन किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।
इसके बाद राज्य में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
5 मई को TVK ने सहयोगी दलों के साथ बातचीत शुरू की और कांग्रेस ने सबसे पहले समर्थन देने का ऐलान किया। 6 मई को TVK विधायक दल की बैठक में विजय को नेता चुना गया।
इसके बाद लगातार राज्यपाल से मुलाकातों और समर्थन जुटाने का दौर चला। VCK के समर्थन में देरी के कारण शपथ ग्रहण कार्यक्रम दो बार टल गया। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में बड़ी संख्या में पहुंचे विजय के समर्थकों को निराश होकर लौटना पड़ा।
अब बहुमत का आंकड़ा पूरा होने के बाद माना जा रहा है कि विजय जल्द ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में नया दौर
एक्टर विजय की राजनीति में एंट्री को शुरुआत में फिल्मी लोकप्रियता तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन 2026 विधानसभा चुनाव में TVK के प्रदर्शन ने तमिलनाडु की राजनीति का समीकरण बदल दिया है।
DMK और AIADMK जैसी पारंपरिक पार्टियों के बीच TVK का तेजी से उभरना राज्य की राजनीति में नए दौर का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि विजय ने युवाओं, शहरी वोटर्स और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ बनाई है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि विजय सरकार गठन के बाद अपनी पहली कैबिनेट में किन नेताओं को जगह देते हैं और उनकी सरकार की प्राथमिकताएं क्या होंगी।


















