AIN NEWS 1 लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन और पुलिस विभाग को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान प्रदेश का माहौल खराब करने, धार्मिक और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने या अफवाह फैलाकर अशांति पैदा करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रखने और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों के खिलाफ त्वरित एवं प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आगामी त्योहारों की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि दीपोत्सव, दीपावली, छठ पूजा और देव दीपावली जैसे प्रमुख आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार खुशियों और आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं। ऐसे अवसरों पर उत्सव के उल्लास को उपद्रव में बदलने की साजिश करने वाले अराजक और असामाजिक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।
सोशल मीडिया पर रहेगी 24 घंटे पुलिस की नजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रखी जाए, ताकि किसी भी संवेदनशील पोस्ट, भ्रामक वीडियो या जानबूझकर फैलाए जा रहे गलत संदेश से प्रदेश का माहौल प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार अफवाह फैलाने, गलत तथ्यों को प्रचारित करने और शरारतपूर्ण बयानबाजी के माध्यम से सामाजिक या धार्मिक तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों को चिह्नित किया जाए। ऐसे मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
खास तौर पर त्योहारों के दौरान पुराने वीडियो को नई घटना बताकर प्रसारित करने, भ्रामक तस्वीरें साझा करने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली सामग्री पर सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई ह
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि सरकार की आलोचना करने या अपनी वैध राय व्यक्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी। कानूनी कार्रवाई संबंधित सामग्री और परिस्थितियों के आधार पर ही की जाएगी।
अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त
आगामी त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने शासन स्तर से लेकर तहसील और थाना स्तर तक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारों के दौरान प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय रहे। विशेष परिस्थितियों में अवकाश की अनुमति संबंधित स्तर पर दी जा सकेगी, लेकिन सामान्य रूप से अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल पर उपलब्ध रहना होगा।
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को केवल कार्यालयों तक सीमित न रहने और खुद फील्ड में जाकर सुरक्षा तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
अयोध्या दीपोत्सव को लेकर विशेष सुरक्षा व्यवस्था
अयोध्या में 7 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाले भव्य दीपोत्सव को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि दीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए उनकी सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इसके लिए अंतरजनपदीय और स्थानीय यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, रूट डायवर्जन की पहले से योजना तैयार करने और इसकी जानकारी आम जनता तक पहुंचाने को कहा गया है।
प्रशासन को भीड़ नियंत्रण, पार्किंग, श्रद्धालुओं की आवाजाही और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने होंगे।
मंदिरों और बाजारों में 24 घंटे पुलिस निगरानी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर चौबीसों घंटे पर्याप्त पुलिस बल तैनात रखने के निर्देश दिए हैं।
धनतेरस और दीपावली के दौरान मुख्य बाजारों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस को सघन पैदल गश्त करने और सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरह सक्रिय रखने के लिए कहा गया है।
इसके साथ ही पुलिस की आपातकालीन सेवा पीआरवी-112 को लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
प्रतिमा स्थापना और धार्मिक आयोजनों के लिए नियमानुसार समय पर अनुमति देने को भी कहा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसे आयोजनों की आड़ में विवाद पैदा करने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
पटाखों की दुकानों के लिए सुरक्षा के विशेष निर्देश
त्योहारों के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने पटाखों की बिक्री और भंडारण को लेकर भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि पटाखों की दुकानें और अस्थायी गोदाम घनी आबादी से दूर खुले तथा सुरक्षित स्थानों पर ही स्थापित किए जाएं। इसके लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
अग्निशमन विभाग को पर्याप्त फायर टेंडर और जीवनरक्षक उपकरणों के साथ 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।
बिजली, पानी और साफ-सफाई पर भी सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान नागरिक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। शहरी विकास और पंचायती राज विभाग को विशेष स्वच्छता तथा प्रकाश व्यवस्था अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
इन व्यवस्थाओं में झुग्गी-बस्तियों से लेकर बड़े आवासीय क्षेत्रों तक को शामिल करने को कहा गया है।
अधिकारियों को नियमित साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन और एंटी लार्वा फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों पर जलभराव, कूड़े के ढेर और गड्ढों की समस्या को समय रहते दूर करने को भी कहा गया है।
इसके अलावा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति तथा स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। त्योहारों के दौरान बिजली की निर्धारित रोस्टरिंग नहीं करने को कहा गया है।
परिवहन व्यवस्था सुधारने और मनमाना किराया वसूलने वालों पर कार्रवाई
त्योहारों में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिवहन विभाग को अतिरिक्त बसों का संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने अनफिट और बिना अनुमति चलने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। निजी बस संचालकों द्वारा यात्रियों से निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने की शिकायतों पर भी तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना है।
किसानों के लिए खाद की उपलब्धता और धान खरीद पर निर्देश
मुख्यमंत्री ने किसानों से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को यूरिया और डीएपी खाद की उपलब्धता पर विशेष नजर रखने को कहा है।
खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी, कृत्रिम कमी पैदा करने और निर्धारित कीमत से अधिक दाम वसूलने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
धान खरीद केंद्रों पर भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों की उपज की सही तौल हो और उन्हें अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। कोई भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित होकर वापस न लौटे।
राशन वितरण में गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी राशन व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने राशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने और लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
विशेष रूप से कम तौलकर राशन देने वाले कोटेदारों और अन्य अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाई करने को कहा गया है।
इसके साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का प्राथमिकता से भुगतान करने तथा आउटसोर्स कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय त्योहारों से पहले उनके बैंक खातों में पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त और प्रदेश के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी शामिल हुए। कई अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।
सरकार का स्पष्ट संदेश: त्योहारों में शांति और सुरक्षा सर्वोपरि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश सरकार आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और नागरिक सुविधाओं को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं चाहती।
एक तरफ पुलिस और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ बिजली, पानी, परिवहन, सफाई, खाद और राशन जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी ध्यान देने को कहा गया है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और भ्रामक सूचनाओं के जरिए माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश भी इसी व्यापक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में सभी त्योहार शांतिपूर्ण वातावरण, आपसी भाईचारे और सुरक्षा के साथ संपन्न हों।
Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath has directed 24-hour social media monitoring and strict legal action against individuals spreading rumours, fake news and misleading information. The UP government has strengthened law and order arrangements ahead of Deepotsav 2026, Diwali, Chhath Puja and Dev Deepawali. The latest UP news also highlights enhanced police deployment, Ayodhya Deepotsav security, festival traffic management, fire safety measures, uninterrupted electricity and water supply, and strict action against anti-social elements to maintain peace and communal harmony across Uttar Pradesh.



















