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योगी आदित्यनाथ का सपा पर हमला: “फर्जी डिग्री वाले करते थे भर्ती”, पारदर्शिता पर सरकार का जोर!

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AIN NEWS 1: लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नव-चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने न केवल चयनित युवाओं को शुभकामनाएं दीं, बल्कि राज्य की पिछली सरकारों, खासकर समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल पर भी तीखा हमला बोला।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी और अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के लिए 357 कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानी पदों पर चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। यह चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से किया गया।

🔍 भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार का दावा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया है। उन्होंने कहा कि आज की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की सिफारिश या भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं है। उनका कहना था कि अब योग्यता के आधार पर चयन हो रहा है, जिससे युवाओं का भरोसा सरकार पर बढ़ा है।

⚠️ सपा शासन पर तीखा प्रहार

योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में सपा सरकार (2012-2017) के कार्यकाल को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि उस समय भर्ती प्रक्रियाएं पूरी तरह से विवादों में घिरी रहती थीं। उन्होंने कहा, “जिस व्यक्ति की खुद की डिग्री संदिग्ध थी, वही आयोग का चेयरमैन बनकर चयन कर रहा था। उस दौर में अराजकता का माहौल था और भर्ती में पैसों का खेल चलता था।”

📌 क्या था अनिल यादव प्रकरण

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में अनिल यादव से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया। यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब उनकी नियुक्ति को लेकर सवाल उठे थे।

इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच, जिसमें जस्टिस टी.एस. ठाकुर और जस्टिस वी. गोपाला गौड़ा शामिल थे, ने अनिल यादव की नियुक्ति को निरस्त कर दिया था। अदालत ने कहा था कि यह एक संवैधानिक पद है और इसमें नियुक्ति के दौरान सभी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव था।

😔 एक दर्दनाक घटना का जिक्र

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में एक भावुक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में एक मेधावी युवक को पुलिस भर्ती में चयन के बावजूद नियुक्ति पत्र नहीं मिला, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया और उसने आत्महत्या कर ली।

इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले के समय में भर्ती प्रक्रियाओं में इतनी अनियमितताएं थीं कि योग्य उम्मीदवारों को भी न्याय नहीं मिल पाता था।

📊 सरकार की उपलब्धियां और आंकड़े

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद से अब तक राज्य में बड़े पैमाने पर सरकारी भर्तियां की गई हैं। उनके अनुसार:

पिछले 9 वर्षों में 2.20 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई

वर्ष 2025 में एक साथ 60,244 युवाओं का चयन और प्रशिक्षण कराया गया

कुल मिलाकर 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले एक वर्ष में लगभग 1.5 लाख और भर्तियां पूरी की जाएंगी। इसमें:

UPSSSC के 32,000 से अधिक पद

UPPSC के 15,000 पद

पुलिस भर्ती बोर्ड के 45,000 से अधिक पद शामिल हैं

🧪 खाद्य सुरक्षा और औषधि क्षेत्र में सुधार

मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग में हुए सुधारों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि पहले जहां राज्य में सीमित संख्या में प्रयोगशालाएं थीं, वहीं अब उनकी संख्या में काफी वृद्धि हुई है:

औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएं: 5 से बढ़कर 18

खाद्य सुरक्षा प्रयोगशालाएं: 6 से बढ़कर 18

कनिष्ठ विश्लेषकों की संख्या: 44 से बढ़कर 401

इन सुधारों के कारण अब खाद्य पदार्थों की जांच क्षमता कई गुना बढ़ गई है। दूध, खाद्य तेल, मिठाई जैसे उत्पादों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

🚫 मिलावट पर सख्ती

योगी आदित्यनाथ ने मिलावट को एक “सोशल क्राइम” बताया और कहा कि ऐसे अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि दोषियों को सार्वजनिक रूप से उजागर किया जाए ताकि समाज में उनके खिलाफ जागरूकता बढ़े और अन्य लोग ऐसे अपराध करने से बचें।

🏥 मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सरकार ने उल्लेखनीय प्रगति का दावा किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार:

2017 से पहले जहां मेडिकल कॉलेजों की संख्या सीमित थी, अब यह बढ़कर 81 हो गई है

इसमें 2 AIIMS भी शामिल हैं

हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा रहा है

🔍 पारदर्शिता पर जोर

अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता को सरकार की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा, “आज भर्ती बोर्ड के चेयरमैन आपके सामने बैठे हैं, लेकिन आप उन्हें पहचानते भी नहीं। यही असली पारदर्शिता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि जब सरकार की नीयत साफ होती है और नीतियां स्पष्ट होती हैं, तो परिणाम अपने आप बेहतर होते हैं।

Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath criticized the Samajwadi Party over the fake degree controversy linked to the Anil Yadav case, while emphasizing transparent recruitment processes in the state. Highlighting the role of UPSSSC and UPPSC, he noted that over 9 lakh government jobs have been provided since 2017. The UP government has strengthened food safety labs, increased medical infrastructure including AIIMS, and ensured merit-based selection in government jobs, making Uttar Pradesh a model for transparent recruitment in India.

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