spot_imgspot_img

इंदौर गंदा पानी कांड: फाइलों में उलझी पाइपलाइन योजना, लापरवाही ने ली 10 लोगों की जान!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवालों के घेरे में है। भागीरथपुरा इलाके में गंदे और दूषित पानी की समस्या कोई नई नहीं थी, लेकिन समय रहते कदम न उठाने का खामियाजा 10 लोगों की जान देकर चुकाना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि इस समस्या की जानकारी अधिकारियों को जुलाई 2022 में ही मिल चुकी थी, इसके बावजूद नई पाइपलाइन डालने की फाइल फरवरी 2023 तक दफ्तरों और मेयर के केबिन में धूल खाती रही।

2022 में आई थी चेतावनी, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई

भागीरथपुरा में रह रहे लोगों ने जुलाई 2022 में ही शिकायत की थी कि नलों से बदबूदार और गंदा पानी आ रहा है। कई लोगों ने पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी बीमारियों की शिकायत की। स्थानीय पार्षदों और नगर निगम के अधिकारियों को लिखित में इसकी जानकारी दी गई, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।

नगर निगम के रिकॉर्ड बताते हैं कि नई पाइपलाइन डालने का प्रस्ताव उसी साल तैयार हो गया था, लेकिन फाइल कभी इंजीनियरिंग विभाग में अटकी रही तो कभी अफसरों के हस्ताक्षर का इंतजार करती रही।

मेयर और अधिकारियों के केबिन में घूमती रही फाइल

सूत्रों के मुताबिक, पाइपलाइन बदलने की फाइल 2022 के आखिर तक कई विभागों में घूमती रही। कभी तकनीकी आपत्ति लगाई गई, तो कभी बजट का बहाना बनाया गया। अंततः यह फाइल फरवरी 2023 में जाकर आगे बढ़ी, लेकिन तब तक हालात और बिगड़ चुके थे।

अगर समय रहते सिर्फ एक साइन हो जाता, तो न सिर्फ गंदे पानी की सप्लाई रोकी जा सकती थी, बल्कि 10 लोगों की जान भी बचाई जा सकती थी।

हादसे के बाद जागा प्रशासन

जब इलाके में मौतों का सिलसिला शुरू हुआ और मामला मीडिया में उछला, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया। पानी के सैंपल लिए गए, जांच के आदेश दिए गए और टैंकरों से पानी सप्लाई शुरू की गई। लेकिन सवाल यह है कि जब खतरे की जानकारी पहले से थी, तो इंतजार क्यों किया गया?

हाई कोर्ट की फटकार भी बेअसर

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने भी प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने साफ कहा कि जनता की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद हालात पूरी तरह नहीं सुधरे हैं।

आज भी भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में जर्जर टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है, जिनकी हालत खुद चिंता का विषय है।

जंग और काई से भरे वाटर टैंकर

जिन टैंकरों से लोगों को पीने का पानी दिया जा रहा है, उनके अंदर काई जमी हुई है और लोहे में जंग लग चुकी है। साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि टैंकर का पानी पीने से डर लगता है, लेकिन मजबूरी में वही पानी इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

लोगों का दर्द और गुस्सा

भागीरथपुरा के रहवासी आज भी सवाल पूछ रहे हैं—अगर 2022 में ही पाइपलाइन बदल दी जाती, तो क्या ये मौतें होतीं? लोगों का कहना है कि हर बार हादसे के बाद ही प्रशासन जागता है, लेकिन स्थायी समाधान कभी नहीं किया जाता।

जिम्मेदारी किसकी?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल जवाबदेही का है। फाइल अटकाने वाले अधिकारी, समय पर निर्णय न लेने वाले अफसर और राजनीतिक नेतृत्व—किसकी जिम्मेदारी तय होगी? अब तक किसी बड़े अधिकारी पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

आगे क्या?

प्रशासन ने अब नई पाइपलाइन डालने और जल आपूर्ति व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया है। लेकिन लोगों का भरोसा टूट चुका है। उनका कहना है कि जब तक काम जमीन पर नजर नहीं आएगा, तब तक वादों पर यकीन करना मुश्किल है।

The Indore contaminated water tragedy has exposed serious administrative negligence as officials failed to act on pipeline replacement proposals since 2022. Despite early warnings about polluted water in Bhagirathpura, files remained pending until 2023, leading to a deadly water crisis. Rusty water tankers, unsafe drinking water, and delayed civic action have raised major concerns about Indore’s water supply system and governance.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
light rain
31 ° C
32.1 °
31 °
79 %
3.6kmh
99 %
Sat
33 °
Sun
34 °
Mon
38 °
Tue
32 °
Wed
32 °
Video thumbnail
Independence Day 2026 LIVE : लाल किले से सीधा लाइव | PM Modi |15 August 2026 | 80th Independence Day
01:42:42
Video thumbnail
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय बोले- जंतर-मंतर पर पैलेट गन का इस्तेमाल जायज था
00:47
Video thumbnail
पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा
00:59
Video thumbnail
PM Modi : "इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा..."
01:14
Video thumbnail
PM मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा
00:30
Video thumbnail
मानसून सत्र हंगामे की भेंट! संसद में काम ठप, अब Congress-BJP में आरोपों की जंग
04:16
Video thumbnail
Kondli पुल पर सियासी घमासान! AAP का CM Rekha Gupta और Parvesh Verma के खिलाफ प्रदर्शन
04:04
Video thumbnail
हरियाणा के पलवल में बना रिकॉर्ड, 5 किलोमीटर तक लहराया तिरंगा
00:48
Video thumbnail
लखनऊ में Gen Alpha छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षकों की कमी को लेकर सड़क जाम
00:25
Video thumbnail
Yogi Adityanath : मैंने उन मौलवियों से कहा- हम हिंदुओं को तुम सिखाओगे कि गोमाता की पूजा कैसे करनी है
03:00

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related