spot_imgspot_img

गाजियाबाद में नर्सरी से 5वीं तक की कक्षाएँ ऑफलाइन बंद, अब हाइब्रिड मोड में होंगी संचालित

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | गाजियाबाद जिले में बढ़ते प्रदूषण स्तर और बच्चों के स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत नर्सरी से लेकर कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाओं को तुरंत प्रभाव से रोक दिया गया है। अब ये कक्षाएँ अगली सूचना तक हाइब्रिड मोड यानी ऑनलाइन और आवश्यकतानुसार सीमित ऑफलाइन व्यवस्था के मिश्रण के रूप में संचालित होंगी।

13 नवंबर 2025 से लागू यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू प्रदूषण मानकों एवं दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

GRAP और विभिन्न सरकारी निर्देशों के अनुपालन में लिया गया निर्णय

यह आदेश सिर्फ स्थानीय निर्णय नहीं है, बल्कि कई उच्च-स्तरीय एजेंसियों द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुपालन में लिया गया है।

कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 20 नवंबर 2024 को एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया था, जिसमें GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के तहत दिशा संख्या-83 को लागू करने के निर्देश दिए गए थे। इसके अतिरिक्त दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने भी 11 नवंबर 2025 को स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाएँ रोकने संबंधी आदेश जारी किए थे।

इन सभी आदेशों का पालन करने हेतु गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए। उसी क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी, और सभी बोर्डों (CBSE, ICSE, UP Board, Sanskrit Board, Madarsa Board आदि) से संबद्ध स्कूलों के लिए यह आदेश जारी किया है।

कौन-कौन से स्कूल और छात्र इस आदेश के दायरे में आएंगे?

यह आदेश गाजियाबाद जिले के लगभग सभी प्रकार के स्कूलों पर लागू होगा। इसमें शामिल हैं:

  • बेसिक शिक्षा परिषद के सभी प्राथमिक विद्यालय

  • CBSE मान्यता प्राप्त सभी स्कूल

  • ICSE बोर्ड के स्कूल

  • मदरसा बोर्ड से जुड़े संस्थान

  • संस्कृत शिक्षा परिषद के विद्यालय

  • UP Board के सभी माध्यमिक विद्यालय जिनमें प्राथमिक कक्षाएँ संचालित होती हैं

  • निजी स्कूल और अन्य शैक्षिक संस्थान

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह आदेश नर्सरी से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के लिए लागू है।

इसके अलावा, जिले में संचालित सभी कोचिंग सेंटरों को भी इसी निर्देश का पालन करना होगा। इसका मतलब है कि छोटे बच्चों के लिए किसी भी तरह की ऑफलाइन क्लास या कोचिंग की अनुमति नहीं होगी।

बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला

जिले में वायु गुणवत्ता लगातार खराब स्तर पर बनी हुई है। प्रदूषण का सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों पर पड़ता है, क्योंकि उनका फेफड़ा विकासशील अवस्था में होता है और वे प्रदूषण को अधिक मात्रा में अवशोषित कर लेते हैं।

डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक प्रदूषण बच्चों में खांसी, सांस लेने में तकलीफ, एलर्जी, बुखार, आंखों में जलन और फेफड़ों की दीर्घकालिक समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा माना गया है।

इसी वजह से प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है कि वे फिलहाल घर से ही अध्ययन करें।

हाइब्रिड मोड में कक्षाएँ कैसे चलेंगी?

“हाइब्रिड मोड” का मतलब है:

  • मुख्य रूप से ऑनलाइन कक्षाएँ

  • आवश्यक होने पर स्कूलों द्वारा सीमित स्तर पर अभिभावक-स्वीकृति के साथ ऑफलाइन सहायता

  • असाइनमेंट, होमवर्क और शिक्षण सामग्री डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी

  • शिक्षकों के लिए ऑनलाइन हाजिरी और मूल्यांकन की व्यवस्था जारी रहेगी

स्कूलों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वे ऑनलाइन पढ़ाई को सुविधाजनक, सरल और प्रभावी बनाएं, ताकि छोटे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

आदेश का सख्ती से पालन होगा

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूल प्रबंधकों, प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और अधिकारियों को इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश दिए हैं।

यह भी बताया गया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या आदेश उल्लंघन पर संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

गाजियाबाद में नर्सरी से 5वीं तक के बच्चों के लिए ऑफलाइन कक्षाओं को रोकने का फैसला शहर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए पूरी तरह उचित और समयोचित कदम माना जा रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को स्वास्थ्य जोखिम से बचाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण में शिक्षा उपलब्ध कराना है।

हाइब्रिड मोड में कक्षाएँ चलने से बच्चों की पढ़ाई भी जारी रहेगी और स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा। अभिभावकों और स्कूलों से अपेक्षा की जा रही है कि वे इस आदेश का पूर्ण सहयोग करें।

प्रदूषण के स्तर में सुधार होने पर आगे के निर्णय लिए जाएंगे। फिलहाल बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
32.3 ° C
32.3 °
32.3 °
61 %
2.6kmh
100 %
Mon
32 °
Tue
33 °
Wed
37 °
Thu
36 °
Fri
34 °
Video thumbnail
अखिलेश यादव बोले- छात्रों का मुद्दा और आस्था से खिलवाड़, दोनों पर सरकार चर्चा करे
00:59
Video thumbnail
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर दूध लेकर संसद पहुंचे डिंपल यादव समेत सांसद
00:42
Video thumbnail
झारखंड में वाटर कैनन के सामने डटे छात्र, पीछे हटने की बजाय किया डांस
00:21
Video thumbnail
‘आंसू की हर एक बूंद से टपक रहा गोल्ड मेडल’, खिलाड़ियों के जज्बे पर PM Modi का बयान
00:14
Video thumbnail
Dimple Yadav : "FCRA बिल इसलिए लाया जा रहा है जिससे संगठनों पर दबाव...”
00:47
Video thumbnail
Dimple Yadav on Yogi Adityanath & Ram Mandir Donation Theft : "दूध का दूध और पानी का पानी...”
01:12
Video thumbnail
झारखंड में युवा विधानसभा के बाहर
00:05
Video thumbnail
झारखंड छात्र आंदोलन पर अखिलेश यादव का निशाना, बोले- छात्रों को रोजगार देना मोदी सरकार की जिम्मेदारी
00:28
Video thumbnail
CJP लाठीचार्ज पर अमित शाह देंगे जवाब, रिजिजू बोले- विपक्ष सदन से न हटे
00:34
Video thumbnail
Rahul Gandhi : "मोदी और अम‍ित शाह में ह‍िम्‍मत नहीं है..."
00:18

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related

‘भले ही गोली मार दें, पूरा वंदे मातरम नहीं गाएंगे’, कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन का बयान

AIN NEWS 1तिरुवनंतपुरम: केरल में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को...