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ग्रेटर नोएडा में SIR अभियान की धीमी रफ्तार पर DM मेधा रूपम सख्त, अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश!

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AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति बेहद धीमी पाए जाने पर जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कड़ा रुख अपनाया है। चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के तहत पूरा प्रदेश SIR प्रक्रिया को समय पर पूरा करने में जुटा है, लेकिन गौतमबुद्ध नगर जिले में अब तक बेहद कम प्रगति दर्ज की गई है।

पंचशील बालक इंटर कॉलेज में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जब अधिकारियों ने SIR अभियान की अब तक की रिपोर्ट प्रस्तुत की, तो पता चला कि जिले में 5 प्रतिशत से भी कम प्रगति हुई है। रिपोर्ट देखकर ही जिलाधिकारी मेधा रूपम का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इतनी धीमी रफ्तार अस्वीकार्य है और अगर कार्य में तेजी नहीं आई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

DM का कड़ा संदेश—लापरवाही बर्दाश्त नहीं

बैठक के दौरान DM ने अंतर- विभागीय तालमेल की कमी और टीमों की सुस्ती पर विशेष नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि SIR जैसे महत्वपूर्ण अभियान में ढिलाई पूरे निर्वाचन तंत्र की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाती है।

DM मेधा रूपम ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण काम धीमा चल रहा है, उनके एक दिन के वेतन को रोकने का निर्देश जारी किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है—अगर आने वाले दिनों में सुधार नहीं दिखा, तो आगे और कठोर कदम उठाए जाएंगे।

SIR अभियान क्यों महत्वपूर्ण?

विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से मतदाता सूची को पुनः सत्यापित किया जाता है, नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं, मृत या स्थानांतरित हो चुके व्यक्तियों के नाम हटाए जाते हैं, और त्रुटियों को सुधारा जाता है।

भागदौड़ भरे जीवन और लगातार बढ़ते शहरीकरण के कारण बड़ी संख्या में लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होते रहते हैं। ऐसे में चुनाव आयोग के लिए सटीक और अद्यतन मतदाता सूची बनाना बेहद आवश्यक हो जाता है। इसी उद्देश्य से SIR हर जिले में चलाया जा रहा है।

ग्रेटर नोएडा जैसे बड़े और तेजी से विकसित होते शहर में SIR की महत्ता और बढ़ जाती है, क्योंकि यहां आवासीय प्रोजेक्ट, नए सेक्टर और प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन इतनी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में सिर्फ 5% प्रगति प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है।

जिलाधिकारी ने दिए गति बढ़ाने के निर्देश

बैठक के दौरान DM ने सभी ब्लॉकों और तहसीलों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि फील्ड टीम निर्धारित समय में अधिक से अधिक घर-घर सत्यापन कार्य पूरा करें।

उन्होंने यह भी कहा:

फील्ड स्टाफ अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाए।

हर शाम प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजी जाए।

जो टीमें वास्तव में अच्छा काम कर रही हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा।

जो कर्मचारी बार-बार चेतावनी के बाद भी लापरवाही करते पाए गए, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय है।

फील्ड टीमों को मिलेगा अतिरिक्त सहयोग

DM ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि फील्ड टीमों की किसी प्रकार की समस्या—चाहे वह दस्तावेजों की कमी हो, आईडी कार्ड की दिक्कत हो या किसी क्षेत्र में लोगों के सहयोग का अभाव—तो तुरंत समाधान किया जाए।

उन्होंने कहा कि “टीम से अपेक्षा है कि वे सिर्फ दस्तावेज़ भरने की प्रक्रिया को औपचारिकता न समझें, बल्कि इसे लोकतांत्रिक अधिकारों को मजबूत करने वाले अभियान के रूप में लें।”

मतदाताओं से भी की गई अपील

आम नागरिकों से भी जिलाधिकारी ने अपील की है कि वे सत्यापन टीमों के साथ सहयोग करें। सही दस्तावेज उपलब्ध कराने में देरी या लापरवाही पूरे जिले की प्रगति को धीमा कर देती है।

DM ने कहा कि जो युवा पहली बार वोटर बनने जा रहे हैं, वे SIR के माध्यम से अपने नाम जोड़ने में देरी न करें। हर नागरिक का मत मूल्यवान है और सही जानकारी देना लोकतंत्र के लिए बेहद आवश्यक है।

अगली समीक्षा बैठक होगी निर्णायक

DM मेधा रूपम ने सभी अधिकारियों को आगामी समीक्षा बैठक से पहले लक्ष्यों को पूरा करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में किसी भी प्रकार की बहानेबाज़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अगर अगले कुछ दिनों में प्रगति संतोषजनक नहीं हुई, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन की प्राथमिकता—100% सत्यापन

ग्रेटर नोएडा प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर SIR अभियान को पूरा किया जाए। इसके लिए अतिरिक्त टीमों को तैनात किया जा रहा है और हर क्षेत्र में सुपरवाइजर्स नियुक्त किए गए हैं।

DM ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले की छवि और चुनाव आयोग के निर्देशों का सम्मान करते हुए प्रगति को तेज़ करना हर कर्मचारी का कर्तव्य है।

The Special Intensive Revision (SIR) campaign in Greater Noida has drawn attention after District Magistrate Medha Rupam issued strict orders due to extremely slow progress. With less than 5 percent achievement in voter list verification, the DM has instructed salary deductions and warned of further action. This article highlights the importance of the SIR campaign, administrative shortcomings, and the Election Commission’s guidelines, ensuring strong SEO presence with keywords such as Greater Noida SIR, Medha Rupam, Election Commission, voter list revision, and UP administration for improved online visibility.

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