Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

महाश्मशान में विकास बनाम विरासत की टकराहट: मणिकर्णिका घाट पर ऐतिहासिक चबूतरे के टूटने से भड़का आक्रोश!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 : वाराणसी, जिसे मोक्ष की नगरी कहा जाता है, एक बार फिर विकास और विरासत के टकराव को लेकर चर्चा के केंद्र में है। काशी के सबसे पवित्र और प्राचीन श्मशान घाट मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान एक ऐतिहासिक चबूतरे और अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी मूर्ति संरचना को क्षति पहुँचने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया।

यह मामला केवल एक निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लोगों की आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक पहचान सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।

Thailand Train Accident: चलती ट्रेन पर गिरी भारी-भरकम क्रेन, 22 यात्रियों की मौत, 30 से अधिक घायल

🔥 क्या है पूरा विवाद?

बीते दिनों वाराणसी प्रशासन द्वारा मणिकर्णिका घाट पर पुनरुद्धार परियोजना के तहत भारी मशीनों और बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी दौरान घाट पर स्थित एक पुराना चबूतरा, जिसे स्थानीय लोग ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हैं, क्षतिग्रस्त हो गया। आरोप है कि इस प्रक्रिया में ‘मणि’ से जुड़ी प्रतीकात्मक संरचना और अहिल्याबाई होल्कर की स्मृति से जुड़ा स्थल भी प्रभावित हुआ।

जैसे ही यह जानकारी फैली, घाट पर कार्य कर रहे पाल समाज, तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने काम रोकने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

🗣️ स्थानीय लोगों का कहना

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि मणिकर्णिका घाट सिर्फ एक सार्वजनिक स्थल नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की धार्मिक परंपरा और इतिहास का जीवंत प्रतीक है। पाल समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि बिना स्थानीय लोगों और धार्मिक संस्थाओं से संवाद किए इस तरह का कार्य करना आस्था पर सीधा हमला है।

तीर्थ पुरोहितों ने भी कहा कि घाट की हर संरचना का एक धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व होता है। इसे आधुनिक विकास के नाम पर नष्ट करना काशी की आत्मा को चोट पहुँचाने जैसा है।

🛑 बढ़ता आक्रोश और विरोध प्रदर्शन

घटना के बाद घाट पर तनाव का माहौल बन गया। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और पुनरुद्धार कार्य तुरंत रोकने की मांग की। कई श्रद्धालुओं ने सवाल उठाया कि अगर विकास के नाम पर सदियों पुरानी विरासत को मिटा दिया जाएगा, तो आने वाली पीढ़ियों को क्या दिखाया जाएगा?

स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की।

🏛️ प्रशासन का पक्ष

विवाद बढ़ने के बाद वाराणसी प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि किसी भी मूर्ति या धार्मिक प्रतीक को नुकसान नहीं पहुँचाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, पुनरुद्धार कार्य पूरी तरह नियोजित है और जिन मूर्तियों या संरचनाओं को अस्थायी रूप से हटाया गया है, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।

प्रशासन का दावा है कि परियोजना का उद्देश्य मणिकर्णिका घाट की ऐतिहासिक पहचान को खत्म करना नहीं, बल्कि उसे संरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना है।

⚖️ विकास बनाम विरासत की बहस

यह पहला मौका नहीं है जब वाराणसी में विकास कार्यों को लेकर विरासत पर खतरे का सवाल उठा हो। इससे पहले भी काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अन्य परियोजनाओं के दौरान ऐसे विवाद सामने आ चुके हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि विकास जरूरी है, लेकिन ऐसे स्थानों पर संवेदनशीलता, पारदर्शिता और स्थानीय सहभागिता बेहद अहम होती है। मणिकर्णिका जैसे स्थल सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि सदियों की आस्था और परंपरा का केंद्र हैं।

🕯️ मणिकर्णिका घाट का ऐतिहासिक महत्व

मणिकर्णिका घाट को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र श्मशान घाट माना जाता है। मान्यता है कि यहाँ अंतिम संस्कार करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह घाट न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।

ऐसे में यहाँ किसी भी तरह का बदलाव बेहद सोच-समझकर और समाज के सभी वर्गों को विश्वास में लेकर किया जाना चाहिए।

🤝 समाधान की उम्मीद

विवाद के बाद प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर जारी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में किसी भी कार्य से पहले धार्मिक और सामाजिक संगठनों से चर्चा की जाएगी।

स्थानीय लोगों की मांग है कि क्षतिग्रस्त संरचनाओं को यथास्थान पुनः स्थापित किया जाए और मणिकर्णिका घाट की मूल पहचान से कोई समझौता न किया जाए।

The Manikarnika Ghat controversy in Varanasi has reignited the debate over development versus heritage as locals protest alleged damage to historic structures during redevelopment work. The issue has drawn attention to the preservation of cultural heritage, the role of the Varanasi administration, and concerns surrounding iconic sites like Manikarnika Ghat and the legacy of Ahilyabai Holkar.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
haze
17.1 ° C
17.1 °
17.1 °
48 %
3.1kmh
0 %
Thu
19 °
Fri
23 °
Sat
24 °
Sun
24 °
Mon
25 °
Video thumbnail
Greater Noida Gaur City First Avenue: Parking में Car लगाने को लेकर हुआ झगड़ा, फिर गिरफ्तारी
05:55
Video thumbnail
Nand Kishor Gurjar : मजार के नाम पर लैंड जिहाद बर्दाश्त नहीं करेंगे
01:35
Video thumbnail
हर शहर, हर ज़िला – अब बोलेगा सच | AIN NEWS 1
00:45
Video thumbnail
विधानसभा में Gopal Rai से जमकर भिड़ गए Parvesh Verma, फिर जो हुआ... सब हैरान !Parvesh Verma Vs Gopal
13:00
Video thumbnail
Rampur Bajrang Dal Leader UP Police: "आग लगा देंगे थाने में"! | बजरंग दल नेता की धमकी | Yogi
06:14
Video thumbnail
UP Assembly में CM Yogi के विधानसभा में दिए 3 बयान जो जबरदस्त हो गए वायरल, विपक्ष हुआ लाल
17:07
Video thumbnail
Somnath Mandir पर बुरी तरह फंसी कांग्रेस,Sudhanshu Trivedi ने ये सच्चाई देश को पहली बार बताई,सब दंग
17:11
Video thumbnail
CM Yogi PC: “INDI गठबंधन सवाल उठा…”, Vb G Ram G Bill 2025 को लेकर विपक्ष पर गरजे CM Yogi Adityanath
04:55
Video thumbnail
भरे मंच पर भाषण दे रहे थे Ravi Kisan, अचानक भीड़ के साथ पहुंचे कार्यकर्ता, और बवाल काट दिया !
03:14
Video thumbnail
Venezuela Attack देख Owaisi ने PM Modi को कौन सी कार्रवाई की हिदायत दे डाली?
01:24

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related