spot_imgspot_img

ईरान में ‘अल्लाह-हू-अकबर’ की जगह क्यों लहराने लगा शेर-सूरज का झंडा? एक प्रतीक जिसने हिला दी इस्लामिक हुकूमत!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: ईरान में इन दिनों सड़कों पर जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे सिर्फ विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि एक गहरे राजनीतिक और सांस्कृतिक टकराव की कहानी कहती हैं। जिस देश की पहचान दशकों से इस्लामिक शासन और ‘अल्लाह-हू-अकबर’ जैसे धार्मिक नारों से जुड़ी रही, वहीं अब उसी ईरान में एक पुराना ऐतिहासिक झंडा—शेर और सूरज का प्रतीक—फिर से उभरकर सामने आ गया है।

यह झंडा केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं है, बल्कि ईरान के मौजूदा इस्लामिक शासन के खिलाफ गुस्से, असंतोष और बदलाव की चाह का प्रतीक बन चुका है।

🔹 क्या है शेर-सूरज वाला झंडा?

शेर और सूरज वाला झंडा ईरान के इतिहास में नया नहीं है। इस प्रतीक का इस्तेमाल सैकड़ों वर्षों तक फारसी साम्राज्य और बाद में पहलवी राजशाही के दौर में किया जाता रहा।

इस झंडे में

शेर शक्ति, साहस और राष्ट्र की रक्षा का प्रतीक था

सूरज रोशनी, जीवन और सभ्यता का संकेत

1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले तक यही झंडा ईरान की राष्ट्रीय पहचान हुआ करता था।

🔹 इस्लामिक क्रांति के बाद क्या बदला?

1979 में अयातुल्ला खुमैनी के नेतृत्व में हुई इस्लामिक क्रांति ने ईरान की दिशा ही बदल दी।

राजशाही खत्म हुई

इस्लामिक रिपब्लिक की स्थापना हुई

शेर-सूरज वाले झंडे को हटाकर इस्लामिक प्रतीक वाला झंडा अपनाया गया

“अल्लाह-हू-अकबर” जैसे धार्मिक नारे राज्य की पहचान बन गए

उस समय इस बदलाव को “इस्लामी मूल्यों की जीत” के तौर पर पेश किया गया।

🔹 फिर अचानक शेर-सूरज की वापसी क्यों?

आज का ईरान उस दौर से काफी अलग है।

महंगाई

बेरोज़गारी

महिलाओं पर सख्त पाबंदियां

अभिव्यक्ति की आज़ादी पर रोक

धार्मिक पुलिस का डर

इन सबने खासकर युवा पीढ़ी को शासन से दूर कर दिया है।

जब सड़कों पर लोग विरोध करते हैं, तो वे सिर्फ कानूनों के खिलाफ नहीं बल्कि पूरे इस्लामिक सिस्टम के खिलाफ आवाज़ उठा रहे होते हैं। ऐसे में शेर-सूरज का झंडा उन्हें एक ऐसी पहचान देता है जो धर्म से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय इतिहास और आज़ादी से जुड़ी है।

🔹 एक झंडा कैसे बना विरोध का हथियार?

ईरान में झंडा बदलना सिर्फ प्रतीकात्मक बदलाव नहीं है।

यह सीधा संदेश देता है कि प्रदर्शनकारी

इस्लामिक शासन को अस्वीकार कर रहे हैं

धर्म आधारित राजनीति से बाहर निकलना चाहते हैं

ईरान की “पुरानी पहचान” को वापस पाना चाहते हैं

यही वजह है कि सरकार इस झंडे को बेहद खतरनाक मानती है।

🔹 सरकार की नाराज़गी क्यों?

ईरानी शासन के लिए शेर-सूरज वाला झंडा

राजशाही की याद दिलाता है

इस्लामिक क्रांति की वैधता पर सवाल उठाता है

धार्मिक सत्ता को चुनौती देता है

इसी कारण कई जगहों पर इस झंडे को लहराने वालों को गिरफ्तार किया गया, सोशल मीडिया पर इसे पोस्ट करने पर कार्रवाई हुई और प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बढ़ाई गई।

🔹 विदेशों में रहने वाले ईरानी और यह झंडा

दिलचस्प बात यह है कि

यूरोप, अमेरिका और कनाडा में रहने वाले ईरानी प्रवासी भी बड़े पैमाने पर इसी झंडे के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं।

उनके लिए यह झंडा

लोकतंत्र की उम्मीद

महिला अधिकारों का समर्थन

धार्मिक दमन से मुक्ति

का प्रतीक बन चुका है।

🔹 क्या यह सिर्फ झंडे की लड़ाई है?

नहीं। यह असल में दो विचारधाराओं की टक्कर है—

इस्लामिक शासन और धार्मिक नियंत्रण

राष्ट्रीय पहचान, आज़ादी और लोकतांत्रिक सोच

शेर-सूरज का झंडा इसी दूसरी सोच का चेहरा बन गया है।

🔹 आगे क्या?

फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि यह आंदोलन ईरान में सत्ता परिवर्तन तक पहुंचेगा या नहीं, लेकिन इतना तय है कि

यह झंडा अब सिर्फ इतिहास नहीं

बल्कि मौजूदा शासन के लिए सबसे बड़ा प्रतीकात्मक खतरा बन चुका है

ईरान की सड़कों पर लहराता यह झंडा बता रहा है कि बदलाव की चाह अब दबाई नहीं जा सकती।

The Iran protests have gained global attention as demonstrators increasingly wave the historic Lion and Sun flag instead of the Islamic Republic’s official flag. This powerful symbol represents resistance against Iran’s Islamic regime, highlighting demands for freedom, democracy, and a return to national identity beyond religious control. The Lion and Sun flag has now become a key emblem of Iran’s political unrest and growing opposition movement.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
27 ° C
27 °
26.1 °
74%
2.1m/s
3%
Thu
36 °
Fri
33 °
Sat
38 °
Sun
38 °
Mon
39 °
Video thumbnail
सोनम यादव की AI वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी, पुलिस से सख्त एक्शन की मांग
01:59
Video thumbnail
लखनऊ: चंद्रशेखर आजाद का दावा, फार्म हाउस पर रची गई हत्या की साजिश; सरकार से जांच की मांग
02:43
Video thumbnail
क्या आरती करते समय Salman Khan से गलती हुई ?
00:31
Video thumbnail
कनॉट प्लेस में मिंटो ब्रिज के पास चलती सड़क पर गिरा रेड लाइट का खंभा
00:19
Video thumbnail
अरविंद केजरीवाल का अमित शाह पर निशाना, बोले- लॉरेंस बिश्नोई को दामाद की तरह क्यों रखा जा रहा?
00:21
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "जब तक ये मुख्यमंत्री रहेंगे, जब तक ये सरकार रहेगी कानून से काम नहीं होगा"
02:10
Video thumbnail
अभिनेता गुलशन पांडे और निशिकांत दीक्षित तक पहुंचा ‘पीड़ित को न्याय’ का नया अंक | AIN NEWS 1
02:16
Video thumbnail
इशारों-इशारों में फायरब्रांड Yogi ने Abhijeet Dipke को दिया मुंहतोड़ जवाब !
02:36
Video thumbnail
Meerut Kesarganj Masjid Controversy : मेरठ केसरगंज मस्जिद विवाद पर योगी से क्या बोले टी राजा सिंह ?
04:26
Video thumbnail
Hanuman Ansh Actor Gulshan Pandey in Ghaziabad | ‘हनुमान अंश’ अभिनेता गुलशन पांडे का भव्य स्वागत
04:47

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related