AIN NEWS 1 मोदीनगर: शहर के गांधी ग्राउंड के विकास और खिलाड़ियों की सुविधाओं को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। लंबे समय से बदहाल पड़े गांधी ग्राउंड के लिए स्वीकृत खेल सुविधाओं को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि जिस खेल सामग्री को गांधी ग्राउंड के खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराया जाना था, उसका लाभ गोविंदपुरी स्थित छाया पब्लिक स्कूल को दे दिया गया।
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय खिलाड़ियों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि जब क्षेत्र का प्रमुख सार्वजनिक खेल मैदान वर्षों से सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है, तो सरकारी निधि से उपलब्ध कराई गई खेल सामग्री निजी शिक्षण संस्थान में क्यों पहुंची?
गांधी ग्राउंड के नाम पर स्वीकृत मैट, पहुंचा निजी स्कूल
मामले में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, मोदीनगर विधायक डॉ. मंजू शिवाच ने विधानसभा क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत गांधी ग्राउंड में कबड्डी खिलाड़ियों के लिए मैट उपलब्ध कराने को लेकर मुख्य विकास अधिकारी गाजियाबाद को पत्र लिखा था।
पत्र में गांधी ग्राउंड, हापुड़ रोड पर कबड्डी खिलाड़ियों के लिए मैट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। लेकिन बाद में विधायक द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी में गोविंदपुरी स्थित छाया पब्लिक स्कूल में विधायक निधि से एक कुश्ती मैट और एक कबड्डी मैट के लोकार्पण की बात सामने आई।

यही वजह है कि अब स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि गांधी ग्राउंड के लिए प्रस्तावित खेल सुविधा निजी स्कूल तक कैसे पहुंच गई।

खिलाड़ियों में नाराजगी, जवाब की मांग
क्षेत्र के खिलाड़ियों और युवाओं का कहना है कि गांधी ग्राउंड वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। यहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में यदि सरकारी निधि से कोई खेल सुविधा स्वीकृत होती है तो उसका पहला अधिकार सार्वजनिक मैदान और वहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों का होना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस पूरे मामले में पारदर्शिता के साथ जानकारी सार्वजनिक की जाए। लोगों का सवाल है कि क्या खेल सामग्री को किसी अन्य स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए कोई आधिकारिक अनुमति या प्रक्रिया पूरी की गई थी?
समाजसेवी ने उठाए गंभीर सवाल
समाजसेवी बी.के. शर्मा ने इस मामले में सवाल उठाते हुए कहा कि विधायक निधि जनता के हित के लिए होती है। इसका उपयोग सार्वजनिक सुविधाओं के विकास में होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि गांधी ग्राउंड के लिए स्वीकृत निधि और सामग्री के उपयोग की पूरी जानकारी सामने लाई जाए।
उन्होंने कहा कि अगर गांधी ग्राउंड में खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना थी तो उसका लाभ निजी संस्थान तक कैसे पहुंचा, यह स्पष्ट होना चाहिए।
विधायक और प्रशासन के जवाब का इंतजार
पूरे मामले में विधायक डॉ. मंजू शिवाच का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनका आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
अब निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के जवाब पर टिकी हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि इस मामले में स्थिति साफ हो और यह बताया जाए कि गांधी ग्राउंड के विकास के लिए स्वीकृत संसाधनों का वास्तविक उपयोग कहां हुआ।
गांधी ग्राउंड से जुड़ा यह विवाद अब केवल एक खेल मैदान का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि सरकारी निधियों के उपयोग और जवाबदेही को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है।
The Gandhi Ground development fund controversy in Modinagar has raised questions regarding the allocation of MLA fund for sports facilities. Local residents and sports enthusiasts alleged that the funds meant for Gandhi Ground were used for providing wrestling and kabaddi mats at Chhaya Public School in Govindpuri. The issue has created debate over transparency, public sports infrastructure, and the utilization of government development funds in Ghaziabad, Uttar Pradesh. The matter is now awaiting clarification from officials and the local MLA.


















