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गाज़ियाबाद में अवैध होटल और लॉज पर होगी सख्त कार्रवाई!

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AIN NEWS 1: गाज़ियाबाद जिला प्रशासन ने अवैध रूप से चल रहे होटलों, लॉज और धर्मशालाओं पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन की जांच में सामने आया है कि जिले में हजारों होटल और लॉज बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। इनमें से केवल 356 होटल ही विधिवत पंजीकृत हैं, जबकि बाकी सभी नियमों की धज्जियां उड़ाकर चलाए जा रहे हैं।

केवल 356 होटल पंजीकृत, हजारों अवैध

प्रशासन ने जिले में संचालित सभी होटलों की सूची तैयार की है। इसमें साफ हुआ कि करीब 12,500 होटल और लॉज सक्रिय हैं, लेकिन इनमें से केवल 356 ही वैध पंजीकृत हैं। शेष अवैध रूप से चल रहे हैं, जिन पर अब पुलिस की मदद से कार्रवाई होगी।

सराय एक्ट के तहत जरूरी है पंजीकरण

नियमों के अनुसार कोई भी होटल, लॉज या धर्मशाला तभी संचालित हो सकती है, जब वह सराय एक्ट के तहत पंजीकृत हो। पंजीकरण के लिए होटल संचालकों को छह विभागों से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेना जरूरी है। इनमें—

पुलिस विभाग

अग्निशमन विभाग

पर्यटन विभाग

विद्युत विभाग

राजस्व विभाग

नगर निकाय

इनमें से पांच विभागों की एनओसी एक बार पर्याप्त होती है, लेकिन फायर एनओसी हर पांच साल में नवीनीकृत कराना अनिवार्य है।

200 होटल की फायर एनओसी खत्म

जिले में लगभग 200 होटल और लॉज ऐसे हैं, जिनकी फायर एनओसी की अवधि समाप्त हो चुकी है। नियमों के बावजूद इन संचालकों ने नवीनीकरण नहीं कराया। इस वजह से अब ये होटल भी अवैध संचालन की श्रेणी में आ गए हैं।

कई होटल केवल आवेदन के आधार पर चल रहे

प्रशासन की जांच में सामने आया कि 413 होटल और लॉज ने पंजीकरण के लिए आवेदन तो किया है, लेकिन अनुमति मिलने से पहले ही उन्होंने संचालन शुरू कर दिया। यह भी नियमों का उल्लंघन है और अब इन पर भी कार्रवाई होगी।

192 होटल पहले भी सील हो चुके

करीब नौ महीने पहले जिले में अवैध होटलों के खिलाफ एक दिवसीय अभियान चलाया गया था। इस दौरान 192 होटल बिना लाइसेंस के पकड़े गए और सील किए गए थे। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि इनमें से कई होटल चोरी-छिपे दोबारा खोल दिए गए।

सिटी मजिस्ट्रेट संतोष उपाध्याय के अनुसार, प्रशासन ने अवैध होटलों की सूची तैयार कर पुलिस कमिश्नर को भेज दी है। जल्द ही इन सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

एकल विंडो सिस्टम लागू

होटल संचालकों की परेशानियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है। इस सिस्टम के तहत होटल संचालक केवल एक जगह आवेदन करेंगे और प्रशासन बाकी विभागों से एनओसी प्राप्त करेगा। आवेदन की जांच और सभी मंजूरियां मिलने के बाद होटल को पंजीयन प्रमाण पत्र जारी होगा।

अनैतिक कार्यों का अड्डा बने होटल

प्रशासन की जांच में यह भी सामने आया है कि कई होटल और लॉज अनैतिक गतिविधियों के अड्डे बन गए हैं।

बजरिया

नवयुग मार्केट

खोड़ा

इंदिरापुरम

इन इलाकों के कई होटलों पर पुलिस कई बार छापेमारी कर चुकी है। यहां अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। खास बात यह है कि इन होटलों के पास लाइसेंस तक नहीं था।

प्रशासन की सख्ती

अब जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त है। बिना पंजीकरण और एनओसी के होटल, लॉज या धर्मशाला को चलाना अब नामुमकिन होगा। जो संचालक नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन पर सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Ghaziabad administration is taking strict action against illegal hotels, lodges, and dharamshalas. Out of nearly 12,500 hotels operating in the district, only 356 are officially registered. More than 200 hotels have expired fire NOCs, while 413 are running only on pending applications. Many hotels have also been exposed for illegal and immoral activities. Police and district officials will now crack down on all unregistered hotels to ensure safety, proper licensing, and compliance with Sarai Act rules.

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