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खान सर पर अंजना ओम कश्यप का मानहानि मुकदमा, दिल्ली हाईकोर्ट में 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग!

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खान सर के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचीं अंजना ओम कश्यप, 2 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे पर आज होगी सुनवाई

AIN NEWS 1: देश के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान सर (फैसल खान) एक नए कानूनी विवाद में घिर गए हैं। वरिष्ठ टीवी पत्रकार अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने उनके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में 2 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया है। मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच में जस्टिस नीना बंसल कृष्णा के समक्ष होने वाली है।

यह मामला उन कथित टिप्पणियों से जुड़ा है, जो खान सर ने पत्रकार अंजना ओम कश्यप और मीडिया संस्थान के खिलाफ सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर की थीं। याचिका में दावा किया गया है कि इन टिप्पणियों से पत्रकार और नेटवर्क की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।

क्या है पूरा विवाद?

जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत NEET परीक्षा प्रणाली और ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े एक लाइव डिबेट कार्यक्रम के दौरान हुई थी। इस चर्चा में ऑनलाइन पढ़ाने वाले शिक्षकों और कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका को लेकर बहस हुई थी।

बताया जा रहा है कि डिबेट के दौरान अंजना ओम कश्यप ने कुछ ऑनलाइन शिक्षकों और एजुकेशनल इन्फ्लुएंसर्स पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि कई लोग केवल व्यूज़ और लोकप्रियता हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं। इसी बहस के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हुआ और मामला धीरे-धीरे व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया।

इसी संदर्भ में खान सर द्वारा पत्रकार के खिलाफ कुछ तीखी टिप्पणियां किए जाने का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है कि उन्होंने कथित तौर पर “बिकाऊ पत्रकार”, “चाटुकार”, “दलाली” और “फेक न्यूज़ की दुकान” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जो सीधे तौर पर पत्रकार की छवि और पेशेवर प्रतिष्ठा को प्रभावित करते हैं।

हाईकोर्ट में क्या मांग की गई है?

अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क की ओर से दाखिल याचिका में अदालत से कई महत्वपूर्ण मांगें की गई हैं।

सबसे प्रमुख मांग यह है कि सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौजूद कथित मानहानिकारक कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया जाए। इसके अलावा, भविष्य में ऐसे बयान या सामग्री प्रसारित करने पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी दावा किया है कि इन टिप्पणियों के कारण उनकी पेशेवर साख को नुकसान पहुंचा है, इसलिए 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग भी की गई है।

सुनवाई पर टिकी हैं निगाहें

मामले की सुनवाई सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच में प्रस्तावित है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल दो व्यक्तियों के बीच विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मीडिया की भूमिका और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक टिप्पणियों की कानूनी सीमाओं से भी जुड़ा हुआ है।

अदालत इस बात पर विचार कर सकती है कि कथित टिप्पणियां सामान्य आलोचना की श्रेणी में आती हैं या फिर वे वास्तव में मानहानिकारक हैं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सामग्री को हटाने की मांग कितनी उचित और कानूनी रूप से स्वीकार्य है।

शिक्षा जगत और मीडिया में चर्चा का विषय

खान सर देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षकों में गिने जाते हैं और सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फॉलोइंग है। दूसरी ओर अंजना ओम कश्यप भारतीय टीवी पत्रकारिता का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। ऐसे में दोनों से जुड़े इस विवाद ने शिक्षा जगत, मीडिया उद्योग और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के बीच व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।

सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर की गई टिप्पणियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

आगे क्या हो सकता है?

अब सभी की निगाहें दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत के शुरुआती रुख से यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे किस दिशा में कार्रवाई होगी। यदि कोर्ट प्राथमिक तौर पर याचिका को स्वीकार करती है, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खान सर और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया जा सकता है।

फिलहाल यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है और अंतिम निर्णय अदालत की सुनवाई और प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा।

ऑनलाइन शिक्षा, सोशल मीडिया और मुख्यधारा मीडिया के बढ़ते प्रभाव के दौर में यह मामला एक महत्वपूर्ण कानूनी उदाहरण बन सकता है। अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क द्वारा दायर 2 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों द्वारा की गई टिप्पणियों की सीमा क्या होनी चाहिए और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा प्रतिष्ठा के अधिकार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

Journalist Anjana Om Kashyap and TV Today Network have approached the Delhi High Court with a ₹2 crore defamation suit against popular educator Khan Sir, whose real name is Faisal Khan. The legal dispute stems from remarks allegedly made by Khan Sir during the ongoing debate over online educators and the NEET examination system. The case seeks removal of allegedly defamatory content from social media platforms and has attracted significant attention across India’s media, education, and legal sectors.

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