AIN NEWS 1: गाजियाबाद में विकास का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने शहर के पास बनने वाली हरनंदीपुरम टाउनशिप परियोजना के लिए किसानों से जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह टाउनशिप मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत तैयार की जा रही है, जिससे क्षेत्र में आधुनिक आवासीय और व्यावसायिक ढांचा विकसित होगा।
परियोजना की शुरुआत और उद्देश्य
राजनगर एक्सटेंशन के पास स्थित हरनंदीपुरम टाउनशिप का उद्देश्य गाजियाबाद के शहरी विस्तार को नई दिशा देना है। इस परियोजना के पहले चरण में करीब 350 हेक्टेयर जमीन पर टाउनशिप बसाने की योजना है। इसमें से 336 हेक्टेयर जमीन किसानों से खरीदी जानी है, जबकि 14 हेक्टेयर जमीन जीडीए के पास पहले से उपलब्ध है।
बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है कि जमीन किसानों से सर्किल रेट से चार गुना अधिक दर पर खरीदी जाएगी, ताकि किसानों को उचित मुआवजा मिल सके और वे सहमति से अपनी भूमि दें।
अब तक की प्रगति
जीडीए ने अब तक लगभग 25 प्रतिशत यानी करीब 90 हेक्टेयर जमीन या तो खरीद ली है या खरीद की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बाकी की 246 हेक्टेयर जमीन के लिए प्राधिकरण की टीमें गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क करेंगी।
जीडीए के अधिकारियों का कहना है कि किसानों को इस योजना के लाभों के बारे में बताया जाएगा, ताकि वे स्वेच्छा से भूमि देने को तैयार हों। किसानों को बताया जाएगा कि इस योजना से क्षेत्र का विकास कैसे होगा, रोजगार के अवसर कैसे बढ़ेंगे और गांवों का मूल्यांकन कैसे सुधरेगा।
योजना पर 1200 करोड़ रुपये का निवेश
इस परियोजना के लिए कुल 1200 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
400 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।
वहीं, 800 करोड़ रुपये जीडीए अपने संसाधनों से खर्च करेगा।
इस राशि का उपयोग जमीन खरीदने में किया जाएगा। अगले वित्तीय वर्ष यानी 2026-27 में शासन से एक और फंड मिलने की संभावना है, जिससे निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सके।
किसानों का विरोध और सर्किल रेट का मुद्दा
हरनंदीपुरम टाउनशिप जिन गांवों की जमीन पर बन रही है, वहां के किसानों में सर्किल रेट न बढ़ाने को लेकर असंतोष है। जिला प्रशासन ने इन गांवों के सर्किल रेट में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे किसानों को लगता है कि उन्हें उचित दर नहीं मिलेगी।
किसानों ने कई बार प्रशासन से सर्किल रेट बढ़ाने की मांग की है और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन भी किया है। हालांकि जीडीए अधिकारियों का कहना है कि सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा दिया जा रहा है, जिससे किसानों को वास्तविक मूल्य से कहीं अधिक लाभ होगा।
किन गांवों की जमीन ली जा रही है
हरनंदीपुरम टाउनशिप के लिए जीडीए कुल 336.8444 हेक्टेयर जमीन पांच गांवों से खरीदेगा।
इनमें प्रमुख गांव हैं:
नगला फिरोज मोहनपुर – 192.65 हेक्टेयर, ₹7,200 प्रति वर्ग मीटर की दर से
मथुरापुर – लगभग 14 हेक्टेयर
शमशेर – लगभग 86 हेक्टेयर
चम्पतनगर – लगभग 33 हेक्टेयर
भनेड़ाखुर्द – करीब 9 हेक्टेयर
इन सभी गांवों में प्राधिकरण की टीमें जाकर किसानों से व्यक्तिगत बातचीत करेंगी और उन्हें योजना के लाभों के बारे में बताएंगी।
जीडीए का बयान
जीडीए के उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया,
“प्राधिकरण की टीम गांव जाकर किसानों से सीधे संपर्क करेगी, ताकि आपसी सहमति से जमीन ली जा सके। हमारा प्रयास है कि अगले एक महीने में इस योजना के लिए सभी आवश्यक जमीन खरीद ली जाए।”
हरनंदीपुरम टाउनशिप से उम्मीदें
हरनंदीपुरम टाउनशिप योजना से न केवल गाजियाबाद की आवासीय और व्यावसायिक जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि इससे हजारों लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। राजनगर एक्सटेंशन के पास यह टाउनशिप भविष्य में शहर के नए विकास केंद्र के रूप में उभरेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना गाजियाबाद की रियल एस्टेट मार्केट में नया निवेश आकर्षित करेगी और आसपास के क्षेत्रों के संपत्ति मूल्यों में वृद्धि होगी।
हरनंदीपुरम टाउनशिप गाजियाबाद के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है। यह परियोजना किसानों, निवेशकों और आम नागरिकों – तीनों के लिए फायदेमंद है। किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिलेगा, शहर को नई आधुनिक टाउनशिप मिलेगी और सरकार को शहरी विस्तार का एक टिकाऊ मॉडल तैयार करने का अवसर मिलेगा।
यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा, तो आने वाले वर्षों में हरनंदीपुरम टाउनशिप गाजियाबाद की पहचान बन सकती है — एक आधुनिक, संतुलित और पर्यावरण-संवेदनशील शहरी क्षेत्र के रूप में।
The Ghaziabad Development Authority (GDA) has initiated the process of purchasing land directly from farmers for the new Harnandipuram Township Project under the Chief Minister Urban Expansion Scheme. With an estimated investment of ₹1200 crore, this large-scale development aims to expand urban infrastructure near Raj Nagar Extension. The GDA plans to acquire about 336 hectares of land across five villages, paying four times the circle rate to ensure fair compensation and cooperation from local farmers.


















