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इंदिरापुरम थाने में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश: पासपोर्ट सत्यापन में भ्रष्टाचार पर तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड!

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3 Ghaziabad Policemen Suspended for Taking Bribes During Passport Verification in Indirapuram

इंदिरापुरम थाने में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश: पासपोर्ट सत्यापन में भ्रष्टाचार पर तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड

AIN NEWS 1: गाज़ियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर रिश्वतखोरी हो रही थी।

शुक्रवार को वसुंधरा स्थित सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में ट्रांस हिंडन जोन के डीसीपी निमिष पाटील ने एक गोष्ठी आयोजित की, जिसमें क्षेत्रीय नागरिक सेवाओं की समीक्षा की गई। इस कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त अभिषेक श्रीवास्तव, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, बीएसआई और बीपीओ सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

इस बैठक में फीडबैक सेल की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें यह खुलासा हुआ कि इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मी पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर रिश्वत ले रहे हैं। रिपोर्ट के आधार पर तीन पुलिसकर्मियों – कांस्टेबल अमित, प्रवीण और सौरभ – को तुरंत निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

डीसीपी ने बताया कि 15 जून से 30 जून 2025 तक की फीडबैक रिपोर्ट में ट्रांस हिंडन जोन से कुल 5 शिकायतें दर्ज हुई थीं, जिनमें से 4 में पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगे थे। इंदिरापुरम थाने की स्थिति विशेष रूप से बेहद खराब पाई गई है।

🚫 पुलिस थानों पर ना बुलाएं आम नागरिकों को:

डीसीपी निमिष पाटील ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पासपोर्ट या चरित्र सत्यापन के लिए किसी भी नागरिक को थाने या चौकी बुलाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी भी अधिकारी द्वारा अनावश्यक दस्तावेज़ मांगने या नागरिकों को परेशान करने की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

🔍 पारदर्शिता से बनेगा पुलिस पर भरोसा:

डीसीपी ने यह भी कहा कि जब जनता देखती है कि पुलिस बिना रिश्वत के निष्पक्ष और तेज़ी से काम कर रही है, तो उनका पुलिस पर विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत होती है। इसलिए, पुलिसकर्मियों को चाहिए कि वे सत्यापन कार्यों को पारदर्शी और ईमानदारी से करें।

📱 वॉट्सएप ग्रुप से जुड़ें नागरिकों से:

पाटील ने निर्देश दिया कि बीएसआई और बीपीओ अपने-अपने बीट क्षेत्र में वॉट्सएप ग्रुप बनाएं, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों और सोसाइटी के प्रतिनिधियों को जोड़ा जाए। यदि कोई परिवार यात्रा पर जा रहा हो तो वह इस ग्रुप के माध्यम से पुलिस को जानकारी दे सकेगा, जिससे गश्त बढ़ाई जा सके।

🚓 नियमित भ्रमण और जनसुनवाई जरूरी:

डीसीपी ने सप्ताह में कम से कम दो से तीन बार बीट भ्रमण करने का निर्देश दिया। साथ ही, थानों और चौकियों में जनसुनवाई रजिस्टर बनाया जाए, जिसमें प्रतिदिन आने वाली शिकायतों और उनके समाधान का रिकॉर्ड रखा जाए। साथ ही, किसी भी पीड़ित के साथ दुर्व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि आम जनता के बीच पुलिस की छवि सुधारने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद ज़रूरी है। इंदिरापुरम थाने में हुए भ्रष्टाचार पर की गई त्वरित कार्रवाई एक सकारात्मक संकेत है कि प्रशासन अब नागरिक सेवाओं को बेहतर और ईमानदार बनाने की दिशा में गंभीर है।

 

In a shocking revelation from Ghaziabad, three policemen posted at Indirapuram police station have been suspended for demanding bribes during passport and character verification processes. The action was taken by DCP Nimish Patil following a feedback cell report highlighting corruption in citizen services. This incident underscores growing concerns over police accountability and the need for transparent verification procedures in Uttar Pradesh.

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