spot_imgspot_img

लश्कर-ए-तैयबा ने खुद ढहाया मरकज तैयबा हेडक्वार्टर: भारतीय स्ट्राइक से नुकसान के बाद शुरू हुआ पुनर्निर्माण अभियान

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | 7 मई 2025 की रात पाकिस्तान में एक ऐसी घटना हुई जिसने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की जड़ों को हिला दिया। रात 12 बजकर 35 मिनट पर भारतीय वायुसेना ने एक सटीक हवाई स्ट्राइक कर इस संगठन के मुख्यालय मरकज तैयबा को निशाना बनाया। यह वही परिसर था जहां पिछले 25 सालों से आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा रही थी, उनके रहने और हथियारों के भंडारण की व्यवस्था थी।

भारतीय स्ट्राइक का असर

इस ऑपरेशन को भारतीय वायुसेना ने “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया था। स्ट्राइक में मरकज तैयबा परिसर की तीन अहम इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इनमें –

  • एक लाल रंग की दो मंजिला इमारत, जहां आतंकियों के रहने और हथियार रखने की सुविधा थी।

  • दो पीले रंग की इमारतें, जिनका इस्तेमाल लश्कर के टॉप कमांडरों और ट्रेनिंग कैंप के रूप में किया जाता था।

भारतीय हमले में ये तीनों इमारतें करीब 70% तक ढह गईं और केवल ढांचा ही बचा।

क्यों ढहाया खुद लश्कर ने अपना हेडक्वार्टर?

स्ट्राइक में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त इन इमारतों को बचाना संभव नहीं था। इसलिए लश्कर ने खुद ही इन्हें जेसीबी मशीनों की मदद से पूरी तरह गिराने का फैसला लिया।

  • 18 अगस्त 2025 से मरकज तैयबा के ढांचे को हटाने का काम शुरू हुआ।

  • 4 सितंबर तक “उम उल क़ुरा” नाम की पीली इमारत को पूरी तरह गिरा दिया गया।

  • 7 सितंबर को लाल रंग की तीन मंजिला इमारत, जहां आतंकियों का ठिकाना था, उसे भी ढहा दिया गया।

अब मरकज तैयबा का 1.09 एकड़ का पूरा परिसर मलबे में बदल चुका है

पाकिस्तान सरकार का वादा और लश्कर की कोशिश

भारतीय हमले के बाद पाकिस्तान सरकार ने ऐलान किया था कि मरकज तैयबा की सभी क्षतिग्रस्त इमारतों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसके लिए फंडिंग का आश्वासन भी दिया गया। इसी घोषणा के बाद लश्कर ने अगस्त में रिकंस्ट्रक्शन ड्राइव शुरू की।

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान सरकार और लश्कर की कोशिश है कि 5 फरवरी 2026 तक इस परिसर का एक हिस्सा फिर से तैयार हो जाए। यह तारीख लश्कर के लिए खास है क्योंकि हर साल 5 फरवरी को वह “कश्मीर जिहाद दिवस” मनाता है। इस मौके पर संगठन अपने शीर्ष कमांडरों की मौजूदगी में बड़ा कार्यक्रम करता है।

कौन देख रहा है निर्माण कार्य?

मरकज तैयबा का पुनर्निर्माण कार्य इस समय संगठन के दो बड़े नेताओं की देखरेख में चल रहा है:

  • मौलाना अबू जार (मुख्य ट्रेनर और संचालन प्रमुख)

  • कमांडर यूनुस शाह बुखारी

इन्हीं की निगरानी में मलबा हटाने और नई इमारत खड़ी करने की तैयारी जारी है।

आतंकियों के लिए अस्थायी ठिकाने

भारतीय स्ट्राइक के बाद लश्कर के पास अपने आतंकियों को रखने और ट्रेनिंग देने की व्यवस्था नहीं बची थी। इसलिए अस्थायी रूप से उनकी व्यवस्था की गई:

  • पहले इन्हें बहावलपुर स्थित मरकज अक्सा में शिफ्ट किया गया।

  • जुलाई से इन्हें कसूर जिले के पतोकी शहर में स्थित “मरकज यरमूक” में रखा गया है।

यहां ट्रेनिंग और ठहरने की व्यवस्था कमांडर अब्दुल राशिद मोहसिन देख रहे हैं।

बड़ा सवाल: क्यों जरूरी था मरकज तैयबा का गिराना?

भारत की स्ट्राइक के बाद मरकज की इमारतें इतनी कमजोर हो चुकी थीं कि वे इस्तेमाल योग्य नहीं रहीं। आधी टूटी हुई इमारतें सुरक्षा खतरा थीं और संगठन की ताकत का प्रतीक भी नहीं रह गई थीं। इसलिए लश्कर ने खुद इन्हें गिराकर नई शुरुआत का संदेश देने की कोशिश की।

रणनीतिक मायने

लश्कर-ए-तैयबा का यह कदम केवल ढांचागत बदलाव नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से भी अहम है।

  • नए हेडक्वार्टर का निर्माण पाकिस्तान सरकार की मदद और समर्थन को दर्शाता है।

  • यह संगठन अपनी ताकत और अस्तित्व का प्रतीक फिर से खड़ा करना चाहता है।

  • भारत को संदेश देना चाहता है कि स्ट्राइक के बावजूद वह दोबारा खड़ा हो सकता है।

भारतीय वायुसेना की मई 2025 की स्ट्राइक ने लश्कर-ए-तैयबा की रीढ़ तोड़ दी थी। लेकिन अब यह आतंकी संगठन खुद अपने जख्म भरने में जुटा है। 1.09 एकड़ का पूरा मरकज, जो कभी आतंक की फैक्ट्री कहलाता था, आज मलबे में तब्दील हो चुका है।

पाकिस्तान सरकार की मदद और लश्कर के प्रयास से 5 फरवरी 2026 तक इसे फिर से खड़ा करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि सवाल यह भी है कि क्या यह पुनर्निर्माण केवल ढांचे का है या आतंक की विचारधारा को भी फिर से जिंदा करने की कवायद है।

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
broken clouds
30 ° C
30 °
30 °
67 %
4.7kmh
65 %
Fri
34 °
Sat
37 °
Sun
37 °
Mon
36 °
Tue
30 °
Video thumbnail
Paper Leak Exposed : आखिर कैसे होता है पेपर लीक? | Inside Paper Leak Network | NEET Exam Leak
03:13
Video thumbnail
"अरे बैठो चंदाचोरों...पेपर चोरों",सदन में Sanjay Singh ने BJP को भयंकर सुना डाला
10:31
Video thumbnail
UP Election 2027 से पहले RLD का बड़ा दांव! राहुल गुर्जर बने गाजियाबाद जिला अध्यक्ष| Jayant Chaudhary
06:20
Video thumbnail
काल भैरव मंदिर पहुंचे सीएम योगी, बच्चे के साथ खेलकर चॉकलेट दी
00:23
Video thumbnail
Samajwadi Party Protest in Parliament : "ऑर्डर किसने दिया..चढ़ावा चोरी किसने की ?"
01:01
Video thumbnail
सपा का सवाल: CJP प्रोटेस्ट में अमित शाह दोषी नहीं तो बाबरी के लिए मुलायम कैसे?
01:21
Video thumbnail
सोनम वांगचुक बोले: भारतीय रेल पर गर्व है, अब सरकारी वादों पर भी गर्व करना चाहता हूं
01:32
Video thumbnail
कल्याण बनर्जी - कांग्रेस तो हम भी थे, आप लोग दीदी को भगा दिया था...
01:43
Video thumbnail
कंगना के विरोध में प्रदर्शन, पुतला लेकर भागे पुलिस इंस्पेक्टर
00:22
Video thumbnail
बांकीपुर उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर का आरोप, जन सुराज नेताओं की कथित हिरासत पर थाने में हंगामा
01:21

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related