AIN NEWS 1: करनाल और कुरुक्षेत्र के बीच बसे छोटे से गांव बाबैन का नाम आज पूरे देश में सुर्खियों में है। कारण है RNJ बायोगैस प्लांट के नाम पर हुआ वह बड़ा निवेश घोटाला, जिसने न सिर्फ आम निवेशकों को बल्कि सरकार और प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है।
इस पूरे मामले की तहकीकात करने पर यह साफ होता है कि कैसे तथाकथित डायरेक्टर और प्रमोटर—जगतार सिंह, राजेश लाठर और शान भारती उर्फ शाहनवाज मोहम्मद—ने मिलकर करोड़ों की ठगी की। उन्होंने निवेशकों को न केवल भारी मुनाफे का लालच दिया बल्कि अपने राजनीतिक संपर्कों और झूठे दस्तावेजों का सहारा लेकर उन्हें गुमराह भी किया।
RNJ और ग्रीन लाइफ इंडिया का खेल
कंपनी ने दावा किया कि उसका इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से अनुबंध है और जल्द ही करनाल के बाबैन गांव में एक अत्याधुनिक बायोगैस प्लांट शुरू होगा। निवेशकों से कहा गया कि यहां कोयले और अपशिष्ट पदार्थ से ऊर्जा उत्पादन होगा, जिससे पर्यावरण को भी फायदा होगा और मुनाफा भी तगड़ा मिलेगा।
लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर थी। कंपनी के पास न कोई असली अनुबंध था और न ही जमीन पर कोई ठोस काम। सिर्फ पंपलेट, प्रेजेंटेशन और मीटिंग्स के जरिए निवेशकों को भ्रमित किया गया।
ग्रीन लाइफ इंडिया और RNJ के नाम से दो कंपनियों का गठजोड़ सामने आया, जिन्होंने निवेशकों से पैसा ऐंठने के साथ-साथ GST विभाग को भी चूना लगाया।
नेताओं के नाम का इस्तेमाल
निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इन ठगों ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायाब सैनी, और कई अन्य भाजपा नेताओं के नाम का हवाला दिया।
कहीं कहा गया कि यह परियोजना गडकरी जी की विशेष रुचि से जुड़ी है।
कहीं यह प्रचारित किया गया कि मुख्यमंत्री सैनी की विधानसभा में यह बड़ा रोजगार देने वाला प्रोजेक्ट है।
स्थानीय स्तर पर यह अफवाह फैलाई गई कि RNJ का काम भाजपा नेताओं के आशीर्वाद से चल रहा है।
इन सब दावों ने निवेशकों का भरोसा जीता और उन्होंने भारी भरकम रकम कंपनी में लगा दी।
फर्जी दस्तावेज़ और झूठे दावे
कंपनी के डायरेक्टर्स ने निवेशकों को यह विश्वास दिलाने के लिए कई हथकंडे अपनाए:
करनाल के क्राउन सफायर होटल और नीलकंठ ढाबा पर अपना मालिकाना हक बताना।
AGM (वार्षिक आम सभा) के नाम पर बड़े आयोजनों का नाटक।
बैंक चेक देकर निवेशकों को यह दिखाना कि उनकी रकम सुरक्षित है, जबकि बाद में वे चेक बाउंस हो गए।
विदेशी यात्राओं और दोगुना–तिगुना रिटर्न का वादा।
तीन मास्टरमाइंड: सरपंच और उसके साथी
1. जगतार सिंह (तथाकथित सरपंच):
बाबैन गांव का यह नेता खुद को भाजपा नेताओं का करीबी और गांव का “बादशाह” बताता रहा।
2. राजेश लाठर:
खुद को बड़े होटल और ढाबों का मालिक बताकर निवेशकों पर प्रभाव डाला।
3. शान भारती उर्फ शाहनवाज मोहम्मद:
कंपनी के इन्वेस्टमेंट प्लान का डिजाइनर और असली दिमाग माना जाता है।
इन तीनों ने आपस में एक-दूसरे को प्रमोट किया और निवेशकों को यह यकीन दिलाया कि उनका पैसा सुरक्षित और लाभकारी है।
निवेशकों के साथ धोखा
हजारों निवेशकों ने अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई इस प्रोजेक्ट में लगा दी। किसी ने बच्चों की पढ़ाई के लिए बचाए पैसे दिए, किसी ने रिटायरमेंट फंड, तो किसी ने घर–जमीन बेचकर निवेश किया।
लेकिन जब समय आया वायदे के अनुसार मुनाफा लौटाने का, तब कंपनी के डायरेक्टर्स ने हाथ खड़े कर दिए।
कई निवेशकों को दिए गए चेक बाउंस हो गए और कार्यालय के दरवाजे बंद मिले।
मनी लॉन्ड्रिंग का शक
मामले की जांच कर रहे सूत्रों का कहना है कि इस पूरे खेल में सिर्फ ठगी ही नहीं, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका भी है।
करोड़ों रुपये अलग–अलग खातों में घुमाए गए।
हवाला नेटवर्क के जरिए पैसा बाहर भेजने की बात भी सामने आ रही है।
प्रशासन और सरकार की चुप्पी
यह घोटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री नायाब सैनी की विधानसभा लाडवा से महज 11 किलोमीटर दूर हुआ। इसके बावजूद करनाल जिला प्रशासन ने लंबे समय तक आंख मूंदे रखीं।
प्रश्न यह भी है कि जब इतना बड़ा निवेश घोटाला लोगों की आंखों के सामने हो रहा था, तो प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की?
क्या यह लापरवाही थी या फिर किसी दबाव के चलते प्रशासन मौन रहा?
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
इस पूरे मामले पर सरदार बलगम माई पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रमुख रणवीर सिंह होग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि निवेशकों की गाढ़ी कमाई को बचाने के लिए RNJ और ग्रीन लाइफ इंडिया के संचालकों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए
ठगी के शिकार लोग आज भी भटक रहे हैं
आज स्थिति यह है कि:
कई निवेशक न्यायालय और थानों के चक्कर काट रहे हैं।
कई लोग मानसिक तनाव और आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।
कुछ परिवार तो कर्ज में डूब चुके हैं।
STF तक पहुंचा मामला
सूत्रों का कहना है कि अब यह मामला हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की चौखट तक पहुंच चुका है। अगर सही तरीके से जांच हुई, तो न सिर्फ RNJ कंपनी के मास्टरमाइंड बल्कि उनके पीछे खड़े अन्य बड़े चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं।
RNJ बायोगैस घोटाला इस बात का उदाहरण है कि कैसे लालच, झूठ और राजनीतिक संपर्कों का झूठा दिखावा आम जनता को बर्बाद कर सकता है।
यह सिर्फ करनाल या हरियाणा का मामला नहीं है, बल्कि पूरे देश के निवेशकों के लिए सबक है कि किसी भी निवेश से पहले पूरी जांच–पड़ताल करें और बिना ठोस दस्तावेज व सरकारी अनुमति के किसी भी स्कीम में पैसा न लगाएं।
The RNJ Biogas Scam in Karnal, Haryana is one of the biggest recent investment frauds in India, where investors were lured with false promises of high returns, fake political connections with leaders like Nitin Gadkari, and fraudulent company documents. The RNJ and Green Life India partnership collected crores of rupees, leaving thousands of investors cheated. This biogas fraud raises serious concerns about money laundering, investor protection, and administrative silence in Haryana.



















