गढ़ मेला 2025 में हेलीकॉप्टर से हुई भव्य पुष्प वर्षा, श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर किया उत्सव का स्वागत!

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AIN NEWS 1 गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़): उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में लगने वाला प्रसिद्ध गढ़ मेला 2025 इस बार कुछ खास बन गया। आस्था, संस्कृति और परंपरा के इस संगम में इस वर्ष एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला — गंगा तट पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। जैसे ही हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए घाटों पर एकत्र हुए, आसमान से फूलों की वर्षा ने पूरे वातावरण को श्रद्धा और उल्लास से भर दिया।

यह दृश्य इतना मनमोहक था कि हर किसी के चेहरे पर प्रसन्नता झलक रही थी। फूलों की पंखुड़ियाँ जब हवा में लहराते हुए श्रद्धालुओं पर गिरीं, तो ऐसा लगा मानो स्वयं देवता इस आस्था पर्व को आशीर्वाद देने आए हों।

आयोजन की भव्यता और श्रद्धा का संगम

गढ़ मेला सदियों पुरानी परंपरा है, जो कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु देश के कोने-कोने से यहाँ पहुंचते हैं और गंगा स्नान कर अपने पापों से मुक्ति की कामना करते हैं।

इस वर्ष प्रशासन और स्थानीय समितियों ने मेले को और भी खास बनाने के लिए हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की व्यवस्था की। जैसे ही सूर्योदय हुआ, हेलीकॉप्टर गंगा तट के ऊपर मंडराने लगा और फूलों की वर्षा से घाटों का हर कोना रंग-बिरंगा हो गया। श्रद्धालु “हर हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयकारे लगाते हुए उस दृश्य को कैमरे में कैद करने लगे।

सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतज़ाम

मेले के दौरान लाखों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतज़ाम किए थे। गंगा तट से लेकर मुख्य मार्ग तक हर जगह पुलिस, एनडीआरएफ और गोताखोर तैनात रहे। ड्रोन कैमरों से भीड़ की निगरानी की जा रही थी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग ने अस्थाई चिकित्सा शिविर, जलापूर्ति केंद्र, और खोया-पाया केंद्र भी स्थापित किए थे। स्थानीय प्रशासन की सक्रियता और श्रद्धालुओं के अनुशासन ने मेले को सुचारु रूप से संचालित करने में अहम भूमिका निभाई।

धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन

गढ़ मेले के दौरान केवल गंगा स्नान ही नहीं, बल्कि कई धार्मिक प्रवचन, कीर्तन, और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। देशभर से आए संत-महात्माओं ने धर्म, एकता और आस्था पर अपने विचार साझा किए। शाम के समय गंगा आरती का दृश्य अत्यंत मनमोहक था। दीपों की लौ जब गंगा की लहरों पर तैरती दिखी, तो पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।

हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा का यह क्षण उस दिन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। श्रद्धालु इसे “माँ गंगा का आशीर्वाद” मानकर भाव-विभोर हो गए।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला बल

गढ़ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। मेले के दौरान हजारों अस्थायी दुकानें लगाई जाती हैं, जहाँ खिलौने, पूजा सामग्री, वस्त्र, और खाने-पीने की चीज़ें बिकती हैं।

पुष्प वर्षा जैसे भव्य आयोजनों ने मेले की लोकप्रियता को और बढ़ाया है, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिला। स्थानीय होटल, गेस्ट हाउस और परिवहन सेवाओं की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।

पर्यावरण और स्वच्छता पर ध्यान

इस बार मेले में स्वच्छता मिशन के तहत विशेष पहल की गई। नगर पंचायत और स्वयंसेवी संगठनों ने मिलकर गंगा तट पर कचरा प्रबंधन, जैविक अपशिष्ट निपटान और प्लास्टिक-मुक्त क्षेत्र बनाए रखने के लिए अभियान चलाया। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई कि वे गंगा में कोई अपशिष्ट न डालें और घाटों की स्वच्छता बनाए रखें।

श्रद्धालुओं की भावनाएं

मेले में आए श्रद्धालु इस अनुभव को अपने जीवन का यादगार पल बता रहे थे। वाराणसी से आए एक श्रद्धालु ने कहा, “मैंने कई बार गढ़ मेला देखा है, लेकिन इस बार फूलों की वर्षा ने दिल को छू लिया। ऐसा लगा जैसे माँ गंगा हमें आशीर्वाद दे रही हों।”

दिल्ली से आई एक महिला श्रद्धालु ने कहा, “जब आसमान से गुलाब और गेंदे के फूल बरस रहे थे, तब लगा जैसे धरती पर स्वर्ग उतर आया हो।”

गढ़ मेला 2025 ने इस बार न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से भी एक नई पहचान बनाई है। हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा ने इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया। यह नजारा आने वाले वर्षों तक श्रद्धालुओं के हृदय में बसा रहेगा।

गढ़ मेला सच में यह संदेश देता है कि जब आस्था, अनुशासन और संगठन एक साथ जुड़ते हैं, तो न केवल परंपरा जीवित रहती है, बल्कि वह और भी सुंदर बन जाती है।

The Garh Mela 2025 in Garhmukteshwar, Uttar Pradesh, became a major attraction this year as a helicopter showered flowers over thousands of devotees gathered on the banks of the Ganga River. The event, organized on the occasion of Kartik Purnima, showcased India’s deep spiritual traditions and cultural unity. The helicopter flower shower, mesmerizing Ganga Aarti, and the devotion-filled crowd made Garh Mela one of the most spectacular spiritual tourism events in India this year.

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