AIN NEWS 1: ग़ाज़ियाबाद में सरकारी दफ्तरों के नाम पर अवैध वसूली करने वाले दलालों और अनाधिकृत व्यक्तियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति सरकारी कार्य कराने के नाम पर जनता से अवैध धन की मांग करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लंबे समय से यह देखने में आ रहा है कि जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कुछ अनाधिकृत लोग सक्रिय हैं, जो आम नागरिकों को गुमराह कर उनके काम जल्दी कराने का झांसा देते हैं और बदले में अवैध पैसे की मांग करते हैं।
🔹 किन-किन कार्यालयों में सक्रिय हैं दलाल
जिला प्रशासन के अनुसार, ऐसे दलालों की गतिविधियां कई महत्वपूर्ण सरकारी विभागों में सामने आई हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
सम्भागीय परिवहन अधिकारी (RTO) कार्यालय
तहसील और कलेक्ट्रेट
विकास भवन
नगर निगम
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग
शिक्षा विभाग
अग्निशमन विभाग
खाद्य एवं औषधि प्रशासन
आबकारी विभाग
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इन दफ्तरों से जुड़े कार्यों जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, पेंशन, छात्रवृत्ति, राशन कार्ड, शस्त्र लाइसेंस, फूड लाइसेंस, खनन लाइसेंस, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य प्रशासनिक सेवाओं के नाम पर दलाल लोगों से अवैध धन वसूलते हैं।
🔹 सरकारी छवि को नुकसान
जिलाधिकारी ने अपने आदेश में यह भी कहा कि दलालों की यह गतिविधियां न सिर्फ आम जनता को आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि इससे सरकारी कार्यालयों की छवि भी धूमिल होती है। इससे यह गलत संदेश जाता है कि बिना पैसे दिए सरकारी काम नहीं होते, जबकि वास्तविकता यह है कि सभी सेवाएं निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत पारदर्शी तरीके से दी जाती हैं।
उन्होंने साफ कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि सरकारी व्यवस्था पर जनता का भरोसा बना रहे और किसी भी तरह की रिश्वतखोरी या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
🔹 आम जनता से अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि—
किसी भी सरकारी काम के लिए किसी दलाल या अनाधिकृत व्यक्ति को पैसा न दें
यदि कोई व्यक्ति काम जल्दी कराने का दावा करे, तो उस पर भरोसा न करें
सीधे संबंधित सरकारी कार्यालय या अधिकारी से संपर्क करें
यदि कोई दलाल या अनाधिकृत व्यक्ति संपर्क करता है या पैसे की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तुरंत संबंधित विभाग के कार्यालयाध्यक्ष या जिला प्रशासन को दें।
🔹 दलालों को सख्त चेतावनी
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति—
सरकारी कार्यालय परिसर में घूमते हुए पाया गया
जनता से अवैध धन की मांग करता मिला
सरकारी काम कराने का झूठा दावा करता पाया गया
तो उसके खिलाफ कानून के तहत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। प्रशासन ऐसे मामलों में कोई नरमी नहीं बरतेगा।
🔹 भ्रष्टाचार के खिलाफ हेल्पलाइन जारी
भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 85272 40100 भी जारी किया है। इस नंबर पर नागरिक सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं, खासतौर पर—
RTO कार्यालय
तहसील
नगर निगम
अन्य सरकारी दफ्तरों
में यदि काम जानबूझकर रोका जा रहा हो या रिश्वत मांगी जा रही हो।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित दलाल या दोषी व्यक्ति के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई होगी।
🔹 प्रशासन की सख्त मंशा
यह कदम साफ तौर पर दर्शाता है कि ग़ाज़ियाबाद जिला प्रशासन भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है। जिलाधिकारी का मानना है कि जब तक दलालों और बिचौलियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक जनता को पूरी तरह राहत नहीं मिल सकती।
प्रशासन ने सभी विभागों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने कार्यालय परिसरों में निगरानी बढ़ाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें.
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ का यह आदेश आम जनता के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ दलालों पर शिकंजा कसेगा, बल्कि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास भी मजबूत होगा। यदि आम नागरिक भी जागरूक होकर दलालों से दूरी बनाए रखें और शिकायत दर्ज कराएं, तो निश्चित रूप से इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
The Ghaziabad administration under District Magistrate Ravindra Kumar Mandad has launched a strict anti-corruption drive against touts and middlemen operating in government offices. The DM has ordered FIR and jail action against unauthorized agents demanding bribes for services like driving licenses, certificates, pensions, and licenses. Citizens can report corruption directly through a dedicated helpline, ensuring transparency and accountability in Ghaziabad government departments.


















