AIN NEWS 1: सीतापुर में समाजवादी पार्टी को एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक राहत मिली है। नगर पालिका परिषद सीतापुर द्वारा पार्टी के जिला कार्यालय को खाली कराने के लिए जारी की गई नोटिस को अब वापस ले लिया गया है। यह फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चल रही सुनवाई के दौरान सामने आया, जिससे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में राहत की लहर दौड़ गई।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, नगर पालिका परिषद सीतापुर ने कुछ समय पहले समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय को खाली कराने के लिए नोटिस जारी किया था। इस नोटिस के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी। समाजवादी पार्टी का कहना था कि यह नोटिस न केवल जल्दबाजी में जारी किया गया, बल्कि इसके पीछे कोई ठोस और न्यायसंगत आधार भी नहीं था।
नोटिस मिलने के बाद समाजवादी पार्टी सीतापुर इकाई ने इसे गंभीरता से लिया और कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया। पार्टी की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में इस नोटिस को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई।
मेरठ के उजैद कुरैशी का आतंकी कनेक्शन, अलकायदा से जुड़ाव की जांच तेज
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई
इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की डबल बेंच के समक्ष हुई। 21 जनवरी 2026 को अदालत ने अहम आदेश देते हुए नगर पालिका द्वारा जारी नोटिस के तहत कार्यालय खाली कराने की कार्रवाई पर रोक लगा दी। साथ ही कोर्ट ने नगर पालिका परिषद सीतापुर से पूरे मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा और अगली सुनवाई के लिए 22 जनवरी 2026 की तारीख तय की।
कोर्ट के इस अंतरिम आदेश को समाजवादी पार्टी ने बड़ी राहत के रूप में देखा, क्योंकि इससे पार्टी कार्यालय पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
22 जनवरी को क्या हुआ अदालत में?
22 जनवरी 2026 को इस मामले की दोबारा सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता समाजवादी पार्टी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने लंच से पहले कोर्ट के सामने विस्तृत और तथ्यपूर्ण बहस रखी। उन्होंने नगर पालिका की नोटिस को कानूनी प्रक्रियाओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह नोटिस न तो नियमों के अनुरूप थी और न ही प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करती थी।
बहस के दौरान पार्टी के अधिवक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस परिसर को लेकर विवाद है, उसका लंबे समय से राजनीतिक और संगठनात्मक उपयोग किया जा रहा है और इसे अचानक खाली कराने का आदेश लोकतांत्रिक गतिविधियों को बाधित करने जैसा है।
नगर पालिका का बड़ा कदम
लंच के बाद जब सुनवाई फिर से शुरू हुई, तो नगर पालिका परिषद सीतापुर ने अदालत के सामने एक बड़ा कदम उठाया। नगर पालिका की ओर से बताया गया कि वह समाजवादी पार्टी कार्यालय को खाली कराने के लिए जारी की गई अपनी नोटिस को वापस ले रही है।
नगर पालिका के इस फैसले के बाद मामले की दिशा ही बदल गई। नोटिस वापस लिए जाने के साथ ही समाजवादी पार्टी को तत्काल राहत मिल गई और पार्टी कार्यालय पर मंडरा रहा खतरा फिलहाल टल गया।
समाजवादी पार्टी की ओर से कौन-कौन रहे मौजूद?
इस पूरे मामले में समाजवादी पार्टी की ओर से मजबूत कानूनी टीम ने पक्ष रखा। वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा के साथ अधिवक्ता उत्सव मिश्र और वली नवाज खान ने भी अदालत में पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। इन अधिवक्ताओं ने मामले को पूरी तैयारी और तथ्यों के साथ कोर्ट के सामने रखा, जिसका असर सुनवाई के दौरान साफ नजर आया।
राजनीतिक और संगठनात्मक मायने
समाजवादी पार्टी के लिए यह फैसला केवल एक कानूनी जीत नहीं है, बल्कि इसका राजनीतिक और संगठनात्मक महत्व भी है। जिला कार्यालय किसी भी राजनीतिक दल की गतिविधियों का केंद्र होता है। ऐसे में कार्यालय पर संकट आना पार्टी की जमीनी गतिविधियों को प्रभावित कर सकता था।
नोटिस वापस लिए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने राहत की सांस ली है। पार्टी नेताओं का मानना है कि यह फैसला न्यायपालिका की निष्पक्षता और कानून के राज को दर्शाता है।
आगे क्या हो सकता है?
हालांकि नोटिस वापस लिए जाने के बाद मामला फिलहाल शांत हो गया है, लेकिन भविष्य में नगर पालिका और पार्टी के बीच किसी भी तरह के विवाद से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि अब दोनों पक्षों को आपसी संवाद और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ना चाहिए, ताकि ऐसे विवाद दोबारा न हों।
फिलहाल समाजवादी पार्टी के लिए यह एक बड़ी राहत और मनोबल बढ़ाने वाला फैसला माना जा रहा है।
The Samajwadi Party has received significant relief in Sitapur after the Nagar Palika Council withdrew its notice to vacate the party office. The decision came during the hearing at the Allahabad High Court’s Lucknow Bench, where the court had earlier stayed the eviction order. This development is being seen as an important legal and political victory for the Samajwadi Party in Uttar Pradesh, strengthening its organizational presence in Sitapur.


















