Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

संभल में 48 घंटे में दो बार बदला गया CJM, मंदिर–मस्जिद विवाद और वकीलों के विरोध के बीच बड़ा न्यायिक फेरबदल!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बीते 48 घंटों के भीतर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) को लेकर दो बार बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया। इस अचानक हुए बदलाव ने न सिर्फ न्यायिक हलकों में, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब कौशांबी में तैनात CJM दीपक कुमार जायसवाल को संभल का नया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है, जबकि हाल ही में प्रमोशन पाकर आए आदित्य सिंह को फिर से चंदौसी स्थित सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के खाली कोर्ट में भेज दिया गया है।

दो दिन में बदला पूरा समीकरण

आदित्य सिंह को महज दो दिन पहले ही प्रमोशन देकर संभल का CJM बनाया गया था। उन्होंने विभांशु सुधीर की जगह यह पद संभाला था, लेकिन उनकी नियुक्ति के बाद ही स्थानीय वकीलों में नाराजगी साफ नजर आने लगी। वकीलों का विरोध इतना तेज था कि अदालत परिसर में लगातार चर्चा और असंतोष का माहौल बना रहा।

हालात को देखते हुए हाईकोर्ट प्रशासन ने तेजी से कदम उठाते हुए आदित्य सिंह को CJM पद से हटा दिया और उनकी जगह दीपक कुमार जायसवाल को संभल भेज दिया। इस तरह 48 घंटे के भीतर संभल में दूसरी बार CJM बदले जाने की असामान्य स्थिति सामने आई।

संगम स्नान करें और विषय समाप्त करें : शंकराचार्य–प्रशासन विवाद पर डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बयान!

मंदिर–मस्जिद विवाद से जुड़ा है मामला

आदित्य सिंह का नाम संभल के बेहद संवेदनशील धार्मिक विवाद से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने श्री हरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद मामले में सर्वे कराने के आदेश दिए थे। यह फैसला सामने आते ही मामला और अधिक चर्चा में आ गया था। यह वही विवाद है, जिस पर पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की नजर बनी हुई है।

कई वकीलों और स्थानीय लोगों का मानना था कि इतने संवेदनशील मामले में CJM का बार-बार बदलना न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। वहीं, कुछ लोग इसे प्रशासनिक दबाव से जोड़कर भी देख रहे हैं।

विभांशु सुधीर का तबादला भी रहा चर्चा में

इस पूरे घटनाक्रम की जड़ में इलाहाबाद हाईकोर्ट का वह बड़ा आदेश भी है, जिसमें मंगलवार शाम को एक साथ 14 जजों के तबादले कर दिए गए थे। इस सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम विभांशु सुधीर का था, जिन्हें संभल से हटाकर सुल्तानपुर में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर भेज दिया गया।

विभांशु सुधीर वही जज हैं, जिन्होंने 9 जनवरी को संभल हिंसा से जुड़े एक गंभीर मामले में बड़ा आदेश दिया था। उन्होंने ASP अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे।

मेरठ के उजैद कुरैशी का आतंकी कनेक्शन, अलकायदा से जुड़ाव की जांच तेज

संभल हिंसा और पुलिस पर FIR का आदेश

संभल में हुई हिंसा के दौरान एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी। आरोप है कि इस दौरान ASP अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों ने सीधे गोली चलाई थी। इसी मामले में विभांशु सुधीर ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसे लेकर पुलिस महकमे और प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल मच गई थी।

कई जानकारों का मानना है कि यही आदेश विभांशु सुधीर के तबादले की बड़ी वजह बना। हालांकि, आधिकारिक तौर पर तबादले को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया है।

वकीलों की नाराजगी क्यों?

आदित्य सिंह की नियुक्ति को लेकर वकीलों में नाराजगी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। कुछ वकीलों का कहना था कि हालिया फैसलों और संवेदनशील मामलों को देखते हुए CJM के चयन में और अधिक संतुलन और अनुभव की जरूरत थी।

वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि न्यायिक तबादलों में पारदर्शिता की कमी नजर आ रही है। इसी असंतोष के चलते विरोध तेज हुआ, जिसका असर सीधे प्रशासनिक फैसले पर पड़ा।

नया CJM: दीपक कुमार जायसवाल से उम्मीदें

अब संभल की न्यायिक जिम्मेदारी कौशांबी से आए दीपक कुमार जायसवाल के कंधों पर है। उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे जिले के संवेदनशील मामलों को संतुलित, निष्पक्ष और कानून के दायरे में रहकर संभालेंगे।

संभल पहले से ही धार्मिक विवादों, हिंसा और प्रशासनिक सख्ती को लेकर सुर्खियों में रहा है। ऐसे में नए CJM के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वे अदालत की गरिमा बनाए रखें और किसी भी तरह के दबाव से ऊपर उठकर फैसले करें।

न्यायिक स्वतंत्रता पर उठते सवाल

48 घंटे में दो बार CJM बदलना अपने आप में असामान्य घटना मानी जा रही है। इससे न्यायिक स्वतंत्रता, प्रशासनिक हस्तक्षेप और संवेदनशील मामलों की निष्पक्ष सुनवाई जैसे मुद्दों पर बहस तेज हो गई है।

हालांकि, हाईकोर्ट और प्रशासन की ओर से इसे सामान्य प्रक्रिया बताया जा रहा है, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि संभल का यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में भी चर्चा में बना रह सकता है।

The sudden transfer of the Sambhal Chief Judicial Magistrate twice within 48 hours has drawn significant attention in Uttar Pradesh. The controversy is closely linked to the Harihar Temple vs Shahi Jama Masjid dispute and the FIR order against ASP Anuj Chaudhary in the Sambhal violence case. Judicial transfers, lawyers’ protests, and sensitive religious cases have once again brought Sambhal news into the national spotlight, raising questions about judicial independence and administrative decisions.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
haze
14.1 ° C
14.1 °
14.1 °
35 %
3.6kmh
96 %
Sat
19 °
Sun
20 °
Mon
22 °
Tue
23 °
Wed
21 °
Video thumbnail
बस में छात्र को चांटा! सवाल पूछने पर भड़का कंडक्टर | Hapur Depot Bus
01:22
Video thumbnail
हापुड़ डिपो की बस में शर्मनाक घटना, छात्र से अभद्रता और मारपीट का आरोप
03:23
Video thumbnail
क्या हुआ जब पुलिस वाले की लगी 25 लाख की लॉटरी😱😱
02:58
Video thumbnail
BOSS बनते ही शाह-योगी के सामने पहले ही भाषण में सनातन पर दिया धाकड़ बयान सुन मोदी भी हैरान!Nitin
11:54
Video thumbnail
“रील बनाने पर गालियां खाता रहुंगा” Kerala में PM Modi ने मंदिर में सोने की चोरी पर विपक्ष को सुनाया
01:10
Video thumbnail
शंकराचार्य विवाद के बीच दहाड़े Yogi- कोई चुनौती देता है तो खुल कर मुकाबला करना चाहिए !
28:14
Video thumbnail
माघ मेले के शंकराचार्य विवाद पर खुलकर बोले ठाकुर सूर्यकांत | Hindu Jagran Manch
12:45
Video thumbnail
गाजियाबाद में मनाया जाएगा उत्तर प्रदेश दिवस 2026, 24 से 26 जनवरी तक कार्यक्रम
04:44
Video thumbnail
Flipkart delivery worker changes statement on rescue effort to save Noida techie
01:16
Video thumbnail
Prayagraj Plane Crash: Air Force का विमान क्रैश होकर जॉर्जटाउन में गिरा, दोनों Pilots कूदे
00:19

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related