AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में पुलिस ने एक बड़ी कफ सिरप तस्करी का खुलासा करते हुए प्रतिबंधित नशीले कफ सिरप की भारी खेप बरामद की है। यह कार्रवाई थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र के अंतर्गत गौरपुरा गांव के पास की गई, जहां सड़क किनारे खड़े एक संदिग्ध ट्रक को पुलिस ने जांच के दौरान पकड़ा।
पुलिस को जैसे ही सूचना मिली कि इलाके में एक ट्रक संदिग्ध हालात में खड़ा है और कुछ लोग जबरन उसे आगे ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, वैसे ही थाना फ्रेंड्स कॉलोनी की टीम मौके पर पहुंच गई। जांच के दौरान ट्रक खोलकर देखा गया तो पुलिस भी हैरान रह गई। ट्रक के अंदर करीब 40 हजार बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप भरी हुई थीं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है।
🚨 देहरादून से बिहार तक फैला तस्करी का नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह पूरा माल उत्तराखंड के देहरादून से लोड किया गया था और इसे बिहार के समस्तीपुर में अवैध तरीके से सप्लाई किया जाना था। बताया जा रहा है कि यह कफ सिरप सामान्य दवा के नाम पर नशीले पदार्थ के रूप में इस्तेमाल की जाती है, जिस पर सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है।
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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कफ सिरप की इतनी बड़ी खेप का एक साथ पकड़ा जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि इसके पीछे एक संगठित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क सक्रिय है, जो अलग-अलग राज्यों में फैला हुआ है।
🚗 ट्रक ड्राइवर पर बनाया जा रहा था दबाव
मौके पर मौजूद पुलिस टीम को यह भी जानकारी मिली कि बिहार के रहने वाले तीन लोग एक कार से वहां पहुंचे थे। ये तीनों लोग ट्रक ड्राइवर पर लगातार दबाव बना रहे थे कि वह ट्रक को तुरंत वहां से निकालकर आगे ले जाए। पुलिस को इनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद तीनों से पूछताछ की गई।
जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो तीनों संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद पुलिस ने तीनों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से नकद रुपये भी बरामद किए गए हैं, जिनके स्रोत की जांच की जा रही है।
📄 कागजात जांच में हुआ बड़ा खुलासा
ट्रक से जुड़े बिल्टी और अन्य दस्तावेजों की जब जांच की गई तो कई खामियां सामने आईं। कागजात में दवाओं की मात्रा और वास्तविक लोड में स्पष्ट अंतर पाया गया। इससे यह साफ हो गया कि कफ सिरप को गलत तरीके से ट्रांसपोर्ट किया जा रहा था और कागजों में हेराफेरी की गई थी।
पुलिस का मानना है कि इस तरह के फर्जी दस्तावेज तस्करी के दौरान जांच से बचने के लिए तैयार किए जाते हैं।
👮♂️ पुलिस अधिकारी का बयान
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए सीओ सिटी अभय नारायण राय ने बताया कि पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि बिहार से कुछ लोग एक ट्रक कंटेनर को जबरदस्ती ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो पाया गया कि ट्रक देहरादून से लोड होकर बिहार के समस्तीपुर जा रहा था।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान ट्रक से प्रतिबंधित कफ सिरप की बड़ी खेप बरामद हुई, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
🔍 आगे की जांच जारी
पुलिस अब यह जानने में जुटी है कि:
कफ सिरप किस कंपनी या गोदाम से लोड हुआ
देहरादून में सप्लायर कौन है
बिहार में इसे किन लोगों को बेचा जाना था
पहले भी इस नेटवर्क के जरिए ऐसी खेप भेजी गई है या नहीं
इसके साथ ही ट्रक ड्राइवर की भूमिका की भी जांच की जा रही है कि वह जानबूझकर इस तस्करी में शामिल था या फिर उसे गुमराह किया गया।
⚠️ क्यों खतरनाक है कफ सिरप तस्करी?
नशीले कफ सिरप का गलत इस्तेमाल युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है। यह न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है बल्कि समाज में अपराध और नशे की प्रवृत्ति को भी बढ़ावा देता है। यही वजह है कि पुलिस और प्रशासन इस तरह के मामलों पर सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं।
🛑 पुलिस का सख्त संदेश
इटावा पुलिस ने साफ किया है कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। चाहे तस्कर किसी भी राज्य के हों, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Etawah police busted a major cough syrup smuggling racket after seizing 40,000 bottles of banned cough syrup worth nearly ₹50 lakh. The illegal consignment was being transported from Dehradun to Samastipur in Bihar when it was intercepted near Gaurpura village under Friends Colony police station area. Three accused from Bihar were arrested on the spot, highlighting the growing issue of interstate drug trafficking in Uttar Pradesh.


















