नमस्कार,
कल की बड़ी खबर पीएम मोदी के प्लेन की हाईवे में लैंडिंग से जुड़ी है। पीएम ने वायुसेना के प्लेन में सफर किया। दूसरी खबर पाकिस्तान कप्तान के उस बयान की है जिसमें उन्होंने कहा कि भारत को हाथ न मिलाने का जवाब मैदान में देंगे।

आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में पहली बार भारत और पाकिस्तान आमने सामने होंगे। मैच शाम 7 बजे श्रीलंका में खेला जाएगा।
2. विशाखापट्टनम में अंतरराष्ट्रीय युद्धपोत महोत्सव (MILAN 2026) का उद्घाटन होगा। यह 25 फरवरी तक चलेगा। 60+ देशों के नौसैनिक बल भागीदारी करेंगे।
कल की बड़ी खबरें:
असम के हाईवे पर उतरा वायुसेना का विमान, पीएम मोदी ने मोरन बाईपास एयरस्ट्रिप का किया इस्तेमाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय वायुसेना के C-130 एयरक्राफ्ट से यात्रा की। खास बात यह रही कि उनका विमान किसी एयरपोर्ट पर नहीं, बल्कि असम के मोरन बाईपास स्थित हाईवे पर बनाई गई इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरा। यह लैंडिंग भारत की सामरिक और रक्षा तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मोरन बाईपास पर तैयार की गई यह एयरस्ट्रिप राष्ट्रीय राजमार्ग NH-127 के करीब 4.4 किलोमीटर लंबे हिस्से पर बनाई गई है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि जरूरत पड़ने पर सेना के साथ-साथ नागरिक विमान भी यहां उतर और उड़ान भर सकें। युद्ध, प्राकृतिक आपदा या किसी आपात स्थिति में यह सुविधा एयरबेस के विकल्प के रूप में काम करती है।
यह क्षेत्र चीन सीमा से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, इसलिए रणनीतिक दृष्टि से इसकी अहमियत और बढ़ जाती है। इस तरह की इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और तेज सैन्य तैनाती सुनिश्चित करने में मदद करती है।
मुख्य बातें
• प्रधानमंत्री मोदी का विमान असम के मोरन बाईपास हाईवे पर सफलतापूर्वक लैंड हुआ
• NH-127 पर 4.4 किमी लंबे हिस्से को इमरजेंसी एयरस्ट्रिप के रूप में विकसित किया गया है
• युद्ध और आपातकालीन परिस्थितियों में सेना व नागरिक विमानों के लिए उपयोगी सुविधा
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत-पाक मुकाबले से पहले बढ़ा रोमांच, हैंडशेक विवाद पर दोनों कप्तानों के बयान
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बहुप्रतीक्षित मुकाबले से पहले माहौल गर्म हो गया है। मैच से पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने ‘नो हैंडशेक’ विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसका जवाब मैदान पर दिया जाएगा। वहीं भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इस सवाल पर संयमित जवाब देते हुए कहा कि इंतजार कीजिए, सब मैदान पर ही दिखाई देगा।
हैंडशेक विवाद की शुरुआत एशिया कप 2025 के दौरान हुई थी, जब भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव समेत पूरी भारतीय टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। यह फैसला पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए भारतीय नागरिकों को सम्मान देने के लिए लिया गया था। इसके बाद से यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।
टी-20 वर्ल्ड कप 2025 में आज भारत और पाकिस्तान के बीच ग्रुप ए का अहम मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमें अब तक टूर्नामेंट में अजेय रही हैं। भारत ने अपने शुरुआती दोनों मैच जीतकर पॉइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि पाकिस्तान भी बिना हार के मजबूत स्थिति में है। ऐसे में यह मुकाबला ग्रुप की स्थिति तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत-पाक मुकाबलों का रिकॉर्ड
2007 – ग्रुप: भारत बॉल आउट में जीता
2007 – फाइनल: भारत 5 रन से जीता
2009 – ग्रुप: मुकाबला नहीं हुआ
2010 – ग्रुप: मुकाबला नहीं हुआ
2012 – सुपर 8: भारत 8 रन से जीता
2014 – सुपर 10: भारत 7 विकेट से जीता
2016 – सुपर 10: भारत 6 विकेट से जीता
2021 – ग्रुप: पाकिस्तान 10 विकेट से जीता
2022 – ग्रुप: भारत 4 विकेट से जीता
2024 – ग्रुप: भारत 6 रन से जीता
मुख्य बातें
• भारत और पाकिस्तान दोनों टीमें टूर्नामेंट में अब तक अजेय हैं
• हैंडशेक विवाद पर दोनों कप्तानों ने मैदान पर जवाब देने की बात कही
• भारत फिलहाल ग्रुप ए की पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर बना हुआ है
ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी देश की पहली रोड-कम-रेल टनल, 6 घंटे का सफर घटकर 20 मिनट होगा
असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे भारत की पहली रोड-कम-रेल अंडरवॉटर टनल बनाई जाएगी। यह परियोजना देश के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। खास बात यह है कि एक ही सुरंग के भीतर सड़क और रेलवे लाइन दोनों तैयार की जाएंगी, जिससे ट्रेन और वाहन एक साथ गुजर सकेंगे। दुनिया में इस तरह की यह दूसरी परियोजना होगी।
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को इंजीनियरिंग-प्रोक्योरमेंट-कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। टनल बनने से असम के कई क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रा समय में भारी कमी आएगी।
परियोजना के तहत गोहपुर (NH-15) से नुमालीगढ़ (NH-715) के बीच 15.79 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जाएगी। फिलहाल इन दोनों स्थानों के बीच करीब 240 किलोमीटर का सफर तय करने में लगभग 6 घंटे लगते हैं, लेकिन टनल बनने के बाद यही दूरी महज 20 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
यह टनल न केवल आम लोगों की यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से उत्तर-पूर्व क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुख्य बातें
• ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली रोड-कम-रेल अंडरवॉटर टनल बनेगी
• 15.79 किमी लंबी सुरंग गोहपुर और नुमालीगढ़ को जोड़ेगी
• 6 घंटे का सफर घटकर सिर्फ 20 मिनट रह जाएगा
रिटायर अफसरों पर सख्ती की तैयारी, सेवा से जुड़ी किताब 20 साल तक प्रकाशित करने पर लग सकती है रोक
केंद्र सरकार वरिष्ठ पदों पर रहे अधिकारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद नया नियम लागू करने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित नियम के अनुसार, ऐसे अधिकारी अपनी सेवा से जुड़े अनुभवों या संवेदनशील मामलों पर आधारित किताबें रिटायरमेंट के बाद 20 साल तक प्रकाशित नहीं कर सकेंगे। सरकार इस संबंध में जल्द आदेश जारी कर सकती है।
यह मुद्दा हाल ही में पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक को लेकर उठे विवाद के बाद चर्चा में आया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी 4 फरवरी को संसद परिसर में इसी अनपब्लिश किताब का मुद्दा उठाते हुए नजर आए थे, जिसके बाद इस विषय पर राजनीतिक और प्रशासनिक बहस तेज हो गई।
मौजूदा नियमों के तहत केंद्रीय सिविल सेवा नियम 1972 (CCS Rules) में 2021 के संशोधन के बाद पहले से ही संवेदनशील और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी के प्रकाशन पर प्रतिबंध है। किसी भी पूर्व अधिकारी को ऐसी सामग्री प्रकाशित करने से पहले संबंधित मंत्रालय या संगठन से अनुमति लेना अनिवार्य होता है।
सरकार का मानना है कि लंबे कूलिंग-ऑफ पीरियड से गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और राष्ट्रीय हितों पर संभावित प्रभाव को रोका जा सकेगा।
मुख्य बातें
• रिटायर अधिकारियों के लिए 20 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड लागू करने पर विचार
• सेवा से जुड़ी किताबें बिना अनुमति प्रकाशित नहीं की जा सकेंगी
• पूर्व आर्मी चीफ की किताब विवाद के बाद नियमों पर चर्चा तेज हुई
खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश मामला: भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को 24 साल की सजा
खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश से जुड़े मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को 24 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। न्यूयॉर्क की अमेरिकी अदालत में निखिल गुप्ता ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया। अदालत द्वारा सजा का औपचारिक ऐलान 29 मई को किया जाएगा।
अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस के बयान के अनुसार, निखिल गुप्ता उर्फ ‘निक’ ने सेकंड सुपरसिडिंग इंडिक्टमेंट में लगाए गए तीनों आरोपों को कबूल किया है। इनमें मर्डर-फॉर-हायर (पैसे देकर हत्या करवाने की साजिश), हत्या की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नू
गुरपतवंत सिंह पन्नू मूल रूप से पंजाब के खानकोट का निवासी है और फिलहाल अमेरिका में रह रहा है। वह ‘सिख फॉर जस्टिस’ नामक संगठन से जुड़ा हुआ है। पन्नू के पास अमेरिका सहित अन्य देशों की नागरिकता भी बताई जाती है। भारत सरकार ने वर्ष 2010 में उसके खिलाफ देशविरोधी गतिविधियों से जुड़े मामले दर्ज किए थे और बाद में उसे आतंकी घोषित किया गया।
मुख्य बातें
• पन्नू की हत्या की साजिश मामले में निखिल गुप्ता को 24 साल की सजा
• न्यूयॉर्क कोर्ट में आरोपी ने मर्डर-फॉर-हायर समेत सभी आरोप कबूल किए
• सजा का औपचारिक ऐलान 29 मई को किया जाएगा
खड़गे का बयान चर्चा में, बोले- ‘हैदराबाद वाले को यूपी में घुसने मत दो’, ओवैसी पर इशारा माना जा रहा

वीडियो में खड़गे कहते सुनाई दे रहे हैं, “उसको आने मत दो। वो एक बार आएगा, वो तो खत्म हो जाएगा क्योंकि वो नेशनल पार्टी नहीं है, लेकिन हमें खत्म करके जाएगा। कौन… हैदराबाद वाला।” इस टिप्पणी को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने उत्तर प्रदेश में पंचायत और विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन और बूथ स्तर पर मजबूती शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि कांग्रेस को राज्य में अपने पारंपरिक वोट बैंक पर असर पड़ने की चिंता है।
वीडियो में खड़गे के साथ इमरान मसूद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी मौजूद दिखाई दे रहे हैं। बयान सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इस पर बहस तेज हो गई है।
मुख्य बातें
• संसद परिसर का वीडियो सामने आने के बाद खड़गे का बयान चर्चा में
• ‘हैदराबाद वाला’ टिप्पणी को ओवैसी से जोड़कर देखा जा रहा
• यूपी चुनावों से पहले AIMIM की सक्रियता पर कांग्रेस की चिंता मानी जा रही
‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य करने पर विवाद, उज्जैन के इमाम ने बताया धार्मिक आजादी पर हमला
राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी नए दिशानिर्देशों के बाद विवाद शुरू हो गया है। उज्जैन के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य किया जा रहा है, वहां से मुस्लिम समुदाय अपने बच्चों को निकालने पर विचार करे।
इमाम का कहना है कि राष्ट्रगीत में देश की भूमि की पूजा का उल्लेख है, जो इस्लामिक मान्यताओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और इसे अनिवार्य न बनाया जाए। उनका बयान सामने आने के बाद इस मुद्दे पर सामाजिक और राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
क्या हैं नए दिशानिर्देश
केंद्र सरकार ने 28 जनवरी को ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके तहत सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और औपचारिक आयोजनों में राष्ट्रगीत बजाया या गाया जाएगा। सामूहिक रूप से इसके सभी छह अंतरे लगभग 3 मिनट 10 सेकंड में गाने का प्रावधान रखा गया है और गीत के दौरान सभी लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।
राष्ट्रगीत कब गाया जाएगा
• राष्ट्रध्वज को परेड में लाते समय और तिरंगा फहराने के दौरान
• राष्ट्रपति या राज्यपाल से जुड़े आधिकारिक कार्यक्रमों में
• राष्ट्रपति के संबोधन से पहले और बाद में
• सिविलियन अवॉर्ड समारोह जैसे भारत रत्न और पद्म पुरस्कार कार्यक्रमों में
• सरकारी स्कूलों में दिन की शुरुआत से पहले सामूहिक रूप से
क्या नहीं गाने पर सजा है
फिलहाल नए दिशानिर्देशों में राष्ट्रगीत न गाने या खड़े न होने पर किसी दंड या कानूनी कार्रवाई का प्रावधान नहीं रखा गया है। हालांकि, फिल्म या डॉक्यूमेंट्री के हिस्से के रूप में बजाए जाने पर खड़े होने की अनिवार्यता से छूट दी गई है।
मुख्य बातें
• ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नए सरकारी दिशानिर्देश जारी होने के बाद विवाद
• उज्जैन के इमाम ने इसे धार्मिक आजादी पर हमला बताते हुए विरोध किया
• फिलहाल नियमों के उल्लंघन पर किसी सजा का प्रावधान नहीं रखा गया है

























