योगी सरकार का बड़ा कदम: 1100 से ज्यादा नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर जोर
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार का दिन स्वास्थ्य क्षेत्र और खासकर महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक विशेष कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस पहल के तहत 1097 महिला और 131 पुरुष नर्सिंग अधिकारियों को नौकरी का अवसर मिला, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
यह कार्यक्रम लोकभवन में आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पाने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर बेटियों को इतनी बड़ी संख्या में नौकरी मिलना समाज में बदलते सकारात्मक माहौल को दर्शाता है।

महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और नर्सिंग क्षेत्र में उनकी भागीदारी सबसे अधिक है। उन्होंने इसे गर्व का विषय बताते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले समाज में नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और यह क्षेत्र युवाओं के लिए बेहतर करियर विकल्प बनकर उभरा है।
पहले और अब के हालात में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में 2017 से पहले और उसके बाद के हालात की तुलना करते हुए बताया कि पहले प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं काफी कमजोर थीं। अस्पतालों में व्यवस्थाएं ठीक नहीं थीं और कई जगहों पर माफिया का प्रभाव देखने को मिलता था।
उन्होंने कहा कि पहले मेडिकल कॉलेज खोलने को लेकर भी उदासीनता थी, लेकिन अब सरकार ने “वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज” की दिशा में काम किया है। इसका परिणाम यह है कि आज उत्तर प्रदेश में सरकारी और निजी मिलाकर 80 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं।
गोरखपुर की एक यादगार कहानी
मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए गोरखपुर के एक नर्सिंग स्कूल की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब वहां केवल एक ही शिक्षिका पूरे संस्थान को संभाल रही थीं। जब वह सेवानिवृत्त होने वाली थीं, तब उन्होंने चिंता जताई कि आगे संस्थान का क्या होगा।
इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया और अपने स्तर पर मदद करते हुए संस्थान को बंद होने से बचाया। उन्होंने यह भी बताया कि पिछली सरकारों के समय कई नर्सिंग संस्थान बंद हो गए थे, लेकिन अब सरकार उन्हें फिर से शुरू कर रही है और नए संस्थानों का निर्माण भी किया जा रहा है।
स्वास्थ्य शिक्षा में बड़ा विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है। जहां पहले MBBS की सीटें करीब 5390 थीं, अब उन्हें बढ़ाकर 12,700 कर दिया गया है। इसी तरह पीजी सीटों में भी कई गुना वृद्धि हुई है।
नर्सिंग और पैरामेडिकल कोर्स में भी हजारों नई सीटें जोड़ी गई हैं, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को इस क्षेत्र में अवसर मिल सके।
वैश्विक स्तर पर बढ़ रही मांग
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय नर्सिंग स्टाफ की मांग अब केवल देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने अपने विदेश दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि जापान, जर्मनी और यूरोप के कई देशों में भारतीय नर्सों को काफी सम्मान मिलता है और उनकी कार्यशैली की सराहना की जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश न केवल अपने लिए, बल्कि पूरे देश और विदेशों के लिए भी प्रशिक्षित नर्सिंग मैनपावर तैयार करे।
भाषा आधारित शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि नर्सिंग शिक्षा को विभिन्न भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इससे अलग-अलग राज्यों के छात्रों को पढ़ाई में आसानी होगी और वे बेहतर तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से दी जा रही नौकरियों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है। सभी चयन प्रक्रियाएं पारदर्शी तरीके से आयोग के माध्यम से की जाती हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में लगभग 9 लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं और इनमें कहीं भी सिफारिश या लेन-देन की गुंजाइश नहीं रही है।
डिप्टी सीएम का संदेश
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नर्सिंग एक सेवा का क्षेत्र है, जहां धैर्य और संवेदनशीलता सबसे जरूरी होती है।
उन्होंने सभी नर्सिंग अधिकारियों से अपील की कि वे मरीजों के साथ सहानुभूति रखें और किसी भी परिस्थिति में अपना संयम न खोएं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि किसी को तैनाती के दौरान कोई समस्या आती है, तो सरकार उनकी मदद के लिए हमेशा तैयार है।
तैनाती कहां-कहां होगी
नियुक्ति पाने वाले नर्सिंग अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात किया जाएगा। इनमें आगरा, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, झांसी, गोरखपुर, अंबेडकरनगर, कन्नौज, आजमगढ़, जालौन, सहारनपुर, बांदा और बदायूं शामिल हैं।
इसके अलावा कुछ नियुक्तियां विशेष संस्थानों जैसे जेके कैंसर संस्थान और हृदय रोग संस्थान, कानपुर में भी की जाएंगी।
यह पहल उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर होगी, बल्कि मरीजों को बेहतर सेवाएं भी मिल सकेंगी।
साथ ही, इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार मिलने से समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।
Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath distributed appointment letters to over 1100 nursing officers in Lucknow, highlighting the state government’s focus on healthcare development, transparent recruitment, and women empowerment. The initiative strengthens Uttar Pradesh’s medical infrastructure, increases nursing workforce capacity, and supports the expansion of medical colleges and healthcare services across the state.


















