मेरठ में दरोगाओं के लिए खास शो: SSP अविनाश पांडे संग 498 पुलिसकर्मी देखेंगे ‘धुरंधर-2’
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक अनोखी और दिलचस्प पहल सामने आई है, जहां पुलिस विभाग ने अपने कर्मचारियों के लिए एक अलग तरह का मोटिवेशनल कार्यक्रम आयोजित किया है। आमतौर पर पुलिसकर्मियों की जिंदगी सख्त ड्यूटी, तनाव और जिम्मेदारियों से भरी होती है, लेकिन इस बार उन्हें कुछ समय के लिए आराम और प्रेरणा देने के उद्देश्य से सिनेमा हॉल में फिल्म दिखाने का निर्णय लिया गया है।
मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे ने लगभग 498 दरोगाओं के लिए फिल्म ‘धुरंधर-2’ की विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया है। यह आयोजन न सिर्फ मनोरंजन के लिए है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा संदेश और उद्देश्य भी छिपा हुआ है।
क्या है पूरा कार्यक्रम?
यह विशेष शो दिल्ली रोड स्थित शॉप्रिक्स मॉल के वेव सिनेमा में आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर सिनेमा हॉल के दो बड़े स्क्रीन पूरी तरह से बुक कर लिए गए हैं, ताकि सभी पुलिसकर्मी एक साथ बैठकर फिल्म का आनंद ले सकें।
इस कार्यक्रम में SSP अविनाश पांडे के साथ-साथ एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह भी मौजूद रहेंगे। खास बात यह है कि इस शो में केवल पुलिसकर्मी ही शामिल होंगे, आम दर्शकों को इसमें प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
अनुशासित तरीके से होगी पूरी व्यवस्था
पुलिस विभाग ने इस आयोजन को बेहद अनुशासित और व्यवस्थित तरीके से प्लान किया है। सभी दरोगा मेरठ पुलिस लाइन से सरकारी वाहनों के जरिए मल्टीप्लेक्स तक पहुंचेंगे। वहां उनके लिए एक तय समय पर फिल्म का शो रखा गया है।
इस तरह का आयोजन पुलिस विभाग में कम ही देखने को मिलता है, जहां इतने बड़े स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को एक साथ लाया जाता है।
फिल्म दिखाने का असली मकसद
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं है, बल्कि पुलिसकर्मियों को प्रेरित करना और उनके मनोबल को बढ़ाना है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ‘धुरंधर-2’ जैसी फिल्में पुलिस की भूमिका, जिम्मेदारी और संघर्ष को बेहतर तरीके से दर्शाती हैं।
ऐसी फिल्में देखने से दरोगाओं को यह समझने में मदद मिलती है कि समाज में उनकी भूमिका कितनी अहम है और वे किस तरह से अपराधियों के खिलाफ मजबूती से खड़े रह सकते हैं।
इसके अलावा, यह पहल पुलिसकर्मियों के बीच आपसी जुड़ाव और टीमवर्क को भी मजबूत करने का काम करेगी।
फिल्म और यूपी पुलिस का खास कनेक्शन
‘धुरंधर-2’ फिल्म का यूपी पुलिस से खास रिश्ता बताया जा रहा है। फिल्म में एक ऐसे किरदार को दिखाया गया है, जो प्रयागराज के कुख्यात माफिया से प्रेरित है। इस किरदार का नाम ‘आतिफ अहमद’ रखा गया है, जो अपराध की दुनिया का बड़ा चेहरा दिखाया गया है।
फिल्म में पुलिस की कार्रवाई, रणनीति और माफियाओं के खिलाफ सख्त कदमों को एक्शन और ड्रामा के साथ पेश किया गया है। इसके अलावा, इसमें यूपी के एक पूर्व डीजीपी जैसा मजबूत किरदार भी दिखाया गया है, जो पुलिस की सख्ती और नेतृत्व को दर्शाता है।
यही कारण है कि पुलिस विभाग इस फिल्म को अपने कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक मान रहा है।
पुलिसकर्मियों के लिए क्यों जरूरी है ऐसी पहल?
पुलिसकर्मी दिन-रात अपनी ड्यूटी में व्यस्त रहते हैं। उन्हें अक्सर तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनके लिए मानसिक रूप से रिलैक्स होना और नई ऊर्जा के साथ काम करना बेहद जरूरी होता है।
फिल्म स्क्रीनिंग जैसे कार्यक्रम उन्हें एक ब्रेक देते हैं, जिससे वे कुछ समय के लिए अपने काम के दबाव से दूर हो पाते हैं। साथ ही, अगर फिल्म में कोई प्रेरणादायक संदेश हो, तो वह उनके काम के प्रति नजरिया भी बदल सकता है।
टीम भावना को मिलेगा बढ़ावा
इस तरह के आयोजनों से पुलिसकर्मियों के बीच आपसी तालमेल और टीम भावना मजबूत होती है। जब सभी अधिकारी और कर्मचारी एक साथ बैठकर समय बिताते हैं, तो उनके बीच बेहतर संवाद स्थापित होता है।
यह भविष्य में उनके काम को और प्रभावी बनाने में मदद करता है, क्योंकि पुलिसिंग एक टीमवर्क पर आधारित प्रणाली है।
एक नई सोच की शुरुआत
मेरठ में आयोजित यह कार्यक्रम पुलिस विभाग की बदलती सोच को दर्शाता है। अब सिर्फ सख्ती और अनुशासन ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और मोटिवेशन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
SSP अविनाश पांडे की यह पहल पुलिस विभाग में एक नई मिसाल बन सकती है, जिसे अन्य जिलों में भी अपनाया जा सकता है।
चर्चा में क्यों है यह फैसला?
यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आमतौर पर पुलिस विभाग में इस तरह के आयोजन कम देखने को मिलते हैं। एक साथ इतने बड़े स्तर पर फिल्म स्क्रीनिंग कराना अपने आप में एक अनोखी पहल है।
सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच भी इस कार्यक्रम को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोग इसे पुलिस और समाज के बीच बेहतर संबंध बनाने की दिशा में एक अच्छा कदम मान रहे हैं।
Meerut SSP Avinash Pandey has organized a unique initiative by booking an entire cinema hall for 498 sub-inspectors to watch Dhurandhar 2. This special screening aims to boost police morale, enhance teamwork, and reinforce the sense of duty among Uttar Pradesh Police personnel. The film, inspired by crime and law enforcement themes, highlights the role of police officers in tackling mafia and maintaining law and order, making it a motivational experience for officers.


















