लखीमपुर में बड़ा ऐलान: मियांपुर बना ‘रविंद्रनगर’, बांग्लादेशी हिंदू परिवारों को मिला जमीन का मालिकाना हक
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में शनिवार को मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने एक अहम कार्यक्रम के दौरान कई बड़े फैसलों की घोषणा की। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा गांव मियांपुर का नाम बदलकर ‘रविंद्रनगर’ करने के ऐलान की रही। इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश से आए हिंदू परिवारों को जमीन का मालिकाना हक भी सौंपा।
मियांपुर का नाम बदलकर रविंद्रनगर
मुख्यमंत्री ने मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र के मियांपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अब इस गांव की पहचान बदल दी जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि गांव का नाम अब ‘रविंद्रनगर’ होगा। यह नाम महान साहित्यकार और नोबेल पुरस्कार विजेता Rabindranath Tagore के सम्मान में रखा गया है।

सीएम ने कहा कि पहले इस गांव का नाम ऐसा रखा गया था जो यहां की वास्तविक पहचान से मेल नहीं खाता था। अब इस बदलाव के जरिए यहां रहने वाले लोगों को एक नई पहचान मिलेगी।
331 बांग्लादेशी हिंदू परिवारों को जमीन का हक
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 331 बांग्लादेशी हिंदू परिवारों को भूमि अधिकार पत्र वितरित किए। ये परिवार लंबे समय से यहां रह रहे थे, लेकिन उनके पास जमीन का कानूनी मालिकाना हक नहीं था।
सीएम ने कहा कि इन परिवारों ने कठिन परिस्थितियों में यहां आकर जीवन बसाया, लेकिन उन्हें पहले कभी अधिकार नहीं दिया गया। अब सरकार ने उन्हें उनका हक देने का काम किया है, जिससे वे सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।
थारू जनजाति और स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को भी राहत
मुख्यमंत्री ने पलिया क्षेत्र में भी एक कार्यक्रम को संबोधित किया, जहां उन्होंने थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भूमि अधिकार पत्र दिए। इसके अलावा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के 2350 आश्रित परिवारों को भी जमीन का मालिकाना हक सौंपा गया।
सरकार की ओर से कुल हजारों हेक्टेयर जमीन इन परिवारों को सौंपी गई, जिससे वे अब कानूनी रूप से अपनी जमीन के मालिक बन गए हैं।
1300 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएं
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 1311 करोड़ रुपये की कुल 538 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
356 करोड़ की 345 परियोजनाओं का उद्घाटन
955 करोड़ की 193 परियोजनाओं का शिलान्यास
इन परियोजनाओं में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई काम शामिल हैं, जो जिले के विकास को गति देंगे।
माफिया के खिलाफ सख्त संदेश
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को लेकर भी कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में अपराध और माफियागीरी का बोलबाला था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।
उन्होंने साफ कहा कि जो लोग माफिया बनने की सोच रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में कानून का राज कायम रखने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वन डिस्ट्रिक्ट-वन क्यूजिन योजना का ऐलान
मुख्यमंत्री ने विकास के नए मॉडल के तहत ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन क्यूजिन’ योजना लाने की भी बात कही। इसके जरिए हर जिले के पारंपरिक और प्रसिद्ध व्यंजनों को पहचान दिलाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि इससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय पहचान मजबूत होगी।
लखीमपुर में बेकरी उद्योग को बढ़ावा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्थानीय उद्योग को बढ़ावा देने की भी बात कही। उन्होंने एक उद्योगपति से लखीमपुर में बेकरी प्लांट लगाने का सुझाव दिया, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके।
सीएम ने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसे उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेगी।
थारू जनजाति पर दर्ज मामलों को वापस लेने की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान थारू जनजाति के लोगों पर कई मामले दर्ज किए गए थे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन मामलों की समीक्षा कर उन्हें वापस लिया जाएगा।
उन्होंने इसे जनजातीय समुदाय के सम्मान और न्याय से जोड़ा।
जमीन पर अवैध कब्जे पर सख्ती
सीएम ने यह भी कहा कि अब किसी भी गरीब या कमजोर व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि लोगों के अधिकारों की रक्षा की जाए।
उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य जनता को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देना है।
महापुरुषों के सम्मान में नई पहल
सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि सामाजिक समरसता के लिए काम करने वाले महापुरुषों की प्रतिमाओं का संरक्षण और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
इनमें डॉ. भीमराव अंबेडकर, संत रविदास, ज्योतिबा फुले, महाराणा प्रताप जैसे महान व्यक्तित्व शामिल हैं।
पिछली सरकारों पर निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में पूर्व सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले विकास सीमित क्षेत्रों तक ही रहता था, लेकिन अब सरकार पूरे प्रदेश को परिवार मानकर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि अब योजनाओं का लाभ हर वर्ग तक पहुंचाया जा रहा है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा।
लखीमपुर में मुख्यमंत्री के इस दौरे को कई बड़े फैसलों के लिए याद किया जाएगा। गांव का नाम बदलने से लेकर हजारों परिवारों को जमीन का हक देने तक, यह कार्यक्रम सामाजिक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। सरकार ने विकास, कानून व्यवस्था और सामाजिक न्याय को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट किया।
Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath announced the renaming of Miyapur village to Ravindranagar in Lakhimpur while distributing land ownership rights to Bangladeshi Hindu families and the Tharu community. The government also launched multiple development projects worth over ₹1300 crore and introduced initiatives like One District One Cuisine to boost local identity and employment. This move highlights the UP government’s focus on development, land rights, and social justice.


















