AIN NEWS 1: जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब नेशनल हाईवे पर अचानक भारी भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हो गया। इस प्राकृतिक आपदा ने कुछ ही मिनटों में पूरी सड़क को मलबे के नीचे दबा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर सीधे सड़क पर आ गिरा, जिससे रास्ते से गुजर रहे कई वाहन और यात्री बीच रास्ते में फंस गए।
कैसे हुआ हादसा?
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से इलाके में मौसम खराब बना हुआ था। लगातार बारिश और पहाड़ी इलाकों में नमी के कारण मिट्टी कमजोर हो चुकी थी। इसी बीच अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा खिसक गया और तेज आवाज के साथ सड़क पर आ गिरा। देखते ही देखते हाईवे पर मलबे का ढेर लग गया और आवाजाही पूरी तरह रुक गई।
यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
हादसे के समय कई वाहन इस मार्ग से गुजर रहे थे। भूस्खलन के चलते कुछ वाहन समय रहते रुक गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, कई यात्री घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कुछ यात्रियों ने बताया कि अचानक सड़क बंद हो जाने से उन्हें समझ नहीं आया कि क्या करें। मोबाइल नेटवर्क भी कई जगह कमजोर था, जिससे संपर्क करने में दिक्कत आई। लोग अपने वाहनों में ही इंतजार करने को मजबूर हो गए।
प्रशासन तुरंत हरकत में आया
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत टीमें सक्रिय हो गईं। पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और सड़क निर्माण एजेंसियों की टीमें मौके के लिए रवाना कर दी गईं। अधिकारियों ने बताया कि जल्द से जल्द मलबा हटाने का काम शुरू किया जाएगा ताकि रास्ता फिर से चालू किया जा सके।
भारी मशीनों जैसे जेसीबी और डोजर को भी मौके पर भेजा जा रहा है, जिससे सफाई का काम तेजी से किया जा सके।
राहत और बचाव कार्य जारी
प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित निकालना है। राहत टीमों द्वारा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। जिन यात्रियों को जरूरत है, उन्हें प्राथमिक चिकित्सा और खाने-पीने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जा रही है।
स्थानीय पुलिस ने हाईवे के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी है ताकि कोई भी वाहन इस मार्ग की ओर न बढ़े।
लोगों को दी गई अहम सलाह
प्रशासन ने आम लोगों और यात्रियों से अपील की है कि वे फिलहाल इस मार्ग का इस्तेमाल न करें। जब तक मलबा पूरी तरह हट नहीं जाता और रास्ता सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
साथ ही, पहाड़ी इलाकों में यात्रा करते समय मौसम की जानकारी जरूर लेने और सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।
मौसम भी बना चुनौती
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी इस क्षेत्र में बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में भूस्खलन का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जा सकते हैं।
स्थानीय लोगों में दहशत
इस घटना के बाद आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों में भी डर का माहौल है। कई लोगों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस बार नुकसान ज्यादा बड़ा है।
स्थानीय निवासी प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, जैसे पहाड़ियों की मजबूती, सुरक्षा दीवारें और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम।
यातायात कब तक बहाल होगा?
अधिकारियों के अनुसार, मलबे की मात्रा काफी ज्यादा है, इसलिए रास्ता साफ करने में समय लग सकता है। हालांकि, कोशिश की जा रही है कि जल्द से जल्द कम से कम एक लेन चालू कर दी जाए, ताकि जरूरी आवाजाही शुरू हो सके।
स्थिति का सार (Quick Update)
उरी (बारामूला) हाईवे पर भारी भूस्खलन
पूरी सड़क मलबे से ढकी
यातायात पूरी तरह बंद
कई यात्री रास्ते में फंसे
राहत टीमें मौके पर पहुंच रही हैं
प्रशासन ने मार्ग से दूर रहने की सलाह दी
A massive landslide in Uri, Baramulla district of Jammu and Kashmir has completely blocked the national highway, causing major traffic disruption and leaving several passengers stranded. Authorities have issued a traffic alert and deployed rescue teams to clear debris and ensure safety. This landslide highlights the increasing risk of natural disasters in hilly regions of India, especially during adverse weather conditions.


















