AIN NEWS 1: गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र से एक अहम मामला सामने आया है, जहां मंदिर परिसर में कथित अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है, जिससे पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया है।
यह मामला मोदीनगर थाने से जुड़ा है, जहां 2 मई 2026 को सुबह करीब 7:43 बजे FIR दर्ज की गई। शिकायत गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के एक अधिकारी द्वारा दी गई है, जिन्होंने मंदिर परिसर में हो रहे निर्माण कार्य को नियमों के खिलाफ बताया है।

📍 क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, कस्बा रोड स्थित शिव सनातन धर्म सभा शिव बड़ा मंदिर परिसर में कुछ समय से निर्माण कार्य चल रहा था। यह निर्माण कथित तौर पर बिना अनुमति के किया जा रहा था। प्रशासन का कहना है कि इस निर्माण को पहले भी रोकने के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए थे।
बताया गया कि वर्ष 2012 में ही इस निर्माण को लेकर कार्रवाई की गई थी। उस समय संबंधित विभाग ने निर्माण को अवैध बताते हुए उसे सील भी कर दिया था और निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद, हाल ही में फिर से निर्माण शुरू होने की जानकारी मिली।
⚠️ सील तोड़कर दोबारा निर्माण का आरोप
सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि जिस निर्माण को पहले सील किया गया था, उसे तोड़कर फिर से काम शुरू कर दिया गया। शिकायत में कहा गया है कि 30 जनवरी 2026 को निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि सील को नुकसान पहुंचाकर निर्माण कार्य जारी रखा गया है।
इस स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारी ने इसे नियमों का खुला उल्लंघन माना और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
👤 किसके खिलाफ दर्ज हुई FIR?
इस मामले में मंदिर समिति के अध्यक्ष देवादास मित्तल के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध निर्माण कराया और प्रशासन के आदेशों का पालन नहीं किया।
⚖️ किन धाराओं में मामला दर्ज?
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा सरकारी आदेशों की अवहेलना से संबंधित है।
🚔 पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच उपनिरीक्षक मनीष कुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि अगर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो निर्माण को फिर से रोका जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
🏗️ अवैध निर्माण पर सख्ती
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण लंबे समय से अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चला रहा है। इस मामले को भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में किसी भी प्रकार का निर्माण नियमों के अनुसार ही होना चाहिए।
🧾 पहले भी जारी हो चुके थे नोटिस
इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि संबंधित व्यक्ति को पहले भी नोटिस दिए जा चुके थे। 13 जून 2012 को नोटिस जारी कर निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया, जो कि प्रशासन के लिए चिंता का विषय है।
📢 स्थानीय लोगों में चर्चा
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग प्रशासन की कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं, तो कुछ लोग इसे धार्मिक स्थल से जुड़ा मामला मानकर अलग नजरिए से देख रहे हैं।
🔍 आगे क्या होगा?
अब यह मामला पूरी तरह पुलिस जांच पर निर्भर करेगा। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। साथ ही अवैध निर्माण को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
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An FIR has been filed in Modinagar, Ghaziabad regarding illegal construction inside a temple premises. The Ghaziabad Development Authority accused the temple committee chairman of violating government orders and breaking an official seal to continue unauthorized construction. The case has been registered under BNS Section 223, and police investigation is underway, making it a significant development in illegal construction cases in Uttar Pradesh.


















