AIN NEWS 1: महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अक्सर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जब असल हालात की बात आती है तो तस्वीर कई बार अलग दिखाई देती है। हैदराबाद में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सामने आई शिकायतों के बीच मलकाजगिरी की पुलिस कमिश्नर बी सुमति ने ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे शहर को चौंका दिया। उन्होंने सिर्फ दफ्तर में बैठकर रिपोर्ट पढ़ने के बजाय खुद मैदान में उतरकर सच्चाई जानने का फैसला किया।
रात के करीब 2 से 3 बजे का समय था। दिलसुखनगर इलाके का बस स्टॉप लगभग सुनसान पड़ा था। इसी दौरान एक महिला अकेली बस का इंतजार करती दिखाई दी। देखने वालों को वह एक सामान्य यात्री लगीं, लेकिन वास्तव में वह मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नर बी सुमति थीं, जो महिलाओं की सुरक्षा की हकीकत जानने के लिए अंडरकवर ऑपरेशन चला रही थीं।
In a bold move, newly appointed Malkajgiri CP Sumathi stood alone at city streets past midnight like a common woman to check safety. Nearly 40 men approached her, many drunk, passing vulgar comments and making advances. All detained, counselled, and warned. The move if wideky… pic.twitter.com/ybduybPIxm
— Ashish (@KP_Aashish) May 6, 2026
बस स्टॉप पर शुरू हुई छेड़छाड़
कमिश्नर सुमति कुछ देर तक बस स्टॉप पर खड़ी रहीं। थोड़ी ही देर में वहां संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी। कुछ बाइक सवार उनके आसपास मंडराने लगे, जबकि कुछ लोगों ने गलत तरीके से बातचीत शुरू करने की कोशिश की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कई लोगों ने अभद्र टिप्पणियां भी कीं।
यह पूरा ऑपरेशन बेहद गोपनीय तरीके से चलाया जा रहा था। आसपास सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी पहले से मौजूद थे। SI और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी दूर से हर गतिविधि पर नजर रख रहे थे ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
जैसे ही संदिग्ध गतिविधियां बढ़ीं, पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान करीब 40 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें कई ऐसे लोग भी शामिल थे जो देर रात महिलाओं को परेशान करने और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए गए।
शिकायतों के बाद लिया गया बड़ा फैसला
दरअसल, दिलसुखनगर और आसपास के इलाकों से लंबे समय से महिलाओं से छेड़छाड़ की शिकायतें मिल रही थीं। खासतौर पर हॉस्टल और पीजी में रहने वाली लड़कियों ने देर रात घर लौटते समय असुरक्षित महसूस करने की बात कही थी।
कई महिलाओं ने शिकायत की थी कि रात में शराब या नशे की हालत में घूमने वाले लोग उनका पीछा करते हैं, गलत कमेंट करते हैं और डराने की कोशिश करते हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बी सुमति ने खुद सच्चाई जानने का निर्णय लिया।
1 मई को मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नर का पद संभालने के बाद उन्होंने सबसे पहले महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने अधिकारियों से रिपोर्ट लेने के साथ-साथ खुद मौके पर जाकर हालात समझने की योजना बनाई।
पुलिस कमिश्नर का साहसिक कदम बना चर्चा का विषय
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का बिना सुरक्षा घेरे के देर रात अकेले बस स्टॉप पर खड़ा होना आम बात नहीं है। यही वजह है कि इस ऑपरेशन की चर्चा अब पूरे देश में हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग बी सुमति की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
कई यूजर्स ने उन्हें “लेडी सिंघम” का नाम दिया है। लोगों का कहना है कि अगर अधिकारी इसी तरह खुद मैदान में उतरकर काम करें तो अपराधियों में डर पैदा होगा और आम लोगों का भरोसा पुलिस पर बढ़ेगा।
हिरासत में लिए गए लोगों की होगी काउंसलिंग
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। कई लोगों की काउंसलिंग भी कराई जाएगी ताकि उन्हें महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार की समझ दी जा सके।
पुलिस का कहना है कि सिर्फ गिरफ्तारी करना ही मकसद नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। अधिकारियों के अनुसार, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इलाके में देर रात पुलिस गश्त और निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।
पहले भी चला चुकी हैं ऐसे अभियान
बी सुमति इससे पहले करीमनगर में DSP के पद पर भी काम कर चुकी हैं। वहां भी उन्होंने कई ऐसे अभियान चलाए थे, जिनकी लोगों ने खूब सराहना की थी। सख्त पुलिसिंग और जमीनी स्तर पर काम करने की वजह से उनकी अलग पहचान बनी हुई है।
अब IG रैंक की अधिकारी बनने के बाद भी उन्होंने फील्ड में उतरकर यह संदेश दिया है कि महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनके इस कदम को पुलिसिंग का एक मजबूत उदाहरण माना जा रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस पूरे ऑपरेशन ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर एक वरिष्ठ महिला अधिकारी को भी कुछ ही मिनटों में छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ सकता है, तो आम महिलाओं की स्थिति कितनी मुश्किल होती होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
हालांकि, इस कार्रवाई के बाद स्थानीय महिलाओं में भरोसा जरूर बढ़ा है। लोगों का कहना है कि पुलिस अगर इसी तरह सक्रिय रहे तो सार्वजनिक स्थान महिलाओं के लिए ज्यादा सुरक्षित बनाए जा सकते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
बी सुमति के इस अंडरकवर ऑपरेशन की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। लोग उनकी बहादुरी, फैसले और कार्यशैली की सराहना कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे महिलाओं की सुरक्षा के लिए जरूरी और प्रेरणादायक कदम बताया।
पुलिस विभाग के अंदर भी इस ऑपरेशन को लेकर चर्चा हो रही है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे अभियानों से न सिर्फ अपराधियों में डर पैदा होता है, बल्कि पुलिस को जमीनी सच्चाई समझने का मौका भी मिलता है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बी सुमति का यह कदम अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है और इसे पुलिसिंग के एक साहसिक उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।
Hyderabad Police Commissioner B Sumathi carried out a bold undercover operation in Dilsukhnagar to check women’s safety during late-night hours. Disguised as a lone female passenger at a deserted bus stop, she exposed harassment and suspicious activities happening around women in Hyderabad. The operation resulted in the detention of 40 men and highlighted the growing concerns regarding women’s security in public places at night. The incident has gone viral on social media, where many people are praising B Sumathi’s fearless policing style and calling her the “Lady Singham” of Hyderabad.


















