AIN NEWS 1 : हरियाणा में नगर निगम चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने और लोगों को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 10 मई 2026 को होने वाली निकाय चुनाव की वोटिंग के दिन संबंधित क्षेत्रों के कर्मचारियों को पेड लीव यानी सवैतनिक अवकाश देने का ऐलान किया है। इस संबंध में हरियाणा सरकार की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।
सरकार के इस फैसले से उन हजारों कर्मचारियों को राहत मिलेगी जो निजी कंपनियों, फैक्ट्रियों, दुकानों, कार्यालयों और अन्य संस्थानों में काम करते हैं और मतदान वाले दिन ड्यूटी के कारण वोट डालने से वंचित रह जाते हैं। प्रशासन का कहना है कि लोकतंत्र में मतदान सबसे बड़ा अधिकार है और हर नागरिक को बिना किसी दबाव या परेशानी के वोट डालने का मौका मिलना चाहिए।
किन शहरों में होंगे चुनाव?
हरियाणा सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 10 मई को राज्य के तीन बड़े नगर निगम क्षेत्रों में चुनाव कराए जाएंगे। इनमें शामिल हैं:
अंबाला नगर निगम
पंचकूला नगर निगम
सोनीपत नगर निगम
इन नगर निगमों में मेयर और वार्ड पार्षदों के लिए मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग और जिला प्रशासन ने मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
क्या कहा गया है नोटिफिकेशन में?
हरियाणा के मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों का नाम संबंधित निकाय क्षेत्रों की वोटर लिस्ट में दर्ज है, उन्हें मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि कर्मचारी उस दिन वोट डालने जा सकेंगे और उनकी सैलरी में किसी तरह की कटौती नहीं होगी।
यह आदेश सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ निजी संस्थानों, दुकानों, कंपनियों और अन्य प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों पर भी लागू होगा। सरकार ने सभी नियोक्ताओं से कहा है कि वे कर्मचारियों को मतदान के लिए जरूरी समय उपलब्ध कराएं।
पेड लीव का उद्देश्य क्या है?
हर चुनाव में यह देखा जाता है कि कई लोग कामकाज की व्यस्तता के कारण वोट डालने नहीं पहुंच पाते। खासतौर पर निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी अक्सर छुट्टी न मिलने की वजह से मतदान से दूर रह जाते हैं। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।
सरकार का मानना है कि यदि कर्मचारियों को आधिकारिक रूप से छुट्टी मिलेगी तो मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी होगी और ज्यादा लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा ले पाएंगे।
चुनाव आयोग भी कर रहा जागरूक
हरियाणा राज्य चुनाव आयोग लगातार लोगों से मतदान करने की अपील कर रहा है। प्रशासन की ओर से शहरों में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को वोट की अहमियत समझाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मजबूत लोकतंत्र के लिए जरूरी है कि हर योग्य मतदाता मतदान करे। इसी वजह से सरकार और प्रशासन दोनों मिलकर लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं।
मतदान के दिन क्या रहेगा बंद?
मतदान वाले क्षेत्रों में कई सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में अवकाश रहने की संभावना है। वहीं निजी कंपनियों और व्यावसायिक संस्थानों को भी कर्मचारियों को छुट्टी देने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि आवश्यक सेवाएं जैसे:
अस्पताल
बिजली विभाग
पानी सप्लाई
पुलिस और सुरक्षा सेवाएं
सामान्य रूप से जारी रहेंगी।
सुरक्षा के होंगे कड़े इंतजाम
निकाय चुनावों को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत कर दी है। मतदान केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों की पहचान कर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
इसके अलावा चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड और निगरानी टीमें भी सक्रिय रहेंगी।
मतदान के लिए जरूरी दस्तावेज
मतदान करने के लिए मतदाताओं को अपना पहचान पत्र साथ लेकर जाना होगा। वोटर आईडी कार्ड के अलावा चुनाव आयोग द्वारा मान्य अन्य पहचान पत्र भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
मतदाताओं से अपील की गई है कि वे मतदान केंद्र पर समय से पहुंचें और लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
क्यों अहम हैं ये निकाय चुनाव?
नगर निगम चुनाव स्थानीय विकास और शहरों की बुनियादी सुविधाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। मेयर और पार्षद शहर की सड़क, सफाई, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े फैसले लेते हैं।
इसलिए स्थानीय निकाय चुनावों में जनता की भागीदारी काफी अहम मानी जाती है। राजनीतिक दल भी इन चुनावों को प्रतिष्ठा का सवाल मान रहे हैं और प्रचार अभियान तेज कर चुके हैं।
कर्मचारियों को क्या फायदा मिलेगा?
सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों को कई फायदे मिलेंगे:
बिना वेतन कटौती के मतदान कर सकेंगे
काम के दबाव में वोट डालने से वंचित नहीं होंगे
लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ेगी
निजी कंपनियों में काम करने वालों को राहत मिलेगी
सरकार का संदेश
हरियाणा सरकार ने साफ कहा है कि मतदान हर नागरिक का अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है। इसलिए सभी मतदाता 10 मई को अपने घरों से निकलें और अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट देकर लोकतंत्र को मजबूत बनाएं।
सरकार का यह कदम लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इस फैसले का मतदान प्रतिशत पर कितना असर पड़ता है।
The Haryana Government has announced paid leave for registered voters on May 10, 2026, for the Municipal Corporation elections in Ambala, Panchkula, and Sonipat. The official notification issued by the Chief Secretary aims to encourage maximum voter participation during the Haryana Municipal Elections 2026. Employees working in private companies, shops, factories, and offices will be eligible for paid leave to cast their votes without salary deduction. The elections will be held for Mayor and Ward Councillor posts, with strict security arrangements and voter awareness campaigns underway across Haryana.


















