गुरदासपुर की SDM अनुप्रीत कौर रंधावा हिरासत में, जमीन मुआवजा घोटाले को लेकर बढ़ी हलचल
AIN NEWS 1: पंजाब के प्रशासनिक गलियारों में उस समय हलचल मच गई जब गुरदासपुर में तैनात एसडीएम अनुप्रीत कौर रंधावा को तरनतारन जिले की पट्टी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर–राजस्थान हाईवे परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में कथित वित्तीय गड़बड़ी और करोड़ों रुपये के गबन मामले से जुड़ी बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस टीम ने शुक्रवार सुबह पट्टी स्थित सरकारी आवास पर पहुंचकर एसडीएम को हिरासत में लिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। बताया जा रहा है कि यह मामला करीब 1.63 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर–राजस्थान हाईवे परियोजना के लिए कई किसानों और जमीन मालिकों की भूमि अधिग्रहित की गई थी। सरकार की ओर से प्रभावित लोगों को मुआवजा राशि जारी की जानी थी। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों में गड़बड़ी कर फर्जी तरीके से कुछ खातों में भुगतान किया गया और सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ।
प्रारंभिक जांच में करीब 1.63 करोड़ रुपये के लेनदेन को संदिग्ध माना गया है। पुलिस और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित घोटाले में किन-किन अधिकारियों, कर्मचारियों और निजी लोगों की भूमिका रही है।
सूत्रों का दावा है कि जांच के दौरान कुछ ऐसे दस्तावेज और रिकॉर्ड सामने आए, जिनके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज की। इसी क्रम में एसडीएम अनुप्रीत कौर रंधावा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
सुबह-सुबह सरकारी आवास पहुंची पुलिस
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पट्टी पुलिस की एक टीम सुबह सरकारी आवास पर पहुंची। इसके बाद अधिकारियों से बातचीत की गई और फिर एसडीएम को अपने साथ ले जाया गया। हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान में अभी तक विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
यह भी बताया जा रहा है कि पुलिस लंबे समय से इस मामले की जांच कर रही थी और कई दस्तावेजों की पड़ताल की जा चुकी थी। जांच एजेंसियों ने बैंक रिकॉर्ड, जमीन अधिग्रहण से जुड़े कागजात और भुगतान प्रक्रिया की भी जांच की है।
प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल देखी जा रही है। पंजाब में जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से जुड़े मामलों पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन किसी मौजूदा एसडीएम के खिलाफ इस स्तर की कार्रवाई ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
कई अधिकारी इस मामले पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं, लेकिन अंदरखाने यह चर्चा तेज है कि जांच का दायरा और बढ़ सकता है। यदि जांच में और नाम सामने आते हैं तो आने वाले दिनों में कई अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों पर भी कार्रवाई संभव है।
किसानों के मुआवजे पर उठे सवाल
हाईवे परियोजनाओं के दौरान जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण हमेशा संवेदनशील मुद्दा रहा है। किसानों और जमीन मालिकों की शिकायत रहती है कि कई बार उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलता, जबकि कुछ मामलों में फर्जीवाड़े की आशंका भी सामने आती रही है।
इस मामले ने एक बार फिर सरकारी मुआवजा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए तो कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस कर रही दस्तावेजों की गहन जांच
सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब उन सभी दस्तावेजों की दोबारा जांच कर रही है जिनके आधार पर मुआवजा जारी किया गया था। यह भी देखा जा रहा है कि भुगतान किन खातों में गया और क्या लाभार्थियों की पहचान वास्तविक थी या नहीं।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित गबन की राशि अकेले किसी एक व्यक्ति ने इस्तेमाल की या इसमें एक बड़ा नेटवर्क शामिल था। वित्तीय लेनदेन और सरकारी रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी शुरू
मामले के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने पंजाब सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि यदि सरकारी परियोजनाओं में इस तरह की अनियमितताएं हो रही हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है।
हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और पूरी सच्चाई सामने आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
अभी क्या स्थिति है?
ताजा जानकारी के अनुसार, एसडीएम अनुप्रीत कौर रंधावा से पूछताछ जारी है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस केस में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता यह पता लगाना है कि कथित गबन कैसे हुआ, किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और सरकारी धन किस प्रक्रिया के तहत जारी किया गया।
यह मामला पंजाब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, क्योंकि इसमें सरकारी परियोजना, जमीन अधिग्रहण और करोड़ों रुपये के सार्वजनिक धन का सवाल जुड़ा हुआ है।
Punjab Police has detained Gurdaspur SDM Anupreet Kaur Randhawa in connection with an alleged ₹1.63 crore land acquisition compensation scam related to the Jammu-Kashmir–Rajasthan highway project. The case is being investigated by Tarn Taran Police, which reportedly took the officer into custody from a government residence in Patti. The incident has sparked political and administrative discussions across Punjab regarding transparency in land compensation and government accountability.


















