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मेरठ का ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड: 13 महीने बाद भी बंद मकान और सूखे कपड़े सुना रहे हैं उस खौफनाक रात की कहानी!

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AIN NEWS 1: मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में हुए चर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ को एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन इस घटना की दहशत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। जिस घर में सौरभ कुमार की बेरहमी से हत्या की गई थी, वह मकान आज भी बंद पड़ा है। मकान के बाहर लगा ताला, बरामदे में सूख चुके कपड़े, बिखरा सामान और कोने में खड़ी बच्चों की साइकिल उस भयावह रात की कहानी खुद बयान करती नजर आती है।

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटने, विश्वासघात और इंसानियत को झकझोर देने वाली एक ऐसी वारदात बन चुका है जिसने पूरे मेरठ को हिला दिया था। अब 13 महीने बाद जब इस केस के आरोपी अदालत में पेश हुए, तो एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया।

सन्नाटे में डूबा मकान, जहां वक्त जैसे थम गया

मेरठ के ब्रह्मपुरी स्थित मास्टर कॉलोनी में वह मकान आज भी लोगों के लिए डर का प्रतीक बना हुआ है। पड़ोसियों के मुताबिक, घटना के बाद से घर का दरवाजा शायद ही कभी खुला हो। मकान के बाहर भारी ताला लगा है और अंदर का दृश्य ऐसा है मानो किसी ने अचानक सब कुछ छोड़ दिया हो।

बरामदे में कपड़े सुखाने वाला स्टैंड अब भी वैसे ही रखा है। उस पर टंगे कपड़े महीनों की धूल और धूप से फीके पड़ चुके हैं। वॉशिंग मशीन के पास कपड़ों का ढेर पड़ा है और बच्चों की छोटी साइकिल अब भी दीवार के सहारे खड़ी दिखाई देती है। आसपास रहने वाले लोग बताते हैं कि रात के समय इस गली से गुजरने में भी लोग घबराते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हत्याकांड के बाद इलाके की पहचान ही बदल गई। पहले जहां यह एक सामान्य कॉलोनी थी, वहीं अब लोग इसे “नीला ड्रम वाला घर” कहकर पहचानते हैं।

मकान बेचने की कोशिश भी बेकार

जानकारी के मुताबिक, मकान मालिक इस घर को बेचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इस केस की बदनामी इतनी ज्यादा फैल चुकी है कि कोई भी इस घर को खरीदने को तैयार नहीं है। कई लोगों ने घर देखने के बाद सिर्फ इस वजह से पीछे हटने का फैसला लिया क्योंकि यहां हुई घटना आज भी लोगों के मन में डर पैदा करती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घर का माहौल अब भी अजीब सा लगता है। कई बार लोग घर के सामने रुककर इस घटना की चर्चा करते दिखाई देते हैं।

13 महीने बाद कोर्ट में पेश हुए आरोपी

इस चर्चित हत्याकांड में मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को आखिरकार 21 अप्रैल 2026 को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। लंबे समय बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट लाया गया, क्योंकि पिछले कई महीनों से उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जा रही थी।

अदालत में पेशी के दौरान जब मुस्कान से हत्या से जुड़े सवाल पूछे गए, तो उसने लगभग हर सवाल का जवाब “नहीं” में दिया। उसने दावा किया कि उसने न तो कोई नीला ड्रम खरीदा था और न ही मेडिकल स्टोर से बेहोशी की दवा ली थी।

कोर्ट में पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस को पहले से अंदेशा था कि लोगों का गुस्सा फिर से भड़क सकता है।

पहली पेशी में हुई थी साहिल की पिटाई

इस मामले में इससे पहले 19 मार्च को जब आरोपी साहिल शुक्ला को पहली बार अदालत में पेश किया गया था, तब कोर्ट परिसर में मौजूद कुछ वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा था। आरोप है कि वकीलों ने साहिल की पिटाई कर दी थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।

इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए दोनों आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुरू कर दी थी। करीब एक साल बाद दोनों को फिर से फिजिकल पेशी के लिए कोर्ट लाया गया।

लंदन से लौटा था सौरभ, परिवार के साथ बिताना चाहता था समय

29 वर्षीय सौरभ कुमार मूल रूप से मेरठ के रहने वाले थे और लंदन में नौकरी करते थे। बताया जाता है कि वह 24 फरवरी 2025 को भारत लौटे थे। घर लौटने के बाद उन्होंने परिवार के साथ समय बिताया।

25 फरवरी को उन्होंने अपनी पत्नी मुस्कान का जन्मदिन मनाया और 28 फरवरी को अपनी बेटी का बर्थडे भी धूमधाम से सेलिब्रेट किया। परिवार की तस्वीरें और खुशहाल माहौल देखकर किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही दिनों बाद इतना बड़ा हादसा होने वाला है।

कैसे रची गई हत्या की साजिश

पुलिस जांच के अनुसार, मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला के बीच लंबे समय से संबंध थे। आरोप है कि दोनों ने मिलकर सौरभ को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

3 मार्च 2025 की रात को सौरभ के खाने में कथित तौर पर बेहोशी की दवा मिलाई गई। जब वह बेहोश हो गया, तब उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए दोनों ने बेहद खौफनाक तरीका अपनाया।

बताया गया कि शव के कई टुकड़े किए गए और उन्हें एक बड़े नीले प्लास्टिक ड्रम में भर दिया गया। इसके बाद ऊपर से सीमेंट और मिट्टी डालकर ड्रम को बंद कर दिया गया ताकि किसी को शक न हो।

जब इस पूरी घटना का खुलासा हुआ, तो पूरे मेरठ में सनसनी फैल गई। सोशल मीडिया से लेकर राष्ट्रीय मीडिया तक इस केस की चर्चा होने लगी।

लोगों के जहन में आज भी ताजा है डर

घटना को 13 महीने बीत चुके हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि वे आज भी उस रात को भूल नहीं पाए हैं। कई लोग बताते हैं कि बच्चों को भी उस घर के पास जाने से रोका जाता है।

आसपास रहने वाली महिलाओं का कहना है कि इस घटना ने रिश्तों और भरोसे को लेकर लोगों की सोच बदल दी है। लोगों को यह समझ नहीं आ रहा कि कोई पत्नी अपने पति के साथ इतनी क्रूरता कैसे कर सकती है।

पुलिस जांच और कोर्ट की सुनवाई जारी

फिलहाल इस मामले में अदालत में सुनवाई जारी है। पुलिस पहले ही आरोपियों के खिलाफ कई अहम सबूत जुटाने का दावा कर चुकी है। वहीं बचाव पक्ष लगातार आरोपों को गलत बता रहा है।

अब सभी की नजर कोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है। मेरठ का यह ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि एक ऐसा मामला बन चुका है जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया।

The Meerut Neela Drum Murder Case remains one of the most shocking crime stories in India. The brutal murder of Saurabh Kumar, allegedly planned by Muskan Rastogi and Sahil Shukla, shocked the residents of Meerut and gained nationwide attention. Even after 13 months, the locked house in Brahmpuri, dried clothes on the stand, and ongoing court hearings continue to keep the horrifying Blue Drum Murder Case in the headlines. Authorities are still investigating key evidence while the court proceedings continue under tight security.

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