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रोहिणी कोर्ट विवाद के बाद जज राकेश कुमार का तबादला, वकीलों में नाराज़गी तेज, दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश जारी!

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दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में जज और वकील के बीच विवाद के बाद बड़ा एक्शन, हाईकोर्ट ने जारी किया तबादला आदेश

AIN NEWS 1: दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में जज और वकील के बीच हुई तीखी बहस का मामला अब तूल पकड़ चुका है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने तत्काल प्रभाव से अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (Additional Sessions Judge) राकेश कुमार-V का तबादला कर दिया है। इस घटना के बाद न्यायिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और रोहिणी कोर्ट के वकीलों में भी भारी नाराज़गी देखी जा रही है।

बताया जा रहा है कि अदालत के भीतर हुई बहस के दौरान कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल हुआ। इस पूरी घटना का वीडियो एक वकील द्वारा रिकॉर्ड किया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया और न्यायपालिका की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, रोहिणी कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज राकेश कुमार और एक अधिवक्ता के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस काफी तीखी हो गई। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण माहौल दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।

हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं हुई है, लेकिन इसके वायरल होने के बाद बार एसोसिएशन और न्यायिक समुदाय में हलचल मच गई। कई वकीलों ने इस व्यवहार को अदालत की गरिमा के खिलाफ बताया और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।

दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया ट्रांसफर ऑर्डर

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा 17 मई 2026 को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, जज राकेश कुमार-V को रोहिणी स्थित जिला न्यायाधीश-04 के पद से हटाकर दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी में अटैच कर दिया गया है। वहीं, उनकी जगह धीरज मित्तल को नियुक्त किया गया है।

हाईकोर्ट के आदेश में कहा गया है कि यह तबादला तत्काल प्रभाव से लागू होगा। आदेश पर रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज के हस्ताक्षर हैं।

आदेश में क्या कहा गया?

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक:

धीरज मित्तल को दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी से ट्रांसफर कर रोहिणी कोर्ट में जिला जज-04 नियुक्त किया गया है।

राकेश कुमार-V को दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी में डाइवर्टेड कैपेसिटी में अटैच किया गया है।

जिन मामलों में फैसला सुरक्षित रखा गया है, उन मामलों के आदेश 2 से 3 सप्ताह के भीतर सुनाने के निर्देश दिए गए हैं।

संबंधित मामलों की तारीखें कोर्ट की कॉज लिस्ट और वेबसाइट पर जारी की जाएंगी।

वकीलों ने किया विरोध का ऐलान

इस पूरे विवाद के बाद रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के वकीलों ने सोमवार को न्यायिक कार्य से दूर रहने का फैसला किया है। वकीलों का कहना है कि अदालतों में गरिमा और पेशेवर व्यवहार बनाए रखना बेहद जरूरी है।

कुछ अधिवक्ताओं ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और वीडियो की पूरी सच्चाई सामने लाई जाए। वहीं कुछ वकीलों का कहना है कि कोर्ट परिसर में इस तरह की घटनाएं न्याय व्यवस्था की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग जज के तबादले को सही कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि पूरी घटना की निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्रवाई होनी चाहिए थी।

कई यूजर्स ने अदालतों में बढ़ते तनावपूर्ण माहौल और न्यायिक शिष्टाचार को लेकर चिंता जताई है। वहीं कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं न्यायपालिका और वकालत पेशे दोनों की छवि पर असर डालती हैं।

न्यायपालिका की गरिमा पर उठे सवाल

यह मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने अदालतों के भीतर संवाद और व्यवहार को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। न्यायपालिका को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है और ऐसे में अदालत के भीतर होने वाली हर घटना सार्वजनिक विश्वास से जुड़ जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जज और वकीलों के बीच आपसी सम्मान न्यायिक प्रक्रिया की बुनियाद होता है। ऐसे मामलों में संतुलित और पारदर्शी कार्रवाई बेहद जरूरी होती है ताकि न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे।

आगे क्या?

फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट का ट्रांसफर आदेश लागू हो चुका है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या मामले में आगे कोई विभागीय जांच होगी या नहीं। साथ ही बार एसोसिएशन की आगामी रणनीति पर भी कानूनी जगत की नजर बनी हुई है।

रोहिणी कोर्ट में सोमवार को वकीलों के विरोध प्रदर्शन और न्यायिक कार्य बहिष्कार का असर देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

The Delhi High Court has transferred Rohini Court Additional Sessions Judge Rakesh Kumar after a viral video allegedly showed a heated argument between the judge and a lawyer inside the courtroom. The incident sparked strong reactions within Delhi’s legal community, leading Rohini Court lawyers to announce a protest and boycott of judicial work. The official transfer order issued by the Delhi High Court on May 17, 2026, reassigned Judge Rakesh Kumar to the Delhi Judicial Academy while appointing Dheeraj Mittal as District Judge-04 in Rohini Court. The controversy has intensified discussions around courtroom conduct, judicial discipline, and lawyer-judge relations in Delhi courts.

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