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ससुराल को बनाया चोरी का अड्डा! ड्राइवर दामाद ने पत्नी और साली संग रची 13 लाख की चोरी की साजिश!

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दुर्ग पुलिस ने किया अंतर्राज्यीय ‘दामाद गैंग’ का पर्दाफाश, 13 लाख की चोरी का खुलासा

AIN NEWS 1: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ड्राइवर दामाद ने अपनी ही ससुराल को चोरी के नेटवर्क का अड्डा बना दिया। आरोपी दिन में सूने मकानों की रेकी करता था और रात होते ही अपने साथी के साथ चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। सबसे हैरानी की बात यह रही कि इस पूरे खेल में उसकी पत्नी और साली भी शामिल थीं, जो चोरी के जेवर और सामान को बाजार में बेचने का काम करती थीं।

दुर्ग पुलिस ने लंबे समय तक चली जांच, तकनीकी निगरानी और करीब 1600 CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद इस गैंग का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।

कैसे शुरू हुई जांच?

पिछले कुछ महीनों से दुर्ग, भिलाई और आसपास के इलाकों में लगातार घरों में चोरी की घटनाएं बढ़ रही थीं। खासकर ऐसे मकानों को निशाना बनाया जा रहा था, जहां परिवार बाहर गया हो या घर लंबे समय से बंद पड़ा हो।

लगातार हो रही वारदातों से स्थानीय लोग परेशान थे। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से चोरी करते थे और हर वारदात के बाद तुरंत इलाके से गायब हो जाते थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई। टीम ने अलग-अलग इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज जुटानी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने लगभग 1600 कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली, जिसके बाद आरोपियों की गतिविधियां सामने आने लगीं।

ड्राइवर की नौकरी की आड़ में करता था रेकी

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी नौशाद पेशे से ड्राइवर था। नौकरी के कारण वह अलग-अलग कॉलोनियों और शहर के कई इलाकों में आसानी से घूमता रहता था। इसी का फायदा उठाकर वह दिन के समय ऐसे मकानों की पहचान करता था, जहां लोग मौजूद न हों।

वह यह भी देखता था कि घर में CCTV कैमरे लगे हैं या नहीं, आसपास की गतिविधियां कैसी हैं और किस समय इलाके में सन्नाटा रहता है। पूरी जानकारी जुटाने के बाद वह रात में अपने साढ़ू के साथ चोरी की वारदात को अंजाम देता था।

पुलिस के मुताबिक आरोपी बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करते थे। वारदात के लिए वे अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल करते थे ताकि किसी को शक न हो।

पत्नी और साली निभाती थीं अहम भूमिका

जांच में यह भी सामने आया कि नौशाद की पत्नी और उसकी साली भी इस गिरोह का हिस्सा थीं। चोरी के बाद जो सोने-चांदी के जेवर, नकदी और अन्य कीमती सामान मिलते थे, उन्हें बेचने की जिम्मेदारी दोनों महिलाओं की होती थी।

पुलिस के अनुसार आरोपी महिलाएं चोरी का माल स्थानीय ज्वेलर्स और अन्य लोगों को बेच देती थीं ताकि किसी को शक न हो। चोरी के पैसों को आपस में बांट लिया जाता था।

महिलाओं की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया।

ससुराल में रहकर चलाता था पूरा नेटवर्क

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मुख्य आरोपी अपनी ससुराल में रहकर पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था। पुलिस को शुरुआत में उस पर शक नहीं हुआ क्योंकि वह सामान्य पारिवारिक व्यक्ति की तरह रह रहा था।

लेकिन CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध गतिविधियों की जांच के बाद पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।

जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने ससुराल को सुरक्षित ठिकाने की तरह इस्तेमाल किया, जहां चोरी के बाद सामान भी छिपाया जाता था।

13 लाख से ज्यादा का माल बरामद

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सोने-चांदी के जेवर, नकदी और अन्य कीमती सामान बरामद किया है। बरामद माल की कुल कीमत 13 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल किए गए कुछ उपकरण और वाहन भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अभी मामले की जांच जारी है और संभावना है कि आरोपियों ने अन्य जिलों में भी इसी तरह की कई वारदातों को अंजाम दिया हो।

फरार आरोपी की तलाश जारी

गिरोह का एक सदस्य, जो मुख्य आरोपी का साढ़ू बताया जा रहा है, फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस अन्य राज्यों से भी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है।

CCTV बना पुलिस की सबसे बड़ी ताकत

इस मामले में सबसे अहम भूमिका CCTV कैमरों ने निभाई। पुलिस ने लगातार कई दिनों तक फुटेज का विश्लेषण किया और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों को ट्रैक किया।

करीब 1600 कैमरों की रिकॉर्डिंग देखने के बाद पुलिस आरोपियों की पहचान तक पहुंच सकी। यही वजह रही कि इतनी शातिर योजना के बावजूद आरोपी ज्यादा दिनों तक बच नहीं सके।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और कॉलोनियों में CCTV कैमरे जरूर लगवाएं और सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें।

इलाके में फैली थी दहशत

लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से दुर्ग और भिलाई के कई इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल था। खासकर वे परिवार ज्यादा परेशान थे जो नौकरी या अन्य कारणों से घर बंद छोड़कर बाहर जाते थे।

गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय अन्य अपराधियों को भी सख्त संदेश जाएगा।

पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अजनबी लोगों पर नजर रखें, लंबे समय तक घर बंद होने की जानकारी सार्वजनिक न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

पुलिस का कहना है कि तकनीक और जनता के सहयोग से अपराध पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

Durg Police in Chhattisgarh successfully busted an interstate theft gang operated by a driver who secretly used his in-laws’ house as a base for criminal activities. The accused, along with his wife and sister-in-law, allegedly planned and executed multiple house burglaries worth more than ₹13 lakh. Police officials scanned nearly 1600 CCTV cameras to track the gang’s movements and recover stolen gold jewellery, cash, and valuables. The shocking theft case from Bhilai and Durg has now become a major crime news story in Chhattisgarh, highlighting the role of technology and CCTV surveillance in solving organized burglary cases.

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