जेवर एयरपोर्ट से पहली उड़ान का इंतजार खत्म, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू होगी कमर्शियल फ्लाइट सेवा
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब उड़ान भरने के लिए तैयार है। जेवर स्थित इस अत्याधुनिक एयरपोर्ट से 15 जून से कमर्शियल फ्लाइट सेवाओं की शुरुआत होने जा रही है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश को एक नया और बड़ा एविएशन हब मिलने जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सबसे पहले घरेलू एयरलाइन कंपनी इंडिगो अपनी सेवाएं शुरू करेगी। पहली फ्लाइट लखनऊ से जेवर एयरपोर्ट पहुंचेगी, जिसके बाद यहां से नियमित उड़ानों का संचालन शुरू हो जाएगा।
यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के लिए एक बड़ा विकल्प साबित होने की उम्मीद है। लंबे समय से यात्रियों और उद्योग जगत को इस एयरपोर्ट के शुरू होने का इंतजार था।
लखनऊ से पहुंचेगी पहली फ्लाइट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल उड़ान उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़ेगी। जानकारी के अनुसार, इंडिगो की पहली फ्लाइट सुबह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना होकर जेवर एयरपोर्ट पहुंचेगी।
इसके बाद नोएडा एयरपोर्ट से पहली नियमित उड़ान बेंगलुरु के लिए संचालित की जाएगी। शुरुआती चरण में घरेलू उड़ानों पर फोकस रहेगा, जबकि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार किया जाएगा।
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को यहां आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे यह देश के प्रमुख एयरपोर्ट में शामिल हो सके।
यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई रफ्तार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल है। यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में बनाया जा रहा है।
जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों को फायदा मिलेगा। अभी तक बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर निर्भर थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार, उद्योग, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा।
पहले चरण में तैयार हुआ एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण पूरा हो चुका है। इस चरण में एक रनवे, आधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर तैयार किया गया है।
पहले चरण में एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता करीब 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी। भविष्य में यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा।
योजना के अनुसार, एयरपोर्ट को चार चरणों में विकसित किया जाना है। सभी चरण पूरे होने के बाद इसकी क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी और यह दुनिया के बड़े एयरपोर्ट की श्रेणी में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
चार चरणों में होगा विस्तार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास की योजना लंबी अवधि को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
पहले चरण के बाद आने वाले वर्षों में एयरपोर्ट की क्षमता लगातार बढ़ाई जाएगी। वर्ष 2031 तक इसकी क्षमता करीब 3 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके बाद 2036 तक इसे लगभग 5 करोड़ और 2040 तक करीब 7 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता वाला एयरपोर्ट बनाने की योजना है।
इस विस्तार के साथ जेवर एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल हो सकता है।
उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
जेवर एयरपोर्ट केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास का बड़ा केंद्र बन सकता है।
एयरपोर्ट के आसपास कई औद्योगिक परियोजनाएं विकसित हो रही हैं। लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के कारण कंपनियां भी इस क्षेत्र में निवेश करने के लिए आकर्षित हो सकती हैं।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
जेवर एयरपोर्ट को आधुनिक तकनीक और बेहतर यात्री सुविधाओं के साथ तैयार किया जा रहा है।
यहां यात्रियों के लिए बेहतर चेक-इन सिस्टम, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, आरामदायक टर्मिनल और डिजिटल सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
एयरपोर्ट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि भविष्य में बढ़ती यात्रियों की संख्या को आसानी से संभाला जा सके।
दिल्ली एयरपोर्ट का दबाव होगा कम
दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लगातार बढ़ते यात्रियों के दबाव को देखते हुए जेवर एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण विकल्प साबित होगा।
दिल्ली-एनसीआर के दक्षिण और पश्चिमी हिस्सों के अलावा उत्तर प्रदेश के कई जिलों के यात्रियों को भी अब हवाई यात्रा के लिए नया विकल्प मिलेगा।
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और भविष्य में प्रस्तावित परिवहन परियोजनाओं से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच और आसान होने की उम्मीद है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुरू होना उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। जेवर एयरपोर्ट न केवल हवाई यात्रा को आसान बनाएगा बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
15 जून से शुरू होने वाली उड़ान सेवाओं के साथ उत्तर प्रदेश देश के एविएशन नक्शे पर और मजबूत स्थिति में आने जा रहा है। आने वाले वर्षों में जेवर एयरपोर्ट रोजगार, व्यापार और कनेक्टिविटी का बड़ा केंद्र बन सकता है।
Noida International Airport, also known as Jewar Airport, is set to begin commercial flight operations from June 15. The first flights will be operated by IndiGo, connecting Jewar with major domestic destinations. The airport is expected to become a major aviation, logistics, and business hub for Uttar Pradesh and the Delhi NCR region, improving connectivity and boosting economic growth.


















