Yoga Day 2026: झांसी में योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम, लेकिन मुख्य आयोजन को लेकर वायरल दावे की पूरी पड़ताल
AIN NEWS 1: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के मौके पर उत्तर प्रदेश के झांसी में आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि झांसी ही उत्तर प्रदेश में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम स्थल था। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के योग कार्यक्रम में शामिल होने की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए।
हालांकि, इस दावे की जांच करने पर तस्वीर कुछ अलग नजर आती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का झांसी में योग कार्यक्रम में शामिल होना सही है, लेकिन झांसी को पूरे देश के स्तर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम का स्थान बताना भ्रामक है।

झांसी में CM योगी ने किया सामूहिक योगाभ्यास
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के झांसी में बड़े स्तर पर योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने लोगों के साथ योगाभ्यास करते हुए स्वस्थ जीवनशैली और नियमित योग के महत्व का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न योग आसनों का अभ्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने की प्राचीन भारतीय परंपरा है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, क्योंकि यह कई बीमारियों से बचाव में मददगार साबित हो सकता है।
क्या झांसी था अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य केंद्र?
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम झांसी में हुआ। लेकिन यह दावा पूरी तरह सही नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार अलग स्थान निर्धारित करती है। 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय आयोजन को लेकर झांसी को मुख्य स्थल बताने वाला दावा गलत पाया गया।
झांसी में आयोजित कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से किया गया एक महत्वपूर्ण आयोजन था, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी रही। लेकिन इसे देश के आधिकारिक मुख्य कार्यक्रम के रूप में पेश करना सही नहीं है।
योग दिवस की शुरुआत और महत्व
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र में योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे भारी समर्थन मिला।
योग दिवस का उद्देश्य पूरी दुनिया में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
हर साल इस अवसर पर भारत सहित दुनिया के कई देशों में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
उत्तर प्रदेश में योग दिवस को लेकर विशेष तैयारियां
उत्तर प्रदेश में हर वर्ष योग दिवस को बड़े स्तर पर मनाया जाता है। राज्य सरकार की ओर से विभिन्न जिलों में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
झांसी जैसे ऐतिहासिक शहर में मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को खास बना दिया। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, व्यवस्था और लोगों की भागीदारी को लेकर विशेष इंतजाम किए गए।
हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और फिटनेस का संदेश दिया।
वायरल दावे पर फैक्ट चेक का निष्कर्ष
वायरल दावे में दो अलग-अलग बातों को जोड़ दिया गया है। पहली बात यह कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी में योग कार्यक्रम में शामिल हुए — यह तथ्य सही है।
दूसरी बात यह कि झांसी ही 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम स्थल था — यह दावा सही नहीं पाया गया।
इसलिए इस खबर को आंशिक रूप से सही लेकिन भ्रामक जानकारी वाली खबर कहा जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर झांसी में आयोजित कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के प्रमुख योग आयोजनों में से एक रहा, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाग लिया। हालांकि, झांसी को राष्ट्रीय स्तर के मुख्य योग दिवस कार्यक्रम का स्थल बताना सही नहीं है।
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली ऐसी खबरों को साझा करने से पहले तथ्यों की जांच करना जरूरी है, ताकि सही जानकारी लोगों तक पहुंच सके।
International Yoga Day 2026 witnessed several major yoga events across India. Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath participated in a mass yoga programme in Jhansi, promoting health, fitness, and the importance of Yoga Day celebrations. However, viral claims suggesting Jhansi was the official main event location of the 12th International Yoga Day were found misleading. This Yoga Day 2026 fact check highlights CM Yogi’s Jhansi yoga event, Uttar Pradesh yoga celebrations, and the reality behind the viral social media claim.


















