AIN NEWS 1 मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले में पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता के आरोप में एक सिपाही के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मोतिहारी जिलाबल में तैनात सिपाही संख्या-647 आशिष कुमार तिवारी को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक बयान देने और विभागीय आचार नियमों का उल्लंघन करने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि सिपाही आशिष कुमार तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद की मर्यादा के विपरीत जाकर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर ऐसे बयान दिए, जिससे बिहार पुलिस और राज्य सरकार की छवि प्रभावित हुई।

पुलिस विभाग के अनुसार, ग्राम बिलौटी, थाना शाहपुर, जिला भोजपुर में हुई एक घटना के संदर्भ में सिपाही आशिष कुमार तिवारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो और बयान जारी किए थे। विभाग का कहना है कि उनके बयान सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली-2026 के प्रावधानों के खिलाफ पाए गए।
सोशल मीडिया बयान को लेकर जांच में दोषी पाए गए
जारी आदेश के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), पुलिस केंद्र मोतिहारी से कराई गई थी। जांच के दौरान सिपाही आशिष कुमार तिवारी को अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया गया, लेकिन उन्होंने अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने माना कि सिपाही ने अपने कर्तव्य से हटकर अनुशासनहीन व्यवहार किया और पुलिस विभाग की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाला आचरण किया। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और आगे की विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पहले भी विवादों में रहा है सिपाही का नाम
मोतिहारी पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में सिपाही आशिष कुमार तिवारी के पुराने विभागीय रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस के मुताबिक, इससे पहले भी उनके खिलाफ अनुशासनहीनता के मामले सामने आ चुके हैं।
पहला मामला वर्ष 2023 का बताया गया है। हरपुर थाना क्षेत्र में रिजर्व गार्ड के रूप में तैनाती के दौरान 7 जनवरी 2023 की रात सिपाही आशिष कुमार तिवारी पर थाना परिसर में पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था।
पुलिस के अनुसार, उस दौरान उन्होंने कथित रूप से मारपीट करने की कोशिश की और रायफल खोजने लगे। रायफल नहीं मिलने पर चाकू से हमला कर होमगार्ड जवान सुरेश राम को घायल करने का आरोप लगाया गया था।
इस मामले में विभागीय जांच के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। विभाग ने एक कलंक और छह महीने की वेतन वृद्धि रोकने जैसी सजा दी थी।
पिपराकोठी थाना मामले में भी हुई थी कार्रवाई
प्रेस विज्ञप्ति में वर्ष 2024 के एक अन्य मामले का भी जिक्र किया गया है। पुलिस के अनुसार, जब आशिष कुमार तिवारी पिपराकोठी थाना में पैंथर टीम में तैनात थे, तब 16 अगस्त 2024 की रात थाना परिसर में हंगामा करने का आरोप लगा था।
आरोप है कि उन्होंने थाना पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद चौकीदार द्वारा पूछताछ किए जाने पर उन्होंने कथित तौर पर सरकारी पिस्टल निकालकर उसे डराने का प्रयास किया और फायरिंग की।
पुलिस के मुताबिक, इस घटना में चौकीदार बाल-बाल बच गया। वहीं, मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारियों ने स्थिति को संभाला। इस मामले में पिपराकोठी थाना में कांड संख्या-173/24 दर्ज किया गया था।
इस केस में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। विभागीय कार्रवाई के बाद उनके खिलाफ दो साल की वेतन वृद्धि रोकने की सजा दी गई थी। पुलिस के अनुसार, इस मामले में न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है और मामला अभी विचाराधीन है।
विभाग ने दोबारा दिखाई सख्ती
मोतिहारी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग में अनुशासन और सेवा नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा पद की गरिमा के विपरीत कार्य करने या विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले आचरण को गंभीरता से लिया जाएगा।
सिपाही आशिष कुमार तिवारी के मामले में भी विभाग ने जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद निलंबन की कार्रवाई की है। अब विभागीय जांच के दौरान आरोपों और संबंधित पक्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मोतिहारी पुलिस ने कहा है कि पुलिस बल की छवि बनाए रखना और जनता के प्रति जिम्मेदारी निभाना हर पुलिसकर्मी का कर्तव्य है। विभाग अनुशासनहीनता के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करता रहेगा।
(नोट: पुलिस विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर यह खबर तैयार की गई है। इसमें लगाए गए आरोप विभागीय बयान के अनुसार हैं। अंतिम निष्कर्ष विभागीय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होंगे।)
Motihari Police has taken disciplinary action against constable Ashish Kumar Tiwari for allegedly violating Bihar Government Servant Conduct Rules through objectionable social media statements. The East Champaran Police department suspended the constable and started a departmental inquiry. The case has attracted attention due to previous disciplinary records and allegations related to misconduct while serving in Bihar Police. This latest Bihar Police action highlights the department’s focus on maintaining discipline, professionalism, and public trust.


















