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मुजफ्फरनगर में कथित धर्मांतरण गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 महिलाओं समेत 12 गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश जारी!

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AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कथित धर्मांतरण से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच महिलाओं सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि यह समूह लोगों को बीमारी ठीक करने, आर्थिक सहायता, मकान बनवाने और विवाह में सहयोग जैसे प्रलोभन देकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

यह मामला मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव जड़ौदा का है। पुलिस के अनुसार गांव में कुछ दिनों से धार्मिक सभाएं आयोजित की जा रही थीं, जिनमें लोगों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने की कोशिश की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और 12 लोगों को हिरासत में ले लिया।

शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस

इस पूरे मामले की शुरुआत स्थानीय निवासी रवि चौधरी की शिकायत से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि गांव के बाहर आयोजित एक सभा में लोगों को मुफ्त इलाज, गंभीर बीमारियों से छुटकारा दिलाने, मकान बनवाने, आर्थिक मदद देने और शादी के लिए धन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया जा रहा था। साथ ही प्रार्थना के माध्यम से बीमारी ठीक होने के दावे भी किए जा रहे थे।

शिकायत मिलने के बाद मंसूरपुर थाना पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। थाना प्रभारी विपिन त्यागी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में दंपति भी शामिल

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक दंपति भी शामिल है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार लोगों में संजीव, उसकी पत्नी संगीता, पूजा, प्रभुदयाल, मोनू, आशु, चांदनी, सरिता, अमरीश, कार्तिक, कनक, शीशपाल और प्रवीण के नाम सामने आए हैं। इनमें से 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि कुछ अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की भूमिका की अलग-अलग जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन किस स्तर पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

मौके से क्या-क्या बरामद हुआ

छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन धार्मिक पुस्तकें, छह मोबाइल फोन और तीन डायरी बरामद की हैं। पुलिस इन मोबाइल फोन और डायरी की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके संपर्क किन लोगों से थे, कार्यक्रमों की योजना कैसे बनाई जाती थी और क्या किसी प्रकार की फंडिंग या बाहरी नेटवर्क से इनका संबंध था।

डिजिटल साक्ष्यों की भी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

पुलिस की जांच कई अहम बिंदुओं पर

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। यह टीम पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण में तथा क्षेत्राधिकारी खतौली रूपाली राव के नेतृत्व में जांच करेगी।

जांच के दौरान पुलिस निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दे रही है—

कथित धर्मांतरण अभियान का संचालन कौन कर रहा था।

कार्यक्रमों के लिए धन कहां से आ रहा था।

धार्मिक साहित्य कहां से उपलब्ध कराया गया।

आरोपियों को प्रशिक्षण किसने दिया।

क्या यह नेटवर्क अन्य जिलों तक भी फैला हुआ है।

अब तक कितने लोगों से संपर्क किया गया।

मास्टरमाइंड की तलाश

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मुनीश नाम के एक व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिसे इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि उसके बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उसकी भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

कानून के तहत दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस कथित नेटवर्क का संबंध किसी बड़े संगठन या दूसरे राज्यों से भी है।

अभी आरोप हैं, अंतिम फैसला अदालत करेगी

पुलिस की कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि गिरफ्तार सभी लोग अभी आरोपी हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में सिद्ध होना बाकी हैं। जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही किसी की कानूनी जिम्मेदारी तय होगी।

पुलिस ने लोगों से की अपील

मुजफ्फरनगर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में किसी भी प्रकार के प्रलोभन, धोखाधड़ी या दबाव के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही हो तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि हर शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस पूरे मामले ने जिले में चर्चा का विषय बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं, इनके पीछे कौन लोग सक्रिय थे और क्या यह नेटवर्क केवल जड़ौदा गांव तक सीमित था या इसका दायरा अन्य क्षेत्रों तक भी फैला हुआ था। आने वाले दिनों में जांच पूरी होने के बाद कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।

Muzaffarnagar Religious Conversion Case has become one of the most discussed law and order issues in Uttar Pradesh after police arrested 12 accused, including five women, for allegedly attempting religious conversion by offering money, medical treatment, housing assistance, and marriage support. The Uttar Pradesh Police have launched a detailed investigation to identify the alleged mastermind, trace funding sources, and determine the extent of the network operating in Jadoda village. The case is being investigated under the Uttar Pradesh Prohibition of Unlawful Religious Conversion Act, 2021.

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